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Agra News: जीवित को मृत दिखाकर दूसरे के नाम कर दी जमीन
Mon, 08 Jul 2024 10:49 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 08 Jul 2024 10:49 PM IST
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किशनी। प्रशासन की तमाम कवायदों के बावजूद तहसील में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तहसील के एक लेखपाल ने दूसरे पक्ष से मिलकर जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर जमीन विरासत में दर्ज कर दी। जमीन के मालिक के खुद को जिंदा बताने पर मामले का खुलासा हुआ।
तहसील क्षेत्र के मुड़ौसी में गाटा संख्या 26/1.214 हेक्टेयर के खाता संख्या 842 पर श्रीकृष्ण जाटव पुत्र रामचरन निवासी देवपुरा का नाम दर्ज है। कुछ दिनों पूर्व श्रीकृष्ण खतौनी निकलवाने तहसील आए तो उनकी जगह रमेश व उमेश पुत्रगण श्रीकृष्ण निवासी देवपुरा के नाम से दर्ज खतौनी निकली। वह हैरान रह गए। इसकी शिकायत एसडीएम से की तो उन्होंने राजस्व निरीक्षक को जांच के आदेश दे दिए। श्रीकृष्ण का आरोप है कि उनके गांव से बाहर रहने के कारण क्षेत्रीय लेखपाल ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर देवपुरा के दो लोगों को श्रीकृष्ण का बारिस बनाकर जमीन उनके नाम दर्ज कर दी।
जाति अलग लेकिन लेखपाल का दखल
किशनी। पात्र की जमीन का दूसरे के नाम करने में लेखपाल ने सभी मानक ताक पर रख दिए। उसने दोनों पक्षों की जाति का भी संज्ञान नहीं लिया। जमीन के असली मालिक श्रीकृष्ण जो 24 अगस्त 1978 को 57 ख के क्रम संख्या तीन पर पट्टा आवंटन के अभिलेखों में दर्ज हैं वहीं पर उनकी जाति जाटव भी दर्ज है। जमीन पर के वारिसान दर्ज किए गए रमेश व उमेश की जाति दिवाकर हैं।
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मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित की जवाबदेही तय करके सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरव कुमार, तहसीलदार
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तहसील क्षेत्र के मुड़ौसी में गाटा संख्या 26/1.214 हेक्टेयर के खाता संख्या 842 पर श्रीकृष्ण जाटव पुत्र रामचरन निवासी देवपुरा का नाम दर्ज है। कुछ दिनों पूर्व श्रीकृष्ण खतौनी निकलवाने तहसील आए तो उनकी जगह रमेश व उमेश पुत्रगण श्रीकृष्ण निवासी देवपुरा के नाम से दर्ज खतौनी निकली। वह हैरान रह गए। इसकी शिकायत एसडीएम से की तो उन्होंने राजस्व निरीक्षक को जांच के आदेश दे दिए। श्रीकृष्ण का आरोप है कि उनके गांव से बाहर रहने के कारण क्षेत्रीय लेखपाल ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर देवपुरा के दो लोगों को श्रीकृष्ण का बारिस बनाकर जमीन उनके नाम दर्ज कर दी।
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जाति अलग लेकिन लेखपाल का दखल
किशनी। पात्र की जमीन का दूसरे के नाम करने में लेखपाल ने सभी मानक ताक पर रख दिए। उसने दोनों पक्षों की जाति का भी संज्ञान नहीं लिया। जमीन के असली मालिक श्रीकृष्ण जो 24 अगस्त 1978 को 57 ख के क्रम संख्या तीन पर पट्टा आवंटन के अभिलेखों में दर्ज हैं वहीं पर उनकी जाति जाटव भी दर्ज है। जमीन पर के वारिसान दर्ज किए गए रमेश व उमेश की जाति दिवाकर हैं।
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मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित की जवाबदेही तय करके सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरव कुमार, तहसीलदार