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Mathura: ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर पर खतरा! दीवार से रिस रहा है पानी
Fri, 16 Dec 2022 12:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 16 Dec 2022 12:13 PM IST
सार
इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि 158 साल पहले मिट्टी के टीले पर बने बिहारीजी के मंदिर में पिछले कई वर्षों से दीवारों में दरार पैदा हो रही है। चूहों की वजह से नालियों के बंद होने से फर्श में पानी के रिसाव की घटना भी सामने आ चुकी है।
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बांकेबिहारी मंदिर की दीवार से रिस रहा है पानी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वृंदावन के विश्व विख्यात ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर को खतरा उत्पन्न हो रहा है। यह खतरा बाहर से नहीं बल्कि भीतर से है। मंदिर के गर्भगृह के बाहर परिक्रमा मार्ग की ओर दीवार के पत्थरों से पानी रिस रहा है। पत्थरों के जोड़ भी खुल गए हैं। पानी रिसने से मंदिर को नुकसान होने की संभावना है। मंदिर प्रबंधन ने इस मामले से अनभिज्ञता जाहिर की है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में बताया जा रहा है कि यह पानी दोपहर के समय जब मंदिर की धुलाई होती है उस वक्त रिसता है। पानी के रिसने से मंदिर के पत्थरों को भी नुकसान होने की संभावना है। पानी का यह रिसाव परिक्रमा मार्ग में स्थित दो मोरी के अलावा कई पत्थरों के बीच से हो रहा है। ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर के सेवायत एवं इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि 158 साल पहले मिट्टी के टीले पर बने बिहारीजी के मंदिर में पिछले कई वर्षों से दीवारों में दरार पैदा हो रही है। चूहों की वजह से नालियों के बंद होने से फर्श में पानी के रिसाव की घटना भी सामने आ चुकी है।
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ये भी पढ़ें - जीजा-साले का अपहरण मामला: टैक्सी चालक भूरा को तलाश रही पुलिस, आरपीएफ दरोगा और सिपाही हो चुके हैं गिरफ्तार
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वीडियो में बताया जा रहा है कि यह पानी दोपहर के समय जब मंदिर की धुलाई होती है उस वक्त रिसता है। पानी के रिसने से मंदिर के पत्थरों को भी नुकसान होने की संभावना है। पानी का यह रिसाव परिक्रमा मार्ग में स्थित दो मोरी के अलावा कई पत्थरों के बीच से हो रहा है। ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर के सेवायत एवं इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि 158 साल पहले मिट्टी के टीले पर बने बिहारीजी के मंदिर में पिछले कई वर्षों से दीवारों में दरार पैदा हो रही है। चूहों की वजह से नालियों के बंद होने से फर्श में पानी के रिसाव की घटना भी सामने आ चुकी है।
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रिसाव की जानकारी हमारे पास नहीं
उन्होंने बताया कि पर्याप्त इंतजाम न होने से लगातार रिसता हुआ पानी मंदिर की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न कर रहा है। वहीं ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि 'अभी पानी के रिसाव की जानकारी हमारे पास नहीं है, इसे दिखवाया जाएगा। वैसे भी मंदिर में रखरखाव और मरम्मत का कार्य समय-समय पर किया जाता है।'ये भी पढ़ें - जीजा-साले का अपहरण मामला: टैक्सी चालक भूरा को तलाश रही पुलिस, आरपीएफ दरोगा और सिपाही हो चुके हैं गिरफ्तार