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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The central government did not implement the order of the day

पहले दिन लागू नहीं हो सका केंद्र सरकार का आदेश

Tue, 02 Jun 2015 02:16 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Tue, 02 Jun 2015 02:16 AM IST
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जमीनों के बैनामे में बीस हजार रुपये से अधिक के भुगतान चेक से करने का केंद्र सरकार का फरमान आगरा में लागू नहीं हुआ। सोमवार को तहसील सदर में सामान्य प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री हुईं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं होगा तब तक रजिस्ट्री में किसी तरह के प्रतिबंध नहीं लगाए जाएंगे।
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जमीनों की खरीद फरोख्त में पारदर्शिता लाने और काले धन पर प्रतिबंध लगाने के उद्देश्य से नगद भुगतान को प्रतिबंधित कर दिया है। अब जमीनों की खरीद फरोख्त में 20 हजार रुपये से अधिक का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाएगा। यह आदेश एक जून से प्रभावी होना था, लेकिन आगरा में आदेश बेअसर रहा। तहसील सदर में पुरानी प्रक्रिया के आधार पर कैश भुगतान पर रजिस्ट्री की गई। अधिकारियों का कहना था कि अभी तक उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं आया है।  
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इनसेट
वकीलों के भी गले नहीं उतर रही योजना
अधिवक्ता कुलदीप सारस्वत और अशोक चौबे का कहना है कि इस आदेश की मार सबसे अधिक मध्यम और गरीब वर्ग पर पड़ेगी। ऐसे लोग जमीन खरीदने को इधर-उधर से पैसा जुटाते हैं, वे चेक से भुगतान कैसे कर सकेंगे। दूसरा कोई भी बैनामा उस वक्त होता है जब खरीदार रकम गिना देता है, चेक का विश्वास कोई कैसे करेगा। रजिस्ट्री से पहले विक्रेता के खाते में रकम पहुंच जाए और वह बेईमानी कर ले तो क्या होगा। रजिस्ट्री के बाद चेक बाउंस हो जाए तो ऐसी स्थिति में मुकदमा करने के अलावा और क्या रास्ता होगा। चेक बाउंस होने पर रजिस्ट्री स्वत: ही खारिज हो जाने की बात औचित्यहीन प्रतीत होती है।
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चेक से भुगतान
लाभ
- बेनामी संपत्तियों की खरीद फरोख्त पर लगेगी लगाम।
- काले धन का प्रयोग रुकेगा, काला धन चलन से बाहर होगा।
- रजिस्ट्री कराने और करने वालों के साथ लूट, चोरी भी रुकेगी।
- चेक से होने पर दोनों पक्षकारों का लेन देन लिखित में होगा।
- क्रेता या विक्रेता किसी को भी गुमराह करना आसान नहीं होगा।
- सभी ट्रांजक्शन बैंक के माध्यम से होने पर पारदर्शिता रहेगी।

नुकसान
- इस आदेश की सबसे अधिक मार मध्यम वर्ग पर ही पडे़गी।
- इस आदेश के बाद रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में आएगी कमी।
- रजिस्ट्री कम होने से सरकार को सीधे तौर पर राजस्व का नुकसान।
- दोनों पक्षकारों के बीच विश्वास बहाली करना नहीं होगा आसान।
- चेक से भुगतान पर बढ़ सकते हैं 138 एनआई एक्ट के मामले।
- जमीन के दोनों पक्षकारों के बीच बढ़ सकते हैं फ्राड के मामले।

ट्रेजरी से जारी है स्टांप की कैश खरीद
ट्रेजरी से स्टांप की कैश में खरीद जारी है। कोषागार अधिकारी डा. अमर सिंह का कहना है कि ई स्टांप एक ही स्टाक होल्डर के जरिए वितरित किए जा रहे हैं। कोषागार से अभी तक नकद में स्टांपों की खरीद जारी है। तीन लाख रुपये की कीमत तक के स्टांप काउंटर से नकद में वितरित किए जा रहे हैं।


हमारे पास आईजी स्टांप की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। जब तक हमें लिखित में आदेश नहीं मिलेगा तब तक चेक से भुगतान का आदेश लागू नहीं किया जाएगा। हमारे यहां आज भी नकद भुगतान पर रजिस्ट्री हुईं हैं।  
- वीके पांडे, एआईजी स्टांप
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