{"_id":"f0b0348fa5cb729d4fca69983c21adb1","slug":"tajagnj-project-being-thrown-dust-in-the-eyes-of-governance-corporation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताजगंज प्रोजेक्ट : शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहा निर्माण निगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजगंज प्रोजेक्ट : शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहा निर्माण निगम
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 29 May 2015 02:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत ताजमहल के आसपास की 15 मलिन बस्तियों में विकास कार्यों के नाम पर शासन और प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है। अधिकारियों के निरीक्षण में कार्य प्रगति तेज दिखाई जा रही है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। अभी तक 15 मलिन बस्तियों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की डीपीआर तक तैयार नहीं है। गुरुवार को जिलाधिकारी पंकज कुमार ने राजकीय निर्माण निगम के अफसरों को कड़ी फटकार लगाई।
शहर के पर्यटन को बढ़ावा देने और ताजमहल के आसपास पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने तकरीबन 167 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं बनाई थी। इसके तहत ताजमहल के पूर्वी, पश्चिमी गेट, दक्षिणी गेट के आसपास तो विकास कार्य कराना ही था ताज के आसपास की करीब 15 मलिन बस्तियों को भी चमकाने की योजना है। विकास की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है। जब भी समीक्षा हुई निर्माण निगम के अधिकारियों ने हर बार यह कहा कि विकास कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने जांच एसडीएम एमपी सिंह से करवाई तो दावों की पोल खुल गई। अभी तक वहां काम शुरू होना तो दूर डीपीआर तक नहीं बनाई गई। यह हाल तब है जब शासन ने हर हाल में काम 2016 तक पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। इस पर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने निर्माण निगम के अफसरों को डीपीआर जल्द प्रस्तुत कर तेजी से काम कराने के निर्देश दिए।
ताजगंज प्रोजेक्ट में मॉडल फेल, नए डिजायन बने
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ताज खेमा के सामने मॉडल बनवाकर ताजगंज प्रोजेक्ट के काम देखे थे। इसमें पत्थर की जालियां, रेड सैंड स्टोन की सीटें और हरे रंग की कास्ट आयरन लाइटें लगाई थीं। यह पूरा मॉडल फेल हो गया है। अब आर्किटेक्ट बदलते ही नई डिजायन तैयार हुई है, जिसमें कास्ट आयरन की जगह सैंड स्टोन की लाइटें लगेंगी, जिसके अंदर एलईडी होंगी। सैंड स्टोन पाथवे 2.4 मीटर की जगह अब 4 मीटर का होगा। दूसरे चित्र में राजकीय निर्माण निगम ने नए डिजायन का प्रस्तावित व्यू कुछ इस तरह से दिखाया है। रेड सैंडस्टोन की लाइटें कितने दिन चलेंगी, यह चौराहों पर बनाई गई छतरियों के हश्र से समझा जा सकता है।
विज्ञापन
15 बस्तियों में होने हैं 18 काम
ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत ताजमहल के आसपास की 15 मलिन बस्तियों में 18 विकास कार्य कराए जाने हैं। जिन बस्तियों का चुनाव किया गया है उनमें मुख्य रुप से नगला नत्था, असद गली, सईद नगर, कोल्हाई, गड़हाई मंडी, तुलसी चबूतरा आदि शामिल हैं। इन बस्तियों में सीसी सड़क, गलियों में इंटरलाकिंग, सामुदायिक भवन, हैंडपंप, कब्रिस्तानों और श्मशान भूमि का सुधार काम, जल निकासी और सीवर निस्तारण आदि कार्य कराए जाने हैं।
विज्ञापन
शहर के पर्यटन को बढ़ावा देने और ताजमहल के आसपास पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने तकरीबन 167 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं बनाई थी। इसके तहत ताजमहल के पूर्वी, पश्चिमी गेट, दक्षिणी गेट के आसपास तो विकास कार्य कराना ही था ताज के आसपास की करीब 15 मलिन बस्तियों को भी चमकाने की योजना है। विकास की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है। जब भी समीक्षा हुई निर्माण निगम के अधिकारियों ने हर बार यह कहा कि विकास कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने जांच एसडीएम एमपी सिंह से करवाई तो दावों की पोल खुल गई। अभी तक वहां काम शुरू होना तो दूर डीपीआर तक नहीं बनाई गई। यह हाल तब है जब शासन ने हर हाल में काम 2016 तक पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। इस पर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने निर्माण निगम के अफसरों को डीपीआर जल्द प्रस्तुत कर तेजी से काम कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
ताजगंज प्रोजेक्ट में मॉडल फेल, नए डिजायन बने
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ताज खेमा के सामने मॉडल बनवाकर ताजगंज प्रोजेक्ट के काम देखे थे। इसमें पत्थर की जालियां, रेड सैंड स्टोन की सीटें और हरे रंग की कास्ट आयरन लाइटें लगाई थीं। यह पूरा मॉडल फेल हो गया है। अब आर्किटेक्ट बदलते ही नई डिजायन तैयार हुई है, जिसमें कास्ट आयरन की जगह सैंड स्टोन की लाइटें लगेंगी, जिसके अंदर एलईडी होंगी। सैंड स्टोन पाथवे 2.4 मीटर की जगह अब 4 मीटर का होगा। दूसरे चित्र में राजकीय निर्माण निगम ने नए डिजायन का प्रस्तावित व्यू कुछ इस तरह से दिखाया है। रेड सैंडस्टोन की लाइटें कितने दिन चलेंगी, यह चौराहों पर बनाई गई छतरियों के हश्र से समझा जा सकता है।
विज्ञापन
15 बस्तियों में होने हैं 18 काम
ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत ताजमहल के आसपास की 15 मलिन बस्तियों में 18 विकास कार्य कराए जाने हैं। जिन बस्तियों का चुनाव किया गया है उनमें मुख्य रुप से नगला नत्था, असद गली, सईद नगर, कोल्हाई, गड़हाई मंडी, तुलसी चबूतरा आदि शामिल हैं। इन बस्तियों में सीसी सड़क, गलियों में इंटरलाकिंग, सामुदायिक भवन, हैंडपंप, कब्रिस्तानों और श्मशान भूमि का सुधार काम, जल निकासी और सीवर निस्तारण आदि कार्य कराए जाने हैं।