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मंडप से भागा दूल्हा तो बंधक बनाई बरात
ब्यूरो/ अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 01 May 2017 09:01 PM IST
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- फोटो : marriage
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वरमाला की रस्म न होने से खफा दूल्हा अपने पिता और दोस्तों को लेकर मंडप से ही भाग गया। इससे गुस्साए लड़की पक्ष ने बरात को बंधक बना लिया। क्योंकि एक ही घर में दो सगे भाइयों की बरात गई थी लिहाजा दूसरा दूल्हा भी घंटों लड़की वालों के कब्जे में रहा। बाद में पंचायत बैठी और अब तक दिया गया सामान और खर्च किया गया रुपया वापस करने के बाद ही मामला शांत हुआ। बाद में उसी मंडप में दोनों बहनों की शादी राजस्थान के हंतरा गांव के लड़कों से हो गई।
शनिवार की शाम को मगोर्रा क्षेत्र के गांव लोरिया पट्टी में आगरा के भगवान टाकीज, गोपाल नगर निवासी मुकेश सिंह के दो बेटों की बरात एक ही घर में आई थी। सगे भाइयों की सगी बहनों से शादी हो रही थी। भाइयों की बरात बैंडबाजे के साथ गांव में पहुंची। लड़की पक्ष वालों ने भी खूब स्वागत किया।
इसी दौरान दूल्हा बने मुकेश सिंह के बड़े बेटे कान्हा सिंह ने वहां वरमाला की रस्म के बारे में पूछा। लड़की के पिता ने इस रस्म से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वरमाला की रस्म उनके यहां नहीं होती है। इससे कान्हा नाराज हो गया और अपने पिता मुकेश सिंह को साथ लेकर चुपचाप आगरा अपने घर वापस चला गया। पता भी तब चला जब फेरों की बारी आई। कान्हा की तलाश हुई लेकिन वह कहीं नहीं मिला। कान्हा के पिता मुकेश को फोन किया तो पता चला कि वह तो आगरा चले गए हैं।
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पूरी स्थिति साफ होने पर लड़की पक्ष ने बारातियों को बंधक बना लिया। दूल्हा बने मुकेश के छोटे बेटे को भी नहीं जाने दिया गया। खूब हंगामा हुआ। बाद में आगरा से लड़के के पिता को बुलाया गया। रविवार को पंचायत हुई। लड़की पक्ष ने अपनी बेटियों की शादी मुकेश के बेटों से करने से साफ इंकार कर दिया। करीब पांच घंटे तक चली पंचायत में दहेज का सामान वापस हुआ और बतौर दंड 2.28 लाख रुपये लिए गए।
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शनिवार की शाम को मगोर्रा क्षेत्र के गांव लोरिया पट्टी में आगरा के भगवान टाकीज, गोपाल नगर निवासी मुकेश सिंह के दो बेटों की बरात एक ही घर में आई थी। सगे भाइयों की सगी बहनों से शादी हो रही थी। भाइयों की बरात बैंडबाजे के साथ गांव में पहुंची। लड़की पक्ष वालों ने भी खूब स्वागत किया।
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इसी दौरान दूल्हा बने मुकेश सिंह के बड़े बेटे कान्हा सिंह ने वहां वरमाला की रस्म के बारे में पूछा। लड़की के पिता ने इस रस्म से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वरमाला की रस्म उनके यहां नहीं होती है। इससे कान्हा नाराज हो गया और अपने पिता मुकेश सिंह को साथ लेकर चुपचाप आगरा अपने घर वापस चला गया। पता भी तब चला जब फेरों की बारी आई। कान्हा की तलाश हुई लेकिन वह कहीं नहीं मिला। कान्हा के पिता मुकेश को फोन किया तो पता चला कि वह तो आगरा चले गए हैं।
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पूरी स्थिति साफ होने पर लड़की पक्ष ने बारातियों को बंधक बना लिया। दूल्हा बने मुकेश के छोटे बेटे को भी नहीं जाने दिया गया। खूब हंगामा हुआ। बाद में आगरा से लड़के के पिता को बुलाया गया। रविवार को पंचायत हुई। लड़की पक्ष ने अपनी बेटियों की शादी मुकेश के बेटों से करने से साफ इंकार कर दिया। करीब पांच घंटे तक चली पंचायत में दहेज का सामान वापस हुआ और बतौर दंड 2.28 लाख रुपये लिए गए।