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UP: अमर उजाला एक्सक्लूसिव...सूर सरोवर का बढ़ेगा दायरा, 800 हेक्टेयर का जंगल देगा सांसें

Thu, 22 May 2025 10:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 22 May 2025 10:03 AM IST
सार

छह साल की लंबी लड़ाई के बाद सूर सरोवर पक्षी विहार का दायरा 403 हेक्टेयर से बढ़ाकर 800 हेक्टेयर करने पर राज्य सरकार तैयार हो गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में राज्य सरकार के चीफ कंजरवेटर एन रवींद्र ने बुधवार शाम को हलफनामा सौंपा है, जिस पर बृहस्पतिवार (आज) को सुनवाई होगी। 
 

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Sur Sarovar's area will increase 800 hectares of forest will give breath
सूर सरोवर का बढ़ेगा दायरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

राज्य सरकार ने सूर सरोवर पक्षी विहार का दायरा बढ़ाने वाली अधिसूचना की नई टाइम लाइन भी बताई है, जिसमें सभी धाराएं और अंतिम अधिसूचना एक मई 2026 तक पूरी कर ली जाएंगी। पूर्व में वन विभाग ने 2027 तक का वक्त मांगा था।
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पर्यावरणविद और चिकित्सक डॉ. शरद गुप्ता की याचिका के बाद राज्य सरकार ने अपना रुख बदला है। अब सूर सरोवर पक्षी विहार का दायरा बढ़ाने पर राज्य सरकार सहमत हो गई है, बल्कि ईको सेंसेटिव जोन (पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र) भी शून्य करने का फैसला भी बदला है। चीफ कंजरवेटर ने एनजीटी में दाखिल किए अपने हलफनामे में कहा है कि 14.5025 हेक्टेयर जमीन की अधिसूचना जारी होने के बाद ईको सेंसेटिव जोन तय किया जाएगा। डीएम ने 24 अप्रैल को ही 14.5025 हेक्टेयर हिस्से के लिए वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 21 की घोषणा कर दी है।
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प्रक्रिया में उलझाया, एनजीटी ने सुलझाया
सूर सरोवर पक्षी विहार का दायरा बढ़ाने के लिए वन विभाग ने पहले 2027 तक का वक्त मांगा था। सूर सरोवर पक्षी विहार का पूर्व में दायरा 403.09 हेक्टेयर है। इसमें सूर वन ब्लॉक का 380.558 हेक्टेयर का हिस्सा जोड़ा गया है, जिसकी अधिसूचना पूर्व में जारी हो चुकी है। 14.5025 हेक्टेयर के तीसरे हिस्से की अधिसूचना में देरी पर एनजीटी ने नाराजगी जताई थी और धारा 24, 25 के लिए ज्यादा वक्त न लेने के लिए कहा। इस पर राज्य सरकार की ओर से वन विभाग के चीफ कंजरवेटर एन रवींद्र ने नया हलफनामा दाखिल किया है, जिसमें पूरी प्रक्रिया एक साल कम कर दी गई।

 
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अधिसूचना के लिए यह लगेगा समय
समय काम
1 मई से 7 जुलाई            धारा 19 से 22
8 जुलाई से 15 अक्तूबर धारा 24 और 25
16 अक्तूबर से 16 दिसंबर फील्ड बुक, नक्शा तैयार होगा
17 दिसंबर से 17 जनवरी प्रस्ताव की समीक्षा
18 से 31 जनवरी 2026 उच्च अधिकारियों का अनुमोदन
एक फरवरी से एक मई धारा 26 ए व अंतिम अधिसूचना जारी

 
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14 हेक्टेयर जमीन पर नहीं मिला निर्माण
डीएम ने 14 हेक्टेयर जमीन से अवैध निर्माण हटाने और रोकने के लिए संयुक्त कमेटी का गठन किया, जिसने 26 अप्रैल को निरीक्षण कर रिपोर्ट दी है कि इस जमीन पर कोई अवैध निर्माण और प्रतिबंधित गतिविधियां नहीं हो रही हैं। रूनकता में खसरा नंबर 4 और एक पर 0.949 हेक्टेयर जमीन, चौमा फरह में 13.486 हेक्टेयर और रूनकता में खसरा नंबर 18 के 0.0675 हेक्टेयर जमीन सूर सरोवर पक्षी विहार का हिस्सा बनेगी।
याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण से जूझ रहे शहर के लिए कीठम का जंगल फेफड़े की तरह काम करेगा। 403 की जगह 800 हेक्टेयर का संरक्षित वन घोषित करने में अधिकारियों को दिक्कतें थी, इसलिए एनजीटी का रुख किया। सूर सरोवर का विस्तार आने वाली पीढि़यों के लिए जरूरी है।
 
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