फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The first will be trucks wheels

तो थम जाएंगे ट्रकों के पहिये 

Wed, 16 Nov 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 16 Nov 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
The first will be trucks wheels
ट्रक - फोटो : अमर उजाला
नोट बंदी से ट्रांसपोर्टर्स के सामने गाड़ियां खड़ी करने के हालात पैदा हो गए हैं। बुकिंग में भी चालीस फीसदी तक गिरावट आ चुकी है। ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि नई करेंसी का प्रचलन तेजी से बाजार में नहीं हुआ तो खाद्य सामग्री के दाम बढ़ जाएंगे, क्योंकि माल की आवक कम हो गई है। ट्रांसपोर्टर अपने नए वाहनों की किस्त भी अदा नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन

नोट बंदी के कारण माल लेकर दूसरे प्रदेशों में गए ट्रक चालक कई गुना ज्यादा खर्च करके लौटे हैं। उन्हें रास्ते में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब व्यापारी माल भरने के लिए नई करेंसी मांग रहा है। माल भाड़ा भी नई करेंसी में मांगा जा रहा है। माल लेकर जाने वाले चालकों के सामने रास्ते के खर्च निकालने का संकट है। पुराने नोटों को लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। टोल मुफ्त होने के बाद भी बाहरी प्रदेशों में माल ले जाना और दूसरा माल लेकर आना महंगा पड़ रहा है। चालक को केवल डीजल ही पुराने नोटों में मिल पा रहा है। खाने का भुगतान भी उसे नए नोट में करना है। इसका असर बाजार पर दिखाई देने लगा है। अब ट्रांसपोर्टर बहुत कम ही बुकिंग ले रहे हैं। गाड़ी में कोई कमी आ गई तो चालक की समस्या और बढ़ गई है। ट्रांसपोर्ट चैंबर के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि अगर यही हालात रहे तो आने वाले समय में बाहर से आने वाले फल समेत अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में इजाफा हो सकता है। 
विज्ञापन


नोटबंदी से थम गई राजस्व वसूली
नोटबंदी का असर राजस्व वसूली पर पड़ रहा है। स्टेशन और ट्रेनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आरपीएफ ज्यादा सख्ती नहीं कर पा रही है। यदा-कदा ही चालान करके कोर्ट में पेश किया जा रहा है। यही हालात संभागीय परिवहन कार्यालय से जुड़े अफसरों के हैं। वसूली लगभग थम सी गई है। हालांकि बड़े नोटों को भी आरटीओ में जुर्माना भरा जा रहा है, लेकिन इसमें अफसरों की रुचि कम है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

कई सरकारी महकमों में बड़े नोट बंद होने से काम शिथिल पड़ गया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) स्टेशन और ट्रेनों में गंदगी फैलाने, चेन पुलिंग, बेटिकट यात्रियों से जुर्माना वसूली के लिए कोर्ट में पेश करती है। इससे रेलवे की आय होती है। आरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि अभी धरपकड़ का काम शिथिल पड़ गया है। लोगों को पकड़ने पर भी उनके पास पैसा नहीं है। यात्री भी बहुत कम ही निकल रहे हैं। इसलिए अभी ज्यादा चेकिंग नहीं की जा रही है। इक्का-दुक्का मामलों में ही कार्रवाई की जा रही है। इसके कारण एक सप्ताह के भीतर राजस्व वसूली में 50 फीसदी तक की कमी आई है। आरपीएफ कैंट इंस्पेक्टर बीपी सिंह ने बताया कि बड़े नोट बंद होने से राजस्व वसूली में भारी कमी आई है।

उधर, संभागीय परिवहन कार्यालय की ओर से सड़कों पर वसूली अभियान लगभग बंद कर दिया है। अगर अधिकारी किसी वाहन को पकड़ भी रहे हैं तो चालक बड़े नोटों में जुर्माना भर रहा है। इसके अलावा अफसरों की रुचि भी राजस्व वसूली में कम हो गई है। सूत्रों का कहना है कि वे दफ्तर मेें भी बाबुओं पर आने वाले छोटे नोटों पर नजर रखे हुए हैं, ताकि उन्हें बदलवाया जा सके। आरटीओ (प्रवर्तन) अनिल कुमार ने बताया कि बड़े नोटों का चलन बंद होने से राजस्व वसूली में कमी आई है। ट्रांसपोर्ट वाहन भी कम निकल रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed