{"_id":"68e40e1d7bfbbb629901e8f5","slug":"taj-could-not-be-seen-on-moonlit-night-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Taj Mahal: चांदनी रात में ताज के दीदार की हसरत रही अधूरी...बादलों में छुपा चांद, मायूस लाैटे पर्यटक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Taj Mahal: चांदनी रात में ताज के दीदार की हसरत रही अधूरी...बादलों में छुपा चांद, मायूस लाैटे पर्यटक
Tue, 07 Oct 2025 12:14 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:14 AM IST
सार
बारिश की वजह से आसमान में घने बादल छाए रहे। इससे चंद्रमा की रोशनी सही से बाहर नहीं निकल पाई और ताजमहल की चमकी का दीदार करने वाले पर्यटकों को हताशा हाथ लगी।
विज्ञापन
चांदनी रात में ताजमहल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
चांदनी रात में ताजमहल का दीदार करने के लिए स्मारक में पहुंचे पर्यटकों को मायूसी हाथ लगी। मौसम खराब होने के चलते बादलों ने चांद को अपने आगोश में छुपा लिया। इस वजह से बादल और चांदनी रात की लुका छुपी चलती रही। ताजमहल की चमकी का दीदार नहीं हो पाया।
शरद पूर्णिमा की रात में धवल चांदनी में चमकते हुए ताजमहल का दीदार करने के लिए पर्यटक साल भर इंतजार करते हैं, लेकिन उनका इंतजार उस समय खराब हो गया जब बादलों ने चांद को अपने आगोश में ले लिया और ताजमहल पर पड़ने वाली चांद की रोशनी में व्यवधान आ गया।
देशी विदेशी पर्यटकों के लिए मेहताब बाग स्थित ताज व्यू पॉइंट पर आगरा विकास प्राधिकरण की ओर से इंतजाम किए गए थे। रविवार को मौसम साफ होने के चलते भारी संख्या में पर्यटकों ने यहां से चांदनी रात में ताजमहल का दीदार किया। वहीं सोमवार को शाम 7 बजे तक हुई बारिश की वजह से आसमान में घने बादल छाए रहे। इससे चंद्रमा की रोशनी सही से बाहर नहीं निकल पाई और ताजमहल की चमकी का दीदार करने वाले पर्यटकों को हताशा हाथ लगी। सोमवार को करीब 15 से 20 पर्यटकों ने ताज व्यू पॉइंट से ताजमहल का दीदार किया।
विज्ञापन
काफी समय से सुना था की चांदनी रात में ताजमहल दूध जैसा चमकता है। इसलिए अपनी पत्नी के साथ ताजमहल देखने आया था। ताज व्यू पॉइंट पर आकर देखा तो आसमान में बादल छाए हुए थे। हालांकि चांद की थोड़ी बहुत रोशनी ताजमहल पर पड़ रही थी। इसमें ताजमहल को देखा तो अच्छा लगा। -मयंक अग्रवाल, आगरा
ताजमहल की चमकी देखने के लिए बुकिंग नहीं हो पाई इस वजह से ताज व्यू पॉइंट पर आए हैं। यहां से भी बादलों की वजह से ताजमहल सही से दिख नहीं रहा है। प्रशासन को पर्यटकों के लिए और ज्यादा इंतजाम करने चाहिए जिससे अधिक से अधिक पर्यटक आकर्षित हो। -सहगल, दिल्ली
ताजमहल को चांदी की रोशनी में नहीं देख पाए। इससे मायूस हैं। मगर रात्रि में ताज को देखने का एक अलग ही अनुभव रहा। काफी अच्छा लगा है। -ज्योति गुप्ता, मथुरा
ताज को रात्रि में देखने का अनुभव काफी अच्छा रहा। पहली बार आगरा आना हुआ। पूर्णिमा की रात के बारे में काफी सुना था। मगर यह काफी अच्छा था। -पल्लवी, नागपुर
विज्ञापन
शरद पूर्णिमा की रात में धवल चांदनी में चमकते हुए ताजमहल का दीदार करने के लिए पर्यटक साल भर इंतजार करते हैं, लेकिन उनका इंतजार उस समय खराब हो गया जब बादलों ने चांद को अपने आगोश में ले लिया और ताजमहल पर पड़ने वाली चांद की रोशनी में व्यवधान आ गया।
विज्ञापन
देशी विदेशी पर्यटकों के लिए मेहताब बाग स्थित ताज व्यू पॉइंट पर आगरा विकास प्राधिकरण की ओर से इंतजाम किए गए थे। रविवार को मौसम साफ होने के चलते भारी संख्या में पर्यटकों ने यहां से चांदनी रात में ताजमहल का दीदार किया। वहीं सोमवार को शाम 7 बजे तक हुई बारिश की वजह से आसमान में घने बादल छाए रहे। इससे चंद्रमा की रोशनी सही से बाहर नहीं निकल पाई और ताजमहल की चमकी का दीदार करने वाले पर्यटकों को हताशा हाथ लगी। सोमवार को करीब 15 से 20 पर्यटकों ने ताज व्यू पॉइंट से ताजमहल का दीदार किया।
विज्ञापन
काफी समय से सुना था की चांदनी रात में ताजमहल दूध जैसा चमकता है। इसलिए अपनी पत्नी के साथ ताजमहल देखने आया था। ताज व्यू पॉइंट पर आकर देखा तो आसमान में बादल छाए हुए थे। हालांकि चांद की थोड़ी बहुत रोशनी ताजमहल पर पड़ रही थी। इसमें ताजमहल को देखा तो अच्छा लगा। -मयंक अग्रवाल, आगरा
ताजमहल की चमकी देखने के लिए बुकिंग नहीं हो पाई इस वजह से ताज व्यू पॉइंट पर आए हैं। यहां से भी बादलों की वजह से ताजमहल सही से दिख नहीं रहा है। प्रशासन को पर्यटकों के लिए और ज्यादा इंतजाम करने चाहिए जिससे अधिक से अधिक पर्यटक आकर्षित हो। -सहगल, दिल्ली
ताजमहल को चांदी की रोशनी में नहीं देख पाए। इससे मायूस हैं। मगर रात्रि में ताज को देखने का एक अलग ही अनुभव रहा। काफी अच्छा लगा है। -ज्योति गुप्ता, मथुरा
ताज को रात्रि में देखने का अनुभव काफी अच्छा रहा। पहली बार आगरा आना हुआ। पूर्णिमा की रात के बारे में काफी सुना था। मगर यह काफी अच्छा था। -पल्लवी, नागपुर