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बरामद प्राचीन अस्त्रों को लेबोरेट्री भेजा जाएगा
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कुरावली (मैनपुरी)। तहसील क्षेत्र के गांव गणेशपुरा में निकले ताम्रनिधियों की जांच करने रविवार की दोपहर पुरातत्व विभाग के अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल पहुंचे। बताया कि इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से जानकारी भी जुटाई।
अधीक्षण पुरातत्वविद ने बताया कि जिस तरह के अवशेष मिल रहे हैं, उससे पता चलता है कि हड़प्पा सभ्यता के बाद के अवशेष हैं, फिर भी जांच जारी है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस तरह के अस्त्र सबसे पहले 1822 में कानपुर के बिठूर से मिले थे। उसके बाद गंगा घाटी उत्तर प्रदेश मदारपुर मुरादाबाद, सैफई इटावा तथा सोनौली के साथ ही एमपी के गूंगेरिया में सबसे अधिक 424 प्राचीन संस्कृति के अस्त्र मिले थे। उन्होंने बताया कि गणेशपुरा के खेत में जो मिट्टी के बर्तन के टूटे हुए अवशेष मिल रहे हैं वह गैरिक मृतभांड परंपरा के सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इससे सिद्ध होता है कि यहां उस समय कुछ लोग रहे होंगे, जिन्होंने यह अस्त्र प्रयोग किए होंगे। वह कौन लोग थे उनके फुटप्रिंट की खोज के लिए प्रयास किया जा रहा है। जेसीबी के द्वारा हुई खुदाई के कारण सबकुछ नष्ट हो चुका है। फिर भी खोज जारी है। जो भी अवशेष मिल रहे हैं उन्हें अलग-अलग प्रयोगशाला में भेज जाएगा। जहां इनका परीक्षण होगा तब ही कुछ सही जानकारी मिल सकेगी।
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अधीक्षण पुरातत्वविद ने बताया कि जिस तरह के अवशेष मिल रहे हैं, उससे पता चलता है कि हड़प्पा सभ्यता के बाद के अवशेष हैं, फिर भी जांच जारी है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस तरह के अस्त्र सबसे पहले 1822 में कानपुर के बिठूर से मिले थे। उसके बाद गंगा घाटी उत्तर प्रदेश मदारपुर मुरादाबाद, सैफई इटावा तथा सोनौली के साथ ही एमपी के गूंगेरिया में सबसे अधिक 424 प्राचीन संस्कृति के अस्त्र मिले थे। उन्होंने बताया कि गणेशपुरा के खेत में जो मिट्टी के बर्तन के टूटे हुए अवशेष मिल रहे हैं वह गैरिक मृतभांड परंपरा के सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि इससे सिद्ध होता है कि यहां उस समय कुछ लोग रहे होंगे, जिन्होंने यह अस्त्र प्रयोग किए होंगे। वह कौन लोग थे उनके फुटप्रिंट की खोज के लिए प्रयास किया जा रहा है। जेसीबी के द्वारा हुई खुदाई के कारण सबकुछ नष्ट हो चुका है। फिर भी खोज जारी है। जो भी अवशेष मिल रहे हैं उन्हें अलग-अलग प्रयोगशाला में भेज जाएगा। जहां इनका परीक्षण होगा तब ही कुछ सही जानकारी मिल सकेगी।
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