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ताज महोत्सव 2026: शिल्पी 500 रुपये का खरीद रहे पानी, शौचालय तक नहीं; बदइंतजामी की खुल रही पोल

Wed, 18 Feb 2026 10:02 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 18 Feb 2026 10:02 AM IST
सार

ताज महोत्सव में बदहाली के बीच स्टालें सज रही हैं। शिल्पियों को 500 रुपये का पानी खरीदना पड़ रहा है। मोबाइल फोन चार्जिंग तक की व्यवस्था नहीं है।

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Taj Mahotsav: Artisans Forced to Buy Water No Toilets or Basic Facilities at Venue
ताज महोत्सव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

ताज महोत्सव के आयोजन को लेकर प्रशासन के दावों की मंगलवार को हवा निकल गई है। टाटा मैदान में मंगलवार शाम तक अव्यवस्थाओं का अंबार था। शिल्पियों के लिए न तो शौचालय बने। न ही मोबाइल टॉयलेट पहुंचे। दूर-दराज से आए शिल्पियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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भदोही से काॅलीन की स्टॉल लगाने आए शिल्पी नानक ने बताया कि आयोजन स्थल पर पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है। शिल्पियों को बाहर से बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि सात से आठ मजदूर सामान उतारने में लगे हैं, ऐसे में उन्हें रोजाना 500 रुपये का पानी खरीदना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, इस आधुनिक महोत्सव में शिल्पियों के लिए मोबाइल चार्जिंग पॉइंट तक की सुविधा नहीं दी गई है।
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बागपत से आए एक शिल्पी दंपती ने बताया कि शौचालय न होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है। उनकी पत्नी को पास की दुकानों या बाहर के होटलों का रुख करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि महोत्सव में बड़ी संख्या में महिला शिल्पियों ने स्टॉल लगाई हैं, लेकिन उनके लिए कोई भी अलग व्यवस्था नहीं की गई है।
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घंटों भटकने के बाद मिली स्टॉल
महोत्सव में इस बार 500 से अधिक स्टॉल और 20 से अधिक झूले लगाए गए हैं। शिल्पियों का आरोप है कि स्टॉल आवंटन के नाम पर उन्हें घंटों इंतजार कराया गया और एक काउंटर से दूसरे काउंटर तक दौड़ाया गया। आयोजन समिति के ढुलमुल रवैये के कारण शिल्पी देर रात तक अपना सामान व्यवस्थित करने में ही जूझते रहे।

बिना फिटनेस सर्टिफिकेट लग गए झूले
महोत्सव में मनोरंजन के लिए लगाए गए 20 से अधिक बड़े झूलों की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अब तक झूलों की फिटनेस को लेकर कोई पुख्ता जांच नहीं हुई है, जो किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती है।


कलाकारों ने मंच पर किया पूर्व अभ्यास
एक तरफ जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, वहीं दूसरी ओर मुख्य मंच पर बुधवार से प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कलाकारों का रिहर्सल जारी रहा। देर रात तक कलाकार अपनी प्रस्तुति को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। इस संबंध में जिलाधिकारी अरविंद बंगारी का कहना है कि शिल्पियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


 
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