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मंडलायुक्त को प्रतिदिन भेजी जा रही गंगाजल की जांच रिपोर्ट
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रफ़रोजाबाद ! डेंगू प्रभावित क्षेत्र नगला पचिया में पानी चेक करते जलकल के अधिकारी
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। डेंगू और वायरल की रोकथाम के लिए गंगाजल की गुणवत्ता की भी मॉनिटरिंग की जा रही है। जलकल और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने पानी की जांच की रिपोर्ट प्रतिदिन मंडलायुक्त के साथ डीएम और नगर आयुक्त को सौंपी जा रही है।
डेंगू और वायरल से सुहागनगरी में हालात बेकाबू हैं। ऐसे में शहर को दी जाने वाली पानी की गुणवत्ता को चेक करने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें स्वास्थ्य विभाग, जलकल और जल निगम के अफसर हैं। ये अफसर प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर 30 से 35 घरों से पानी को लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं।
पानी की गुणवत्ता की जांच किए जाने वाले स्थान की फोटोग्राफी भी की जा रही है। पानी के सैंपल की जांच कराने के बाद रिपोर्ट प्रतिदिन मंडलायुक्त, डीएम और नगर आयुक्त को भेजी जा रही है। इसके जिसके ाध्यम से अधिकारी शहर को दी जाने वाली गंगाजल की आपूर्ति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं।
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महाप्रबंधक जलकल रामबाबू राजपूत ने बताया कि प्रतिदिन की रिपोर्ट दोपहर तक मंडलायुक्त के साथ डीएम और नगरायुक्त को उपलब्ध करा दी जाती है। अभी तक लिए गए सैंपलों में पानी की गुणवत्ता सही मिली है। कुछ स्थानों पर क्लोरीन की मात्रा कम मिली थी, वहां क्लोरीन की मात्रा बढ़ा दी गई है। क्लोरीन की मात्रा बढ़ने के साथ ही पानी की स्वाद बदल जाता है। इसकी शिकायत जनता द्वारा की जाती है।
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डेंगू और वायरल से सुहागनगरी में हालात बेकाबू हैं। ऐसे में शहर को दी जाने वाली पानी की गुणवत्ता को चेक करने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें स्वास्थ्य विभाग, जलकल और जल निगम के अफसर हैं। ये अफसर प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर 30 से 35 घरों से पानी को लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं।
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पानी की गुणवत्ता की जांच किए जाने वाले स्थान की फोटोग्राफी भी की जा रही है। पानी के सैंपल की जांच कराने के बाद रिपोर्ट प्रतिदिन मंडलायुक्त, डीएम और नगर आयुक्त को भेजी जा रही है। इसके जिसके ाध्यम से अधिकारी शहर को दी जाने वाली गंगाजल की आपूर्ति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं।
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महाप्रबंधक जलकल रामबाबू राजपूत ने बताया कि प्रतिदिन की रिपोर्ट दोपहर तक मंडलायुक्त के साथ डीएम और नगरायुक्त को उपलब्ध करा दी जाती है। अभी तक लिए गए सैंपलों में पानी की गुणवत्ता सही मिली है। कुछ स्थानों पर क्लोरीन की मात्रा कम मिली थी, वहां क्लोरीन की मात्रा बढ़ा दी गई है। क्लोरीन की मात्रा बढ़ने के साथ ही पानी की स्वाद बदल जाता है। इसकी शिकायत जनता द्वारा की जाती है।