{"_id":"570beb964f1c1b43474a6c0c","slug":"temple-of-jatau-in-gwalior","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्वालियर में बना जटायु का मंदिर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्वालियर में बना जटायु का मंदिर
अमर उजाला आगरा/ग्वालियर
Updated Mon, 11 Apr 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभवत: यह देश का पहला मंदिर होगा जो ‘बेटी बचाओ’ का संदेश देने के लिए बना है। सोमवार को विधि-विधान से प्रतिमा की स्थापना के बाद यहां बना जटायु मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। इसे दुनिया का पहला जटायु मंदिर भी बताया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय अभिभाषक मंच ने सत्यनारायण की टेकरी, गेंडेवाली सड़क के समीप हिंदी माता मंदिर के पास जटायु मंदिर का निर्माण कराया है। यह मंदिर समाज में महिलाओं की मान प्रतिष्ठा बढ़ाने की दिशा में लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
प्रतिमा स्थापना समारोह में अभिभाषक मंच के अध्यक्ष विजयसिंह चौहान ने कहा कि जटायु महाराज रामायण के ऐसे महान चरित्र हैं जिनसे लोगों को नारी बचाओ और बेटी बचाओ की प्रेरणा मिलेगी। जिस तरह उन्होंने देवी सीता की रक्षा के लिए राक्षसराज रावण के साथ युद्ध करते हुए प्राण गंवाए, वह बेटियों की रक्षा का अनुपम उदाहरण है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस मंदिर के बन जाने से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसलिए जिला प्रशासन के माध्यम से इसको शासन स्तर से अंचल के पर्यटक स्थलों की सूची में शामिल करने की मांग भी की गई है।
विज्ञापन
अंतर्राष्ट्रीय अभिभाषक मंच ने सत्यनारायण की टेकरी, गेंडेवाली सड़क के समीप हिंदी माता मंदिर के पास जटायु मंदिर का निर्माण कराया है। यह मंदिर समाज में महिलाओं की मान प्रतिष्ठा बढ़ाने की दिशा में लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
विज्ञापन
प्रतिमा स्थापना समारोह में अभिभाषक मंच के अध्यक्ष विजयसिंह चौहान ने कहा कि जटायु महाराज रामायण के ऐसे महान चरित्र हैं जिनसे लोगों को नारी बचाओ और बेटी बचाओ की प्रेरणा मिलेगी। जिस तरह उन्होंने देवी सीता की रक्षा के लिए राक्षसराज रावण के साथ युद्ध करते हुए प्राण गंवाए, वह बेटियों की रक्षा का अनुपम उदाहरण है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस मंदिर के बन जाने से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसलिए जिला प्रशासन के माध्यम से इसको शासन स्तर से अंचल के पर्यटक स्थलों की सूची में शामिल करने की मांग भी की गई है।