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बृज भोग मिष्ठान पर पकड़ी कर चोरी: एसजीएसटी टीम ने 14 घंटे तक खंगाले दस्तावेज, नहीं दिए जा रहे थे पक्के बिल
Wed, 14 Oct 2026 06:06 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 14 Oct 2026 06:06 PM IST
सार
आगरा के प्रमुख मिठाई कारोबारी बृज भोग मिष्ठान भंडार पर एसजीएसटी की छापेमारी में बड़ी कर चोरी पकड़ी गई है। टीम की जांच में करीब चार करोड़ रुपये की संदिग्ध कर चोरी का मामला सामने आया है।
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दस्तावेजों की जांच करती टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने प्रसिद्ध बृजभोग मिष्ठान्न भंडार पर 14 घंटे की जांच के बाद बुधवार शाम को चार करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा किया है। जांच में पाया गया कि फर्म कच्चे माल की खरीद के अनुपात में मिठाई और नमकीन का उत्पादन कम दिखा रही थी। नकद बिक्री पर कोई कर जमा नहीं कर रही थी।
अपर आयुक्त ग्रेड-1 पंकज गांधी और अपर आयुक्त ग्रेड-2 (एसआईबी) अंजनी कुमार अग्रवाल की देखरेख में मंगलवार दोपहर में की गई इस छापेमारी में 27 अधिकारियों और कर्मचारी शामिल रहे। बृज भोग मिष्ठान्न भंडार के मोती कटरा, जयपुर हाउस और खतैना स्थित ठिकानों पर लगभग 14 घंटे चली जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। विभागीय रेकी और सैंपल खरीदाराी में पता चला कि मोती कटरा स्थित मुख्य प्रतिष्ठान पर ग्राहकों को बिल नहीं दिया जा रहा था, जबकि कई उत्पादों की कीमत में जीएसटी शामिल था। इसके अलावा, जयपुर हाउस स्थित शाखा की बिक्री का रिटर्न में कोई जिक्र नहीं था।
50 लाख रुपये की अवैध बिक्री के सबूत
जांच के दौरान फर्म जुलाई 2026 से अब तक की लगभग 50 लाख रुपये से अधिक की बिक्री के कच्चे पर्चे मिले हैं। व्यापारी इन पर्चों का मिलान अपनी लेखा-पुस्तकों से नहीं करा सका। इस तरह अवैध बिक्री के सबूत मिलने से मिठाई कारोबारी की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। डेटा विश्लेषण से पता चला कि फर्म मिठाई निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की खपत की तुलना में मिठाई का उत्पादन काफी कम दिखा रही थी, जिससे भारी मात्रा में कर चोरी हो रही थी। इसके अलावा, मोती कटरा स्टोर से होने वाली नकद बिक्री को भी रिटर्न में नहीं दर्शाया जा रहा था।
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24.83 लाख रुपये आईटीसी जमा करने का निर्देश
एसआईबी की जांच में यह भी सामने आया कि व्यापारी करमुक्त आपूर्ति और रेस्तरां सेवा के सापेक्ष इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रिवर्सल नहीं कर रहा था। संयुक्त आयुक्त (एसआईबी) चंद्रकांत रल्हन ने बताया कि व्यापारी को 24.83 लाख रुपये आईटीसी जमा करने और अपनी लेखा-पुस्तकों को नियमित करने का निर्देश दिए हैं। विभाग ने कर, अर्थदंड और जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए हैं। जांच अभी जारी है। विभाग को और अधिक कर चोरी सामने आने की संभावना है।
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अपर आयुक्त ग्रेड-1 पंकज गांधी और अपर आयुक्त ग्रेड-2 (एसआईबी) अंजनी कुमार अग्रवाल की देखरेख में मंगलवार दोपहर में की गई इस छापेमारी में 27 अधिकारियों और कर्मचारी शामिल रहे। बृज भोग मिष्ठान्न भंडार के मोती कटरा, जयपुर हाउस और खतैना स्थित ठिकानों पर लगभग 14 घंटे चली जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। विभागीय रेकी और सैंपल खरीदाराी में पता चला कि मोती कटरा स्थित मुख्य प्रतिष्ठान पर ग्राहकों को बिल नहीं दिया जा रहा था, जबकि कई उत्पादों की कीमत में जीएसटी शामिल था। इसके अलावा, जयपुर हाउस स्थित शाखा की बिक्री का रिटर्न में कोई जिक्र नहीं था।
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50 लाख रुपये की अवैध बिक्री के सबूत
जांच के दौरान फर्म जुलाई 2026 से अब तक की लगभग 50 लाख रुपये से अधिक की बिक्री के कच्चे पर्चे मिले हैं। व्यापारी इन पर्चों का मिलान अपनी लेखा-पुस्तकों से नहीं करा सका। इस तरह अवैध बिक्री के सबूत मिलने से मिठाई कारोबारी की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। डेटा विश्लेषण से पता चला कि फर्म मिठाई निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की खपत की तुलना में मिठाई का उत्पादन काफी कम दिखा रही थी, जिससे भारी मात्रा में कर चोरी हो रही थी। इसके अलावा, मोती कटरा स्टोर से होने वाली नकद बिक्री को भी रिटर्न में नहीं दर्शाया जा रहा था।
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24.83 लाख रुपये आईटीसी जमा करने का निर्देश
एसआईबी की जांच में यह भी सामने आया कि व्यापारी करमुक्त आपूर्ति और रेस्तरां सेवा के सापेक्ष इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रिवर्सल नहीं कर रहा था। संयुक्त आयुक्त (एसआईबी) चंद्रकांत रल्हन ने बताया कि व्यापारी को 24.83 लाख रुपये आईटीसी जमा करने और अपनी लेखा-पुस्तकों को नियमित करने का निर्देश दिए हैं। विभाग ने कर, अर्थदंड और जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए हैं। जांच अभी जारी है। विभाग को और अधिक कर चोरी सामने आने की संभावना है।