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कासगंज बवालः 25 साल में सबसे बड़ी हिंसा, राम मंदिर आंदोलन में भी नहीं देखा ऐसा दौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
Updated Sun, 28 Jan 2018 07:30 PM IST
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मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज में गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के बाद से भड़की सांप्रदायिक हिंसा 25 साल के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ी हिंसा है।
राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी इतने हालात नहीं बिगड़े थे, जो इस समय हैं। इस हिंसा के बाद लोगों के जेहन में राम मंदिर आंदोलन की यादें ताजा हो गईं।
वर्ष 1992 में राम मंदिर आंदोलन के दौरान शहर में दोनों पक्षों के बीच तनाव के हालात पैदा हुए थे। आंदोलन के दौरान पथराव, पुलिस फायरिंग आदि की घटनाएं हुईं। आगजनी भी हुई।
इसके बाद 1994-95 में भी सपा सरकार के समय में दोनों संप्रदाय के बीच तनाव हुआ, छिटपुट घटनाएं हुईं। इसके बाद तहसील परिसर में छह साल पहले प्रशासन के द्वारा मंदिर को तोड़ दिए जाने के बाद लोगों में तनाव फैल गया।
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राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी इतने हालात नहीं बिगड़े थे, जो इस समय हैं। इस हिंसा के बाद लोगों के जेहन में राम मंदिर आंदोलन की यादें ताजा हो गईं।
वर्ष 1992 में राम मंदिर आंदोलन के दौरान शहर में दोनों पक्षों के बीच तनाव के हालात पैदा हुए थे। आंदोलन के दौरान पथराव, पुलिस फायरिंग आदि की घटनाएं हुईं। आगजनी भी हुई।
इसके बाद 1994-95 में भी सपा सरकार के समय में दोनों संप्रदाय के बीच तनाव हुआ, छिटपुट घटनाएं हुईं। इसके बाद तहसील परिसर में छह साल पहले प्रशासन के द्वारा मंदिर को तोड़ दिए जाने के बाद लोगों में तनाव फैल गया।
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भारी पुलिस बल तैनात
- फोटो : अमर उजाला
शहर में लोगों के बीच आक्रोश के बाद दोनों समुदाय आमने सामने आए। लेकिन किसी भी प्रकार की जान माल का नुकसान नहीं हुआ। मामला तनाव एवं पथराव तक ही सीमित रहा।
गणतंत्र दिवस के मौके पर फैली हिंसा की आग दूसरे दिन भी नहीं थम सकी। इस आग की चपेट में अब तक एक युवक की मौत हो चुकी है, जबकि एक युवक गोली लगने से घायल है।
दंगे में अब तक 8 दुकानें, एक खोखा, व तीन बस, एक कार एवं मकान को आग के हवाले कर दिया गया। इतने बढ़े पैमाने पर हुई हिंसा की घटना के बाद से लोगों में मन में राम मंदिर आंदोलन की यादें भी ताजा हो गईं। तमाम लोग यह कह रहे थे कि आमतौर पर शांत रहने वाला केसे इतने बढ़े दंगे में तब्दील हो गया।
गणतंत्र दिवस के मौके पर फैली हिंसा की आग दूसरे दिन भी नहीं थम सकी। इस आग की चपेट में अब तक एक युवक की मौत हो चुकी है, जबकि एक युवक गोली लगने से घायल है।
दंगे में अब तक 8 दुकानें, एक खोखा, व तीन बस, एक कार एवं मकान को आग के हवाले कर दिया गया। इतने बढ़े पैमाने पर हुई हिंसा की घटना के बाद से लोगों में मन में राम मंदिर आंदोलन की यादें भी ताजा हो गईं। तमाम लोग यह कह रहे थे कि आमतौर पर शांत रहने वाला केसे इतने बढ़े दंगे में तब्दील हो गया।