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आगरा: लॉकडाउन से 3 हजार करोड़ का नुकसान 3 लाख लोगों को उधार पर काटने पड़े दिन
Wed, 23 Dec 2020 11:05 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 23 Dec 2020 11:05 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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साल 2020 का आगाज जितना बेहतर हुआ, उतना ही बुरा बीता। पर्यटन से जुड़े 4 लाख से ज्यादा लोगों के लिए यह कभी न भूलने वाला कड़वा अनुभव रहा। ट्रेड के 3 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोनो संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन में उधार पर जिंदगी काटनी पड़ी। पहली बार 188 दिनों तक ताज बंद रहा, जिस वजह से पर्यटन उद्योग को 3 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा। अभी भी नुकसान की भरपाई शुरू नहीं हो पाई। पंचतारा होटल, एंपोरियम से लेकर छोटे दुकानदार और हॉकर तक की जिंदगी अभी पटरी पर नहीं आई है।
17 मार्च को बंदी के बाद 21 सितंबर को ताज समेत स्मारक खुले भी तो केवल 5 हजार पर्यटक ही ताज में प्रवेश करने की अनुमति दी गई, जिसने उद्योग को निराश किया। बीते साल के मुकाबले 46 लाख लोगों की कमी पर्यटन उद्योग झेल रहा है। विदेशी उड़ानें शुरू न हुईं और कैपिंग न हटी तो हालात और खराब हो सकते हैं।
ताजमहल पहली बार 188 दिनों तक कोरोना संक्रमण के कारण बंद हुआ। इससे पहले 1971 के भारत पाक युद्ध में 15 दिन और 1978 की बाढ़ में 7 दिन तक ही ताज पर्यटकों के लिए बंद हुआ था। 354 साल में पहला मौका था जब शाहजहां का उर्स नहीं हुआ और पूरे 6 महीने तक ताजमहल के अंदर बनी शाही मस्जिद में न ईद की नमाज हुई और ना ही शुक्रवार की।
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17 मार्च को बंदी के बाद 21 सितंबर को ताज समेत स्मारक खुले भी तो केवल 5 हजार पर्यटक ही ताज में प्रवेश करने की अनुमति दी गई, जिसने उद्योग को निराश किया। बीते साल के मुकाबले 46 लाख लोगों की कमी पर्यटन उद्योग झेल रहा है। विदेशी उड़ानें शुरू न हुईं और कैपिंग न हटी तो हालात और खराब हो सकते हैं।
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ताजमहल पहली बार 188 दिनों तक कोरोना संक्रमण के कारण बंद हुआ। इससे पहले 1971 के भारत पाक युद्ध में 15 दिन और 1978 की बाढ़ में 7 दिन तक ही ताज पर्यटकों के लिए बंद हुआ था। 354 साल में पहला मौका था जब शाहजहां का उर्स नहीं हुआ और पूरे 6 महीने तक ताजमहल के अंदर बनी शाही मस्जिद में न ईद की नमाज हुई और ना ही शुक्रवार की।
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कोरोना ने कारोबार की कमर तोड़ी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे से उम्मीद थी कि 2020 सबसे शानदार होगा, पर सबसे खराब बीता। कोरोना ने पूरे पर्यटन कारोबार की कमर तोड़ दी। अब तो विदेशी पर्यटकों के यहां आने पर ही उद्योग उबर सकता है। इंटरनेशनल फ्लाइट जल्द शुरू हों। -राजीव सक्सेना, उपाध्यक्ष टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा
इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू हों
इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू नहीं हुईं तो विदेशी पर्यटकों के आने की उम्मीद कम है। भारतीय पर्यटकों को यहां आकर्षित करना होगा, पर ताज पर 5000 टिकटों की सीमा बड़ी बाधा है। सरकार का कोई कदम ऐसा नहीं, जिससे लगे कि पर्यटन को उबारने में वह सक्रिय है। -राकेश चौहान, अध्यक्ष होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे से उम्मीद थी कि 2020 सबसे शानदार होगा, पर सबसे खराब बीता। कोरोना ने पूरे पर्यटन कारोबार की कमर तोड़ दी। अब तो विदेशी पर्यटकों के यहां आने पर ही उद्योग उबर सकता है। इंटरनेशनल फ्लाइट जल्द शुरू हों। -राजीव सक्सेना, उपाध्यक्ष टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा
इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू हों
इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू नहीं हुईं तो विदेशी पर्यटकों के आने की उम्मीद कम है। भारतीय पर्यटकों को यहां आकर्षित करना होगा, पर ताज पर 5000 टिकटों की सीमा बड़ी बाधा है। सरकार का कोई कदम ऐसा नहीं, जिससे लगे कि पर्यटन को उबारने में वह सक्रिय है। -राकेश चौहान, अध्यक्ष होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन