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सरकार को झुकाएंगे, अपनी रिहाई कराएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Sep 2016 12:08 AM IST
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शिकायत मिलने पर जेल अधीक्षक ने बंदीरक्षकों की क्लास लगाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सेंट्रल जेल में 350 कैदियों की भूख हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। उन्होंने बुधवार को एलान किया कि रिहाई होने तक हड़ताल जारी रहेगी। अफसरों से दो टूक कहा कि उन्हें कोई आश्वासन नहीं चाहिए। जब तक रिहाई का आदेश न आ जाए, तब तक उनसे बात करना बेकार है। कैदियों का कहना है कि एक न एक दिन सरकार जरूर झुकेगी।
कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी मंगलवार को कैदियों से जेल में मिले थे। उन्हें बताया था कि रिहाई का आदेश जारी न कर पाना सरकार की मजबूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ बड़ी संख्या में रिहाई किए जाने पर रोक लगा रखी है। इस पर कई कैदी भूख हड़ताल समाप्त करने पर राजी हो गए थे लेकिन बुधवार को उन्होंने भी भोजन नहीं खाया। सभी 350 कैदी हड़ताल पर रहे। जेल में नारे गूंजते रहे। शाम को अधिकारी सर्किल में पहुंचे तो कैदियों ने बात करने से भी मना कर दिया। जेल सूत्रों ने बताया कि कैदियों ने रिहाई के आदेश के अलावा कुछ भी सुनने से मना कर दिया है।
सीएम को लिख चुके 700 खत
हड़ताल के दौरान कैदी सीएम को 700 खत लिख चुके हैं। इन्हें मुलाकातियों के माध्यम से पोस्ट कराया जा रहा है। रोजाना 70-80 खत लिखे जा रहे हैं।
परिवार भी दे रहे कैदियों का साथ
आगरा। कैदियों से मुलाकात करने आ रहे उनके परिवारीजन हड़ताल समाप्त करने का आग्रह नहीं कर रहे। उनके लिए ग्लूकोज पाउडर ला रहे हैं। कह रहे हैं कि सरकार एक दिन जरूर सुनेगी।
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कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी मंगलवार को कैदियों से जेल में मिले थे। उन्हें बताया था कि रिहाई का आदेश जारी न कर पाना सरकार की मजबूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ बड़ी संख्या में रिहाई किए जाने पर रोक लगा रखी है। इस पर कई कैदी भूख हड़ताल समाप्त करने पर राजी हो गए थे लेकिन बुधवार को उन्होंने भी भोजन नहीं खाया। सभी 350 कैदी हड़ताल पर रहे। जेल में नारे गूंजते रहे। शाम को अधिकारी सर्किल में पहुंचे तो कैदियों ने बात करने से भी मना कर दिया। जेल सूत्रों ने बताया कि कैदियों ने रिहाई के आदेश के अलावा कुछ भी सुनने से मना कर दिया है।
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सीएम को लिख चुके 700 खत
हड़ताल के दौरान कैदी सीएम को 700 खत लिख चुके हैं। इन्हें मुलाकातियों के माध्यम से पोस्ट कराया जा रहा है। रोजाना 70-80 खत लिखे जा रहे हैं।
परिवार भी दे रहे कैदियों का साथ
आगरा। कैदियों से मुलाकात करने आ रहे उनके परिवारीजन हड़ताल समाप्त करने का आग्रह नहीं कर रहे। उनके लिए ग्लूकोज पाउडर ला रहे हैं। कह रहे हैं कि सरकार एक दिन जरूर सुनेगी।
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