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धर्मस्थल खुलने पर पूजा अर्चना और नमाज के लिए पहुंचे लोग
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कासगंज/सोरों/गंजडुंडवारा/पटियाली। जिले में सोमवार से धर्मस्थल खोलने की गाइडलाइन प्रशासन ने जारी की कर दी है। इस गाइडलाइन के मुताबिक धर्मस्थलों के कुछ प्रबंधकों ने धर्मस्थल खोले तो कुछ ने अपने धर्मस्थल बंद रखे। श्रद्धालु और भक्त भी धर्मस्थलों पर पहुंचे और दर्शन कर पूजा अर्चना की।
लॉकडाउन-1 के समय से सभी धर्मस्थल बंद थे। केवल पुजारियों और मौलानाओं के द्वारा ही धार्मिक गतिविधियां धर्मस्थलों में की जा रहीं थीं। आम जनता को धर्मस्थलों पर जाने की इजाजत नहीं थी। गाइडलाइन आने के बाद लोगों को मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च में जाने की अनुमति दी गई। गाइडलाइन की शर्तों के कारण कई धर्मस्थलों के प्रबंधक भी इस असमजंस्य में रहे कि वे व्यवस्थाएं बना पाएंगे या नहीं।
ऐसी स्थिति में नगर के चामुंडा मंदिर को आम जनता के लिए नहीं खोला गया क्योंकि इस मंदिर पर आने वाले भक्तों की संख्या काफी अधिक रहती है। मंदिर के द्वार न खुलने से श्रद्धालुओं को बाहर से ही पूजा अर्चना कर वापस लौटना पड़ा। तीर्थनगरी सोरों के वराह मंदिर में भी पूजा अर्चना शुरू हुई। श्रद्धालु भी दर्शन के लिए पहुंचे।
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गंजडुंडवारा में भी धर्मस्थलों मे लोग पहुंचे और पूजा की। वहीं मस्जिदों में भी एक बार में 5 लोगों ने नमाज अदा की और गाइडलाइन का पालन किया। पटियाली के मंदिरों में भी लोग पूजा अर्चना को पहुंचे। वहीं मस्जिदों में 5-5 लोगों ने नमाज अदा की।
धर्मगुरूओं के साथ प्रशासन ने की बैठक, दिए दिशा निर्देश
सोरों। कोतवाली में एडीएम आरके श्रीवास्तव व एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी ने धर्मगुरूओं के साथ बैठक कर मंदिर, मस्जिदों में पूजा व दर्शन के नियम बताकर उनका अनुसरण कराने की अपील की। अधिकारियों ने एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत न देने व मूर्तियों के दूर से ही दर्शन कराने के नियमों को बताया। मंदिर मस्जिदों को दिन में तीन बार सैनेटाइज कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह, एसएसआई मोहर सिंह तोमर, वराह मंदिर के महंत विदेहानंद गिरि, कालीचरन माफीदार, नरेश त्रिगुणायत, हाफिज मोहम्मद मोहसिन राइन, हाफिज उवैश बरकाती आदि धर्मगुरू मौजूद रहे।
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लॉकडाउन-1 के समय से सभी धर्मस्थल बंद थे। केवल पुजारियों और मौलानाओं के द्वारा ही धार्मिक गतिविधियां धर्मस्थलों में की जा रहीं थीं। आम जनता को धर्मस्थलों पर जाने की इजाजत नहीं थी। गाइडलाइन आने के बाद लोगों को मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च में जाने की अनुमति दी गई। गाइडलाइन की शर्तों के कारण कई धर्मस्थलों के प्रबंधक भी इस असमजंस्य में रहे कि वे व्यवस्थाएं बना पाएंगे या नहीं।
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ऐसी स्थिति में नगर के चामुंडा मंदिर को आम जनता के लिए नहीं खोला गया क्योंकि इस मंदिर पर आने वाले भक्तों की संख्या काफी अधिक रहती है। मंदिर के द्वार न खुलने से श्रद्धालुओं को बाहर से ही पूजा अर्चना कर वापस लौटना पड़ा। तीर्थनगरी सोरों के वराह मंदिर में भी पूजा अर्चना शुरू हुई। श्रद्धालु भी दर्शन के लिए पहुंचे।
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गंजडुंडवारा में भी धर्मस्थलों मे लोग पहुंचे और पूजा की। वहीं मस्जिदों में भी एक बार में 5 लोगों ने नमाज अदा की और गाइडलाइन का पालन किया। पटियाली के मंदिरों में भी लोग पूजा अर्चना को पहुंचे। वहीं मस्जिदों में 5-5 लोगों ने नमाज अदा की।
धर्मगुरूओं के साथ प्रशासन ने की बैठक, दिए दिशा निर्देश
सोरों। कोतवाली में एडीएम आरके श्रीवास्तव व एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी ने धर्मगुरूओं के साथ बैठक कर मंदिर, मस्जिदों में पूजा व दर्शन के नियम बताकर उनका अनुसरण कराने की अपील की। अधिकारियों ने एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत न देने व मूर्तियों के दूर से ही दर्शन कराने के नियमों को बताया। मंदिर मस्जिदों को दिन में तीन बार सैनेटाइज कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह, एसएसआई मोहर सिंह तोमर, वराह मंदिर के महंत विदेहानंद गिरि, कालीचरन माफीदार, नरेश त्रिगुणायत, हाफिज मोहम्मद मोहसिन राइन, हाफिज उवैश बरकाती आदि धर्मगुरू मौजूद रहे।