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पावर फेल होने पर एक घंटे तक रुकी रही आगरा फोर्ट पैसेंजर, टीबी के मरीज की मौत
Sat, 12 Oct 2019 12:23 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 12 Oct 2019 12:23 AM IST
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ट्रेन से मरीज के शव को उतारकर ले जाते पुलिस कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज-मथुरा रेलवे ट्रैक पर शुक्रवार को अचानक पावर फेल हो गया। इससे आगरा फोर्ट पैसेंजर ट्रेन एक घंटे से अधिक समय तक सोनई में खड़ी रही। इस दौरान ट्रेन में सवार एक टीबी के मरीज ने दम तोड़ दिया।
कासगंज से मथुरा तक बीती 29 सितंबर से इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन शुरू किया गया है। शुक्रवार सुबह दस बजे सोनई रेलवे स्टेशन पर पावर फेल होने से ट्रेन रुक गई। करीब एक घंटे के बाद ट्रेन यहां से रवाना हुई।
इस दौरान ट्रेन में सवार कासगंज निवासी टीबी मरीज ने दम तोड़ दिया। परिजन उसे उपचार के लिए वृंदावन लेकर आ रहे थे। आरपीएफ ने तीमारदार के साथ शव को सोनई रेलवे स्टेशन पर उतार दिया।
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पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम कार्यालय के पीआरओ राजेंद्र कुमार ने बताया कि सोनई रेलवे स्टेशन पर पॉवर फेल हुआ है या फिर इंजन में कोई तकनीकी कमी थी। इसकी जांच की जा रही है।
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कासगंज से मथुरा तक बीती 29 सितंबर से इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन शुरू किया गया है। शुक्रवार सुबह दस बजे सोनई रेलवे स्टेशन पर पावर फेल होने से ट्रेन रुक गई। करीब एक घंटे के बाद ट्रेन यहां से रवाना हुई।
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इस दौरान ट्रेन में सवार कासगंज निवासी टीबी मरीज ने दम तोड़ दिया। परिजन उसे उपचार के लिए वृंदावन लेकर आ रहे थे। आरपीएफ ने तीमारदार के साथ शव को सोनई रेलवे स्टेशन पर उतार दिया।
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पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम कार्यालय के पीआरओ राजेंद्र कुमार ने बताया कि सोनई रेलवे स्टेशन पर पॉवर फेल हुआ है या फिर इंजन में कोई तकनीकी कमी थी। इसकी जांच की जा रही है।
विद्युतीकरण के 12 दिन बाद ही ‘पावर फेल’
105 किलोमीटर लंबे कासगंज-मथुरा रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण में पूर्वोत्तर रेलवे को दो साल से ज्यादा वक्त लगा। इस पर 110 करोड़ रुपये की लागत आई। इसमें 67 करोड़ रुपये सिर्फ ओएचई लाइन को तैयार करने में खर्च हुए। 23 करोड़ ट्रांसमिशन लाइन बनाने में लागत आई।
दो सब स्टेशन के निर्माण पर 20 करोड़ की लागत आई है। इसमें एक स्टेशन कासगंज तो दूसरा हाथरस जनपद के मेंडू स्टेशन पर बनाया गया है। इतना भारी-भरकम इंतजाम करने के बावजूद इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन के सिर्फ 12 दिन बाद ही पॉवर फेल हो गया।
दो सब स्टेशन के निर्माण पर 20 करोड़ की लागत आई है। इसमें एक स्टेशन कासगंज तो दूसरा हाथरस जनपद के मेंडू स्टेशन पर बनाया गया है। इतना भारी-भरकम इंतजाम करने के बावजूद इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन के सिर्फ 12 दिन बाद ही पॉवर फेल हो गया।