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तहसीलदार किशनी उपभोक्ता आयेग में तलब
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मैनपुरी। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की ओर से जारी किए गए वसूली प्रमाणपत्र पर लापरवाही करने पर आयोग के अध्यक्ष ने तहसीलदार किशनी को तलब किया है। मामले की सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तारीख तय कर दी गई है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की ओर से सुरेशचंद्र राठौर प्रबंधक संगम कोल्ड स्टोरेज किशनी के खिलाफ 26 अप्रैल 2012 को वसूली प्रमाणपत्र जारी करके डीएम को भेजकर वसूली कराने का आदेश दिया था। आयोग ने यह आदेश रणजीत सिंह निवासी सिगनी कुसमरा की याचिका पर दिया था। आयोग की ओर से भेजे गए वसूली प्रमाणपत्र पर तहसीलदार किशनी ने कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने न ही वसूली प्रमाणपत्र का अनुपालन किया गया और न ही अनुपालन नहीं होने का कोई कारण बताया।
इसी के चलते जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ ने तहसीलदार किशनी को आयोग में व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। हाजिर होने के बाद भी यदि वह कोई उचित कारण नहीं बताएंगे तो आवश्क कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखे जाने की चेतावनी दी है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तारीख तय कर दी है।
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पांच पत्रों पर भी नहीं की कार्रवाई
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की ओर से तहसीलदार किशनी को पंाच बार पत्र भेजकर वसूली प्रमाणपत्र पर वसूली कराने को कहा। आयोग ने 28 जुलाई 2012, एक सितंबर 2012, 17 अप्रैल 2014, चार मार्च 2015 तथा 28 मई 2016 को पत्र भेजे गए। लेकिन तहसीलदार किशनी ने पंाच बार भेजे गए पत्रों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया। डीएम कार्यालय की ओर से 10 फरवरी 2015 और छह मई 2016 को भेजे गए पत्रों पर भी कार्रवाई नहीं की गई।
वर्जन-
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा जारी किए गए किसी नोटिस और संबंधित मामले की जानकारी नहीं है। आयोग से भेजा गया नोटिस भी नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद संबंधित आयोग में पक्ष रखा जाएगा।
सुशील कुमार, तहसीलदार किशनी
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की ओर से सुरेशचंद्र राठौर प्रबंधक संगम कोल्ड स्टोरेज किशनी के खिलाफ 26 अप्रैल 2012 को वसूली प्रमाणपत्र जारी करके डीएम को भेजकर वसूली कराने का आदेश दिया था। आयोग ने यह आदेश रणजीत सिंह निवासी सिगनी कुसमरा की याचिका पर दिया था। आयोग की ओर से भेजे गए वसूली प्रमाणपत्र पर तहसीलदार किशनी ने कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने न ही वसूली प्रमाणपत्र का अनुपालन किया गया और न ही अनुपालन नहीं होने का कोई कारण बताया।
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इसी के चलते जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ ने तहसीलदार किशनी को आयोग में व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। हाजिर होने के बाद भी यदि वह कोई उचित कारण नहीं बताएंगे तो आवश्क कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखे जाने की चेतावनी दी है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तारीख तय कर दी है।
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पांच पत्रों पर भी नहीं की कार्रवाई
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की ओर से तहसीलदार किशनी को पंाच बार पत्र भेजकर वसूली प्रमाणपत्र पर वसूली कराने को कहा। आयोग ने 28 जुलाई 2012, एक सितंबर 2012, 17 अप्रैल 2014, चार मार्च 2015 तथा 28 मई 2016 को पत्र भेजे गए। लेकिन तहसीलदार किशनी ने पंाच बार भेजे गए पत्रों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया। डीएम कार्यालय की ओर से 10 फरवरी 2015 और छह मई 2016 को भेजे गए पत्रों पर भी कार्रवाई नहीं की गई।
वर्जन-
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा जारी किए गए किसी नोटिस और संबंधित मामले की जानकारी नहीं है। आयोग से भेजा गया नोटिस भी नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद संबंधित आयोग में पक्ष रखा जाएगा।
सुशील कुमार, तहसीलदार किशनी