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आयकर रिटर्न न भरने के ये हैं नुकसान, बचना चाहते हैं तो करें ये
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 25 Jan 2018 04:48 PM IST
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आयकर रिटर्न भरने की दी जानकारी
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में 14 लाख पैन कार्ड, लेकिन आयकर रिटर्न केवल 1.94 लाख ही दाखिल कर रहे हैं। इसलिए आयकर विभाग ने नए आयकर दाता व रिटर्न भरने वालों की संख्या बढ़ाने के लिए व्यापारियों के पास जाकर उन्हें जागरुक करने की मुहिम शुरू की है।
प्रधान आयकर आयुक्त प्रथम ने संजय प्लेस के अवध बैंक्वेट हाल में जागरुकता शिविर में व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने के फायदे गिनाए।
जागरुकता कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान आयकर आयुक्त प्रथम रेनू जौहरी ने की। उन्होंने कहा कि लोग सही आय के मुताबिक टैक्स और रिटर्न दाखिल करें। कर निर्धारण वर्ष 2016-17 के लिए 31 मार्च तक रिटर्न दाखिल किए जा सकते हैं।
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प्रधान आयकर आयुक्त प्रथम ने संजय प्लेस के अवध बैंक्वेट हाल में जागरुकता शिविर में व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने के फायदे गिनाए।
जागरुकता कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान आयकर आयुक्त प्रथम रेनू जौहरी ने की। उन्होंने कहा कि लोग सही आय के मुताबिक टैक्स और रिटर्न दाखिल करें। कर निर्धारण वर्ष 2016-17 के लिए 31 मार्च तक रिटर्न दाखिल किए जा सकते हैं।
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लोग आयकर विभाग से डरें नहीं, बल्कि नए बदलावों के बाद रिटर्न भरना उनके लिए आसान और फायदेमंद है। विभाग की पूरी नजर उनके लेन-देन और संपत्तियों की खरीद पर है। ऐसे में रिटर्न भरने से वह कई सवालों, परेशानियों से बचने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी सहयोगी बनें।
आयकर अधिकारी डॉ. एसके अरेला ने कहा कि दुनिया के ज्यादातर देशों में 75 फीसदी तक आयकरदाता है, लेकिन भारत में महज 3 फीसदी है। लोग कारोबार में प्रगति कर रहे हैं तो उन्हें खुद-ब-खुद टैक्स जमा करने को आगे आना चाहिए।
सहायक आयुक्त मेघा गर्ग ने व्यापारियों के सवालों के जवाब दिए। व्यापारियों की शिकायत थी कि जो टैक्स भर रहे हैं, विभाग उन्हीं को परेशान करता है, लेकिन आयुक्त ने कहा कि केवल एक फीसदी से भी कम लोगों की स्क्रूटनी होती है।
आयकर अधिकारी डॉ. एसके अरेला ने कहा कि दुनिया के ज्यादातर देशों में 75 फीसदी तक आयकरदाता है, लेकिन भारत में महज 3 फीसदी है। लोग कारोबार में प्रगति कर रहे हैं तो उन्हें खुद-ब-खुद टैक्स जमा करने को आगे आना चाहिए।
सहायक आयुक्त मेघा गर्ग ने व्यापारियों के सवालों के जवाब दिए। व्यापारियों की शिकायत थी कि जो टैक्स भर रहे हैं, विभाग उन्हीं को परेशान करता है, लेकिन आयुक्त ने कहा कि केवल एक फीसदी से भी कम लोगों की स्क्रूटनी होती है।
रिटर्न भरोगे तो फायदे में रहोगे
प्रधान आयकर आयुक्त-प्रथम रेनू जौहरी ने बताया कि रिटर्न भरने वालों की संख्या बहुत कम है। इसे बढ़ाने की आवश्यकता है। जो व्यापारी टैक्स नहीं दे रहे, आप उन्हें प्रेरित करें। यह राष्ट्र निर्माण का कार्य है। आयकर रिटर्न दाखिल करने से आपकी कई दिक्कतें कम हो सकती है
जागरुकता शिविर में आयकर अधिकारियों ने कहा कि आयकर रिटर्न भरने से व्यापारियों की ज्यादातर समस्यायें खत्म हो जाती हैं। बिना रिटर्न के नोटिस मिलने पर, जबाव देना ज्यादा दिक्कत भरा है।
आयकर विभाग के ज्यादा चक्कर काटने पड़ सकते हैं, जबकि रिटर्न भरने वाले 99 फीसदी लोगों को कोई परेशानी नहीं होती। आयकर अधिकारी आनंद कुमार ने कहा कि ई-असिसमेंट और ई-फाइलिंग के बाद तो आयकर दाताओं के लिए आसानी हो गई।
जागरुकता शिविर में आयकर अधिकारियों ने कहा कि आयकर रिटर्न भरने से व्यापारियों की ज्यादातर समस्यायें खत्म हो जाती हैं। बिना रिटर्न के नोटिस मिलने पर, जबाव देना ज्यादा दिक्कत भरा है।
आयकर विभाग के ज्यादा चक्कर काटने पड़ सकते हैं, जबकि रिटर्न भरने वाले 99 फीसदी लोगों को कोई परेशानी नहीं होती। आयकर अधिकारी आनंद कुमार ने कहा कि ई-असिसमेंट और ई-फाइलिंग के बाद तो आयकर दाताओं के लिए आसानी हो गई।
व्यापार का हब, लेकिन आए नहीं व्यापारी
संजय प्लेस में 600 से ज्यादा दुकानें हैं। शहर में कारोबार का प्रमुख केंद्र संजय प्लेस है। कपड़ा, जूता, कंप्यूटर, इलेक्ट्रोनिक्स, रियल एस्टेट, इलेक्ट्रिकल्स समेत कई कारोबार संजय प्लेस में हैं।
एसोसिएशनों ने इनके संचालकों को जागरुकता शिविर के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन शिविर में कम लोग ही पहुंचे, जिसे लेकर आयकर अधिकारी चिंतित नजर आए। आयकर विभाग से ऐसी दूरी की उन्हें भी उम्मीद नहीं थी।
ये भी जानें
510 करोड़ रुपये टैक्स का लक्ष्य
300 करोड़ रुपये हो चुका है जमा
210 करोड़ रुपये बाकी है टैक्स
31 मार्च तक जमा कर सकते हैं रिटर्न
3 फीसदी ही जमा करते हैं आयकर
एसोसिएशनों ने इनके संचालकों को जागरुकता शिविर के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन शिविर में कम लोग ही पहुंचे, जिसे लेकर आयकर अधिकारी चिंतित नजर आए। आयकर विभाग से ऐसी दूरी की उन्हें भी उम्मीद नहीं थी।
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