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Agra News: केवल 4 घंटे ही जिला चिकित्सालय में संचालित रहती है लैब
Tue, 19 Sep 2023 11:33 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 19 Sep 2023 11:33 PM IST
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कासगंज। जिले में बुखार की महामारी चल रही है। जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। डेंगू, मलेरिया, टायफाइड के मरीज लगातार निकल रहे हैं। जिला अस्पताल में इस समय बुखार की जांच कराने में मरीजों के पसीने छूट रहे हैं, केवल 4 घंटे ही पेथोलॉजी लैब संचालित होती है और यहां मरीजों की भीड़ लगी रहती है। सैंपल देने और जांच रिपोर्ट पाने में मरीजों को दिक्कतें होती हैं। जिला अस्पताल की लैब में पेथोलॉजिस्ट तैनात नहीं है। टैक्निशियन के सहारे ही लैब संचालित है।
जिला अस्पताल की लैब सुबह 8 बजे खुलती है और दोपहर 12 बजे तक सैंपल एकत्रित किए जाते हैं। लैब में कर्मियों की कमी है। मलेरिया, टायफाइड, डेंगू की टेस्टिंग के अलावा एलएफटी, केएफटी के अलावा यूरियन जांच भी की जाती है। पेथोलॉजिस्ट की कमी के कारण टैक्निशियन ही जांच कर रहे हैं। डाटा एंट्रीऑपरेटर की तैनाती भी नहीं है जिससे एंट्री में समय लगता है। दूसरे पटल पर तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर का सहयोग लिया जाता है। सबसे अहम सवाल है कि जिला अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों की रिपोर्ट उसी दिन नहीं मिल पाती। करीब आधे मरीजों को रिपोर्ट अगले दिन मिल पाती है। मंगलवार को 305 मरीज के रक्त के नमूने लैब पर संग्रहित किए गए। जिनमें से 162 जांचें हीं हो पाईं। जांच कराने के लिए काफी दिक्कतें हो रही हैं। महामारी के इस समय में अतिरिक्त जांच की व्यवस्था की जरूरत है, लेकिन कर्मियों की कमी के कारण संभव नहीं हो पा रहा है।
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जिला अस्पताल की लैब सुबह 8 बजे खुलती है और दोपहर 12 बजे तक सैंपल एकत्रित किए जाते हैं। लैब में कर्मियों की कमी है। मलेरिया, टायफाइड, डेंगू की टेस्टिंग के अलावा एलएफटी, केएफटी के अलावा यूरियन जांच भी की जाती है। पेथोलॉजिस्ट की कमी के कारण टैक्निशियन ही जांच कर रहे हैं। डाटा एंट्रीऑपरेटर की तैनाती भी नहीं है जिससे एंट्री में समय लगता है। दूसरे पटल पर तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर का सहयोग लिया जाता है। सबसे अहम सवाल है कि जिला अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों की रिपोर्ट उसी दिन नहीं मिल पाती। करीब आधे मरीजों को रिपोर्ट अगले दिन मिल पाती है। मंगलवार को 305 मरीज के रक्त के नमूने लैब पर संग्रहित किए गए। जिनमें से 162 जांचें हीं हो पाईं। जांच कराने के लिए काफी दिक्कतें हो रही हैं। महामारी के इस समय में अतिरिक्त जांच की व्यवस्था की जरूरत है, लेकिन कर्मियों की कमी के कारण संभव नहीं हो पा रहा है।
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