फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The decision was overturned due to the negligence of the police and the prosecution

Agra News: पुलिस और अभियोजन पक्ष की लापरवाही से पलट गया फैसला

Tue, 26 Aug 2025 11:43 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Tue, 26 Aug 2025 11:43 PM IST
विज्ञापन
The decision was overturned due to the negligence of the police and the prosecution
मैनपुरी। बहुचर्चित दिहुली सामूहिक हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से सुनाए गए फैसले में पुलिस और अभियोजन पक्ष की गंभीर लापरवाही निर्णय बदलने की अहम वजह मानी जा रही है। बचाव पक्ष की ओर से पैरवी करने वाली शिकोहाबाद निवासी अधिवक्ता शिवानी कुलश्रेष्ठ ने बताया कि आरोपी रामपाल के खिलाफ पुलिस ने केवल भारतीय दंड संहिता की धारा 216 ए (लुटेरों या डकैतों को शरण देना) और 120 बी (साजिश में शामिल होना) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। सेशन कोर्ट ने उन्हें हत्या (धारा 302) के लिए दोषी ठहराया जबकि यह आरोप उन पर लगाया ही नहीं गया था। हाईकोर्ट ने इसे एक बड़ी चूक मानते हुए सत्र न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया और रामपाल को दोषमुक्त कर दिया। वहीं, अभियोजन ने कई महत्वपूर्ण सबूतों और गवाहों को अदालत में पेश नहीं किया। जिन कमियों को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया।
विज्ञापन


इन कारणों से भी केस हुआ कमजोर

गवाहों की गवाही का अभाव : अभियोजन पक्ष ने दो महत्वपूर्ण जांचकर्ताओं (विवेचकों) और कुछ घायल व्यक्तियों की गवाही नहीं कराई। इन गवाहों की अनुपस्थिति ने अभियोजन के केस को कमजोर कर दिया।
विज्ञापन


साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफलता : मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घायल व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट को भी न्यायालय में उचित तरीके से प्रस्तुत या साबित नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे हुई थी वारदात

फिरोजाबाद जनपद के जसराना थाना क्षेत्र के ग्राम दिहुली (घटना के समय मैनपुरी का हिस्सा) में 24 दलितों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी। वर्ष 1981 में 18 नवंबर की शाम 6 बजे की यह घटना थी। डकैत संतोष और राधे के गिरोह ने एक मुकदमे में गवाही के विरोध में हथियारों से लैस होकर दिहुली गांव में घुसकर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों पर गोलियां चलाई गई थी। इसमें 24 लोगों की मौत हुई थी। बदमाशों ने हत्या करने के बाद लूटपाट भी की थी। रिपोर्ट दिहुली के लायक सिंह ने 19 नवंबर 1981 को थाना जसराना में दर्ज कराई थी। थाना जसराना में राधेश्याम उर्फ राधे, संतोष सिंह उर्फ संतोषा के अलावा 20 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी। मैनपुरी से लेकर इलाहाबाद तक यह मामला कोर्ट में चला। इसके बाद 19 अक्तूबर 2024 को बहस के लिए मुकदमा फिर से मैनपुरी सेशन कोर्ट में ट्रांसफर किया गया। जिला जज के आदेश पर विशेष डकैती कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई।

इन 20 के खिलाफ दर्ज हुआ था केस, 13 की हो चुकी है मौत

इस नरसंहार को अंजाम देने के आरोप में गिरोह सरगना संतोष उर्फ संतोषा और राधे सहित गैंग के सदस्य कमरुद्दीन, श्यामवीर, कुंवरपाल, राजे उर्फ राजेंद्र, भूरा, प्रमोद राना, मलखान सिंह, रविंद्र सिंह, युधिष्ठिर पुत्र दुर्गपाल सिंह, युधिष्ठिर पुत्र मंशी सिंह, पंचम पुत्र मंशी सिंह, लक्ष्मी, इंदल और रुखन, ज्ञानचंद्र उर्फ गिन्ना, कप्तान सिंह, रामसेवक और रामपाल पर मुकदमा दर्ज हुआ था। लक्ष्मी, इंदल और रुखन, ज्ञानचंद्र उर्फ गिन्ना, कप्तान सिंह, रामसेवक और रामपाल को छोड़कर सभी की मौत हो चुकी है इनकी मौत के संबंध में कोर्ट में फौती रिपोर्ट भी दाखिल हो चुकी है।

ये हैं अभी फरार

लक्ष्मी, इंदल और रुखन, ज्ञानचंद्र उर्फ गिन्ना अभी फरार हैं। इनकी फाइल को अलग कर दिया है। वहीं, एक अन्य फरार भूरे 24 साल बाद 10 अप्रैल 2025 को एडीजे विशेष डकैती कोर्ट में पेश हुआ था। वर्तमान में भूरे फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।


इन 24 दलितों की हुई थी हत्या

ज्वाला प्रसाद, रामप्रसाद, रामदुलारी, श्रृंगार वती, शांति, राजेंद्री, राजेश, रामसेवक, शिवदयाल, मुनेश, भरत सिंह, दाताराम, आशा देवी, लालाराम, गीतम, लीलाधर, मानिकचंद्र, भूरे, कुं. शीला, मुकेश, धनदेवी, गंगा सिंह, गजाधर व प्रीतम सिंह की हत्या हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed