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Agra News: सिस्टम सरेंडर...अवैध पार्किंग-अतिक्रमण के चक्रव्यूह में फंसा शहर
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सड़क पर जाम।
आगरा। डीजीपी राजीव कृष्ण ने शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। हालांकि, इसका असर नहीं दिख रहा है। कमिश्नरेट में सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या आम है। अवैध पार्किंग और बसों के अवैध स्टॉपेज पर रोक नहीं लग पा रही है। गलत दिशा में वाहन दौड़ रहे हैं। इसके कारण रोज लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है।
मंगलवार को डीजीपी ने 20 शहरों के 172 मार्गों को ट्रैफिक जाम से मुक्त कराने के लिए रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन (आरटीसी) योजना की शुरुआत की है। इसके तहत रूट मार्शल की तैनाती के साथ यात्रा का समय कम करने को प्राथमिकता दी गई है। आगरा में ट्रैफिक प्लान कई बार बन चुके हैं, लेकिन जनता को निजात नहीं मिली।
वर्तमान में मेट्रो के निर्माण कार्यों की वजह से हर रास्ते पर जाम से लोग बेहाल हैं। चंद मिनटों की दूरी तय करने में घंटों लग जाते हैं। जिन रास्तों पर निर्माण कार्य नहीं हो रहा है, वहां भी अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और बेतरतीब ऑटो-ई रिक्शा खड़े होने और बसों के ठहराव के कारण परेशानी हो रही है। उत्तरी बाईपास बनने के बाद भी पुलिस हाईवे पर भारी वाहनों के संचालन पर रोक नहीं लगा पा रही है। बृहस्पतिवार को शहर में जाम की स्थिति पड़ताल की गई तो हालात बेहद चिंताजनक मिले।
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रामबाग चाैराहा - सीन - 1 : दोपहर 3:30 बजे : रामबाग चाैराहे पर हर तरफ ऑटो-ई रिक्शा खड़े थे। बसों, ट्रकों के रुकने से यातायात बाधित हो रहा था। ठेल और फड़ विक्रेता सड़क पर अवैध कब्जा जमाए मिले। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नहीं होने के कारण जाम लग रहा था। टेढ़ी बगिया पर भी दुकानों के बाहर अतिक्रमण है। इससे वाहन नहीं निकल पा रहे थे।
बोदला - सीन - 2 : शाम 6:00 बजे : एमजी रोड-2 पर मारुति एस्टेट से सिकंदरा तक जगह-जगह दुकानों के बाहर अतिक्रमण किया गया है। बोदला रोड पर वाहन फंसते हैं। 100 मीटर के दायरे में ही ऑटो-ई रिक्शा खड़े होने के कारण चाैराहे से निकलना भी मुश्किल है।
रोहता - सीन - 3 : शाम 6:30 बजे : रोहता से दिगनेर पुलिया तक सड़क संकरी है। सिंगल सड़क से भारी वाहन निकल रहे थे। दोनों तरफ के वाहन निकलने के एक ही मार्ग होने से जाम लग रहा था। शादी के सीजन में काफी परेशानी होती है।
वाटर वर्क्स - सीन - 4 : शाम : 6:30 बजे : सिकंदरा से रामबाग तक हाईवे पर मेट्रो का निर्माण चल रहा है। इसके साथ ही जगह-जगह अवैध बस स्टैंड ट्रैफिक में बाधा बने हुए हैं। वाटर वर्क्स फ्लाईओवर पर अवैध रूप से बसें और ऑटो भी खड़े थे। इससे जाम की स्थिति बन गई।
इन मार्गों पर भी मुश्किलें
1. आगरा फोर्ट से वाटर वर्क्स : यमुना किनारा मार्ग पर ट्रांसपोर्ट कंपनियों के बाहर माल लेकर आने वाले वाहनों से जाम की समस्या रहती है। जीवनी मंडी से आगे अतिक्रमण के कारण जाम लगता है।
2. ताज व्यू तिराहे से बसई मंडी : फतेहाबाद रोड पर पर्यटकों के वाहन निकलते हैं। एंपोरियम में खरीदारी करने वाले पर्यटकों के वाहनों की पार्किंग से रास्ते पर समस्या होती है।
7. लोहामंडी से हरीपर्वत चाैराहा : लोहामंडी चाैराहे पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। तोता का ताल, मदिया कटरा पर दोपहर 11 से तीन बजे के बीच वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम लगता है।
8. नामनेर से कमाल खां दरगाह : नामनेर से कमला खां दरगाह की तरफ जाने वाले मार्ग पर ईदगाह बस स्टैंड है। रेलवे ओवरब्रिज भी है। दरगाह से पहले खेरिया मोड़ जगनेर मार्ग पर दुकानों के आगे अतिक्रमण और सब्जी मंडी लगने से रास्ता नहीं मिलता और जाम की समस्या होती है।
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जाम का कारण सिर्फ सड़क की चौड़ाई कम होना नहीं
जिला सड़क सुरक्षा समिति के पूर्व सदस्य डाॅ. संजय चतुर्वेदी का कहना है कि केवल सड़क की चौड़ाई कम होना जाम का मुख्य कारण नहीं है। चौड़ी सड़कों एमजी रोड, फतेहाबाद रोड पर भी जाम लगता है। वास्तविक समस्या सड़क जितनी बनी है, उतनी उपयोग में नहीं आ रही है। अवैध पार्किंग से सड़क की उपयोगिता 30-50% तक कम हो जाती है। ई-रिक्शा और ऑटो का अनियंत्रित संचालन होता है। इसके अलावा दुकानों और ठेलों के फुटपाथ और सड़क का कब्जा करने से लोग पैदल भी नहीं निकल पाते हैं। इसके साथ ही जंक्शन और सिग्नल पर डिजाइन की कमी है। निजी वाहनों का अधिक प्रयोग भी जाम का बड़ा कारण है। पुलिस-प्रशासन यातायात व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए ठोस प्लान बनाए। इसमें रोड इंजीनियरिंग भी शामिल होनी चाहिए।
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दूर की जाएंगी सभी बाधाएं
आगरा में आठ मार्ग चिह्नित किए गए हैं। इनका सर्वे किया जा रहा है। ट्रैफिक के ठीक से संचालन के लिए सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा। ट्रैफिक मार्शल लगाए जाएंगे। थाना पुलिस की जिम्मेदारी तय की जाएगी। चाैराहों से अतिक्रमण, अवैध पार्किंग की समस्या भी खत्म कराई जाएगी। - सोनम कुमार, डीसीपी ट्रैफिक
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मंगलवार को डीजीपी ने 20 शहरों के 172 मार्गों को ट्रैफिक जाम से मुक्त कराने के लिए रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन (आरटीसी) योजना की शुरुआत की है। इसके तहत रूट मार्शल की तैनाती के साथ यात्रा का समय कम करने को प्राथमिकता दी गई है। आगरा में ट्रैफिक प्लान कई बार बन चुके हैं, लेकिन जनता को निजात नहीं मिली।
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वर्तमान में मेट्रो के निर्माण कार्यों की वजह से हर रास्ते पर जाम से लोग बेहाल हैं। चंद मिनटों की दूरी तय करने में घंटों लग जाते हैं। जिन रास्तों पर निर्माण कार्य नहीं हो रहा है, वहां भी अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और बेतरतीब ऑटो-ई रिक्शा खड़े होने और बसों के ठहराव के कारण परेशानी हो रही है। उत्तरी बाईपास बनने के बाद भी पुलिस हाईवे पर भारी वाहनों के संचालन पर रोक नहीं लगा पा रही है। बृहस्पतिवार को शहर में जाम की स्थिति पड़ताल की गई तो हालात बेहद चिंताजनक मिले।
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रामबाग चाैराहा - सीन - 1 : दोपहर 3:30 बजे : रामबाग चाैराहे पर हर तरफ ऑटो-ई रिक्शा खड़े थे। बसों, ट्रकों के रुकने से यातायात बाधित हो रहा था। ठेल और फड़ विक्रेता सड़क पर अवैध कब्जा जमाए मिले। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नहीं होने के कारण जाम लग रहा था। टेढ़ी बगिया पर भी दुकानों के बाहर अतिक्रमण है। इससे वाहन नहीं निकल पा रहे थे।
बोदला - सीन - 2 : शाम 6:00 बजे : एमजी रोड-2 पर मारुति एस्टेट से सिकंदरा तक जगह-जगह दुकानों के बाहर अतिक्रमण किया गया है। बोदला रोड पर वाहन फंसते हैं। 100 मीटर के दायरे में ही ऑटो-ई रिक्शा खड़े होने के कारण चाैराहे से निकलना भी मुश्किल है।
रोहता - सीन - 3 : शाम 6:30 बजे : रोहता से दिगनेर पुलिया तक सड़क संकरी है। सिंगल सड़क से भारी वाहन निकल रहे थे। दोनों तरफ के वाहन निकलने के एक ही मार्ग होने से जाम लग रहा था। शादी के सीजन में काफी परेशानी होती है।
वाटर वर्क्स - सीन - 4 : शाम : 6:30 बजे : सिकंदरा से रामबाग तक हाईवे पर मेट्रो का निर्माण चल रहा है। इसके साथ ही जगह-जगह अवैध बस स्टैंड ट्रैफिक में बाधा बने हुए हैं। वाटर वर्क्स फ्लाईओवर पर अवैध रूप से बसें और ऑटो भी खड़े थे। इससे जाम की स्थिति बन गई।
इन मार्गों पर भी मुश्किलें
1. आगरा फोर्ट से वाटर वर्क्स : यमुना किनारा मार्ग पर ट्रांसपोर्ट कंपनियों के बाहर माल लेकर आने वाले वाहनों से जाम की समस्या रहती है। जीवनी मंडी से आगे अतिक्रमण के कारण जाम लगता है।
2. ताज व्यू तिराहे से बसई मंडी : फतेहाबाद रोड पर पर्यटकों के वाहन निकलते हैं। एंपोरियम में खरीदारी करने वाले पर्यटकों के वाहनों की पार्किंग से रास्ते पर समस्या होती है।
7. लोहामंडी से हरीपर्वत चाैराहा : लोहामंडी चाैराहे पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े रहते हैं। तोता का ताल, मदिया कटरा पर दोपहर 11 से तीन बजे के बीच वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम लगता है।
8. नामनेर से कमाल खां दरगाह : नामनेर से कमला खां दरगाह की तरफ जाने वाले मार्ग पर ईदगाह बस स्टैंड है। रेलवे ओवरब्रिज भी है। दरगाह से पहले खेरिया मोड़ जगनेर मार्ग पर दुकानों के आगे अतिक्रमण और सब्जी मंडी लगने से रास्ता नहीं मिलता और जाम की समस्या होती है।
जाम का कारण सिर्फ सड़क की चौड़ाई कम होना नहीं
जिला सड़क सुरक्षा समिति के पूर्व सदस्य डाॅ. संजय चतुर्वेदी का कहना है कि केवल सड़क की चौड़ाई कम होना जाम का मुख्य कारण नहीं है। चौड़ी सड़कों एमजी रोड, फतेहाबाद रोड पर भी जाम लगता है। वास्तविक समस्या सड़क जितनी बनी है, उतनी उपयोग में नहीं आ रही है। अवैध पार्किंग से सड़क की उपयोगिता 30-50% तक कम हो जाती है। ई-रिक्शा और ऑटो का अनियंत्रित संचालन होता है। इसके अलावा दुकानों और ठेलों के फुटपाथ और सड़क का कब्जा करने से लोग पैदल भी नहीं निकल पाते हैं। इसके साथ ही जंक्शन और सिग्नल पर डिजाइन की कमी है। निजी वाहनों का अधिक प्रयोग भी जाम का बड़ा कारण है। पुलिस-प्रशासन यातायात व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए ठोस प्लान बनाए। इसमें रोड इंजीनियरिंग भी शामिल होनी चाहिए।
दूर की जाएंगी सभी बाधाएं
आगरा में आठ मार्ग चिह्नित किए गए हैं। इनका सर्वे किया जा रहा है। ट्रैफिक के ठीक से संचालन के लिए सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा। ट्रैफिक मार्शल लगाए जाएंगे। थाना पुलिस की जिम्मेदारी तय की जाएगी। चाैराहों से अतिक्रमण, अवैध पार्किंग की समस्या भी खत्म कराई जाएगी। - सोनम कुमार, डीसीपी ट्रैफिक

सड़क पर जाम।