{"_id":"99f96baa51f72e0a7ec8acd1d4b9887e","slug":"the-golden-girl-dignity-of-kanpur-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर की गरिमा बनी गोल्डन गर्ल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर की गरिमा बनी गोल्डन गर्ल
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 29 Jan 2015 02:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का 80वां दीक्षांत समारोह बुधवार को संपन्न हुआ। कानपुर के रामा मेडिकल कालेज की एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा गरिमा सिंह ने सबसे ज्यादा 12 मेडल प्राप्त कर गोल्डन गर्ल का खिताब हासिल किया। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल राम नाइक ने की। प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. एमएस सोढ़ा मुख्य अतिथि और केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
दोपहर तकरीबन साढे़ बारह बजे राज्यपाल (कुलाधिपति) राम नाइक को एनसीसी की एयरविंग कमांडर पूजा उपाध्याय के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति ने सभी 62 टॉपर्स को मेडल और पांच को डीलिट की उपाधि प्रदान की। पीएचडी और एमफिल के छात्रों को उनके स्थान पर ही खड़ा कर अलंकृत करने की घोषणा कुलपति ने की। कुलपति प्रो. मुजम्मिल ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
दीक्षांत उद्बोधन में प्रो. एमएस सोढ़ा ने पीएचडी की डिग्री को उपयोगी बनाने के लिए जरूरी सुझाव दिए। उन्होंने छात्रों से स्किल बढ़ाने और उद्यमशीलता अपनाने को कहा। डा. कठेरिया ने कहा कि अच्छे शिक्षक के बिना अच्छे विद्यार्थी की कल्पना नहीं की जा सकती। कुलाधिपति राम नाइक ने उच्च शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए छात्र-छात्राओं को सफलता के चार मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि किताबी शिक्षा पूरी हुई, अब आपको जीवन की पढ़ाई करनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोपहर तकरीबन साढे़ बारह बजे राज्यपाल (कुलाधिपति) राम नाइक को एनसीसी की एयरविंग कमांडर पूजा उपाध्याय के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति ने सभी 62 टॉपर्स को मेडल और पांच को डीलिट की उपाधि प्रदान की। पीएचडी और एमफिल के छात्रों को उनके स्थान पर ही खड़ा कर अलंकृत करने की घोषणा कुलपति ने की। कुलपति प्रो. मुजम्मिल ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
विज्ञापन
दीक्षांत उद्बोधन में प्रो. एमएस सोढ़ा ने पीएचडी की डिग्री को उपयोगी बनाने के लिए जरूरी सुझाव दिए। उन्होंने छात्रों से स्किल बढ़ाने और उद्यमशीलता अपनाने को कहा। डा. कठेरिया ने कहा कि अच्छे शिक्षक के बिना अच्छे विद्यार्थी की कल्पना नहीं की जा सकती। कुलाधिपति राम नाइक ने उच्च शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए छात्र-छात्राओं को सफलता के चार मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि किताबी शिक्षा पूरी हुई, अब आपको जीवन की पढ़ाई करनी है।
विज्ञापन