{"_id":"62a84cc96eec1057ac63a29b","slug":"thakur-dwarkadhish-ji-maharaj-s-jyeshthabhishek-bath-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura: ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज का हुआ ज्येष्ठाभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura: ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज का हुआ ज्येष्ठाभिषेक
Tue, 14 Jun 2022 02:24 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 14 Jun 2022 02:24 PM IST
सार
मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन अत्यधिक गर्म होता है और ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य जल स्नान कराया जाता है।
विज्ञापन
ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज का ज्येष्ठाभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मथुरा में पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर राजाधिराज को यमुना के शीतल जल से स्नान कराया गया। इस शीतल जल में विभिन्न प्रकार के द्रव्य और औषधियां डाली गईं। इसके बाद शीतल पदार्थ निवेदित किए गए।
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन अत्यधिक गर्म होता है और ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य जल स्नान कराया जाता है। उन्होंने बताया कि आज पूर्णमासी के दिन प्रातः काल 6:30 पर ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज जेष्ठाभिषेक हुआ। सोमवार शाम को संध्या आरती के दर्शन के बाद मंदिर के मुखिया सुधीर कुमार के नेतृत्व में अन्य सेवायत यमुना जी गए और वहां से शुद्ध जल लेकर आए।
विज्ञापन
मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि यमुना के जल में केवड़ा, खास, गुलाब इत्यादि सभी पुष्पों का संगम करके उस जल से आज ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज को स्नान कराया गया। इसको स्नान यात्रा भी कहते हैं। ठाकुर जी को इस जेष्ठ मास की पूर्णिमा जो अत्यंत गर्मी का दिन होता है उस दिन ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने हेतु स्नान यात्रा का आयोजन पुष्टिमार्ग संप्रदाय के सभी मंदिरों में होता है। जेष्ठा अभिषेक के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन किए।
विज्ञापन
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन अत्यधिक गर्म होता है और ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य जल स्नान कराया जाता है। उन्होंने बताया कि आज पूर्णमासी के दिन प्रातः काल 6:30 पर ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज जेष्ठाभिषेक हुआ। सोमवार शाम को संध्या आरती के दर्शन के बाद मंदिर के मुखिया सुधीर कुमार के नेतृत्व में अन्य सेवायत यमुना जी गए और वहां से शुद्ध जल लेकर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि यमुना के जल में केवड़ा, खास, गुलाब इत्यादि सभी पुष्पों का संगम करके उस जल से आज ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज को स्नान कराया गया। इसको स्नान यात्रा भी कहते हैं। ठाकुर जी को इस जेष्ठ मास की पूर्णिमा जो अत्यंत गर्मी का दिन होता है उस दिन ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने हेतु स्नान यात्रा का आयोजन पुष्टिमार्ग संप्रदाय के सभी मंदिरों में होता है। जेष्ठा अभिषेक के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन किए।