फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Survivors Recall Horror of Yamuna Expressway accident

UP: 'लगा अब नहीं बचूंगा…' यमुना एक्सप्रेसवे हादसे के जख्मी यात्रियों ने बयां किया खौफनाक मंजर, खड़े हो जाएंगे

Thu, 18 Dec 2025 12:47 PM IST
धीरेन्द्र सिंह धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 18 Dec 2025 12:47 PM IST
सार

जोर का झटका...और एक के बाद एक कई वाहनों के टकराने की आवाज। तेज लपटें और चारों ओर चीख पुकार। उठकर भागना चाहा लेकिन कमर से नीचे का हिस्सा कार्य नहीं कर रहा था। चीखने-चिल्लाने पर लोगों ने शीशा तोड़कर बाहर निकाला। यमुना एक्सप्रेसवे के हादसे का जिक्र करते ही देवरिया के नरेंद्र कुमार सिहर उठे। बोले- भगवान ही जाने कैसे जान बच गई।

विज्ञापन
Survivors Recall Horror of Yamuna Expressway accident
मथुरा हादसे के घायल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के एसएन इमरजेंसी के ट्रामा सेंटर में इलाज करा रहे नरेंद्र भीषण हादसे को याद कर सहम जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह गोरखपुर से चंडीगढ़ के लिए बैठे थे। वहां सब्जी का कार्य करते हैं। घरवालों से फोन पर बात कर करीब 12 बजे स्लीपर सीट पर सो गए थे। रात करीब साढ़े तीन बजे बस के टकराने की तेज आवाज आई। इसके बाद एक के बाद एक कई वाहन टकराए। बस में कई यात्री लहूलुहान दिखे, कई लोग सीटों के बीच में फंसे थे।
विज्ञापन


बस से बाहर जाना चाहा लेकिन कमरे से नीचे अंदरूनी चोट लगने से आधा शरीर कार्य नहीं कर रहा था। स्लीपर सीट में फंसा हुआ था। बाहर कैसे निकलूं, कुछ समझ ही नहीं आ रहा था, लगा कि अब प्राण नहीं बचेंगे। लेकिन प्रभु की कृपा से लोगों ने मेरी पुकार सुन शीशे तोड़कर बाहर निकाला।
विज्ञापन




ऐसे ही गोंडा के पवन कुमार आपबीती सुनाते हुए सहम गए। उनके सिर में चोट लगी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में कंबल बनाने के कारखाने में काम करते हैं। पत्नी से फोन पर बात करने के बाद बस में बैठा था। झपकी भी आ गई थी। रात को बस आगे वाले वाहन से टकरा गई। इसके बाद कई वाहन टकराते गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


धमाके जैसी आवाजें आने लगीं और वाहनों में आग की लपटें उठती दिखीं। जान बचाने के लिए लोग चीख-पुकार रहे थे। जिसको जैसे मौका मिला, निकलने लगा। मेेरे सिर में गहरी चोट लगने के कारण सुन्न जैसा हो गया। मुझे नहीं पता कि मैं कैसे बाहर आया। कैसे जान बच गई, ये भगवान ही जाने।


तीन की हालत गंभीर, एक की हुई सर्जरी
एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी के सर्जरी विभाग के प्रभारी डॉ. अनुभव गोयल ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे हादसे के 16 घायल यहां इलाज के लिए लाए गए थे। इनमें से 6 को डिस्चार्ज कर दिया है, एक की मौत हो गई है। अभी 9 का इलाज चल रहा है, इसमें से चार ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर है। एक की पसली का ऑपरेशन हुआ है, बाकी के वार्ड में शिफ्ट कर दिए हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed