फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   tander

16 करोड़ के टेंडर मामले में प्रशासन ने खड़े किए हाथ

Thu, 11 Jun 2020 04:51 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2020 04:51 PM IST
विज्ञापन
tander
11एमएनपी-16--कलक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत कार्यालय - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। जिला पंचायत के 16 करोड़ रुपये के टेंडरों में कमीशन लिए जाने के मामले में जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं कर सका है। किसी भी निर्णय से बचते हुए जिलाधिकारी ने मामला शासन को निर्णय के लिए भेज दिया है। ऐसा तब किया गया है जब जांच समिति ने स्पष्ट टेंडर निरस्त करने की संस्तुति की थी।
विज्ञापन

20 मई को अपर जिलाधिकारी और जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी कि जिला पंचायत कार्यालय से उठाए जा रहे 16 करोड़ रुपये के टेंडरों में दस से बीस प्रतिशत का कमीशन खुलेआम लिया जा रहा है। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच के आदेश दिए थे। समिति में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग और वरिष्ठ कोषाधिकारी श्यामलाल जायसवाल को शामिल किया गया था।
विज्ञापन

समिति ने सभी अभिलेखों की जांच कर अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, अवर अभियंता व अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए थे। तीन दिन चली जांच के बाद समिति ने जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें टेंडर प्रक्रिया को गलत बताते हुए निरस्त करने की संस्तुति की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद हर किसी की नजर जिलाधिकारी के निर्णय पर टिकी हुई थीं। करीब 15 दिन तक फाइल पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद निर्णय के लिए फाइल प्रमुख सचिव पंचायती राज को भेज दी गई है।

खूब चला राजनीतिक सिफारिशों का सिलसिला
जिला पंचायत के टेंडर मामले में कमीशनबाजी की शिकायत के बाद जांच के आदेश दिए गए थे। इस बीच राजनीतिक सिफारिशों का सिलसिला भी खूब चला। सूत्रों के अनुसार सत्तारूढ़ दल के छोटे से बड़े नेताओं ने मामले को दबाने के लिए भरपूर कोशिश की। हालांकि समिति द्वारा टेंडर निरस्त करने की संस्तुति के बाद उन्हें निराशा ही हाथ लगी थी।
निरस्त करने के लिए ये थे प्रमुख कारण
-16 करोड़ के टेंडर के लिए एक ही दिन का समय दिया गया।
-इतने बड़े टेंडरों को कलक्ट्रेट से नहीं बेचा गया।
-सभी टेंडर ऑफलाइन ही किए गए।
-प्रत्येक टेंडर के लिए तीन लोगों ने ही निविदा डाली।
मामले को शासन में भेजा गया है। शासन स्तर से जो भी निर्णय होगा वह मान्य होगा।
महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed