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सुप्रीम कोर्ट ने तलब की यह रिपोर्ट, जानकारी जुटाने में अफसरों के छूट रहे पसीने
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:14 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने फिरोजाबाद जिले में संचालित कांच इकाइयों की रिपोर्ट तलब की है। जिसके तहत वर्ष 1996 से अब तक जिले में संचालित कांच इकाइयों और उनके पार्टनर का ब्योरा मांगा गया है।
कांच इकाइयों में सालों पुराने पार्टनरों के नाम खोजने में विभागीय अफसरों के पसीने छूटे रहे हैं। वहीं कांच इकाइयों की रिपोर्ट तलब करने की खबर से उद्योग जगत में भी खलबली मची हुई है।
ताजमहल पर बढ़ते प्रदूषण को रोकने के बजाए कांच इकाइयों पर मेहरबानी दिखाना टीटीजेड अथॉरिटी के लिए गले की फांस बन गया है। रोक के बावजूद कांच इकाइयों की क्षमता वृद्धि को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।
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कांच इकाइयों में सालों पुराने पार्टनरों के नाम खोजने में विभागीय अफसरों के पसीने छूटे रहे हैं। वहीं कांच इकाइयों की रिपोर्ट तलब करने की खबर से उद्योग जगत में भी खलबली मची हुई है।
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ताजमहल पर बढ़ते प्रदूषण को रोकने के बजाए कांच इकाइयों पर मेहरबानी दिखाना टीटीजेड अथॉरिटी के लिए गले की फांस बन गया है। रोक के बावजूद कांच इकाइयों की क्षमता वृद्धि को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।
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कांच उद्योग को लेकर बाहरी औद्योगिक संगठन लगातार शिकायतें कर रहे हैं। एमसी मेहता द्वारा दायर याचिका में टीटीजेड की रोक के बावजूद आधा दर्जन इकाइयों का कोटा बढ़ाने को लेकर शिकायत हुई है।
कोर्ट में लगातार होने वाली शिकायतों में पुरानी इकाइयों के पंजीकरण को खरीदने और स्वामित्व बदल कर संचालन करने की शिकायतें हुईं हैं। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1996 से अब तक कांच इकाइयों का पूरा ब्योरा तलब किया है।
30 जुलाई को पेश करनी है रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगी गई सूचनाएं उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गेल गैस लिमिटेड को 30 जुलाई को होने वाली सुनवाई से पहले दाखिल करनी है। कम समय होने से विभागीय अधिकारी दिन-रात रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं।
उद्योग विभाग में शुक्रवार को पूरी रात अधिकारी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। शनिवार को भी सहायक प्रबंधक, बाबू, कंप्यूटर आपरेटर रिपोर्ट तैयार करते रहे। उधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कारोबारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
कोर्ट में लगातार होने वाली शिकायतों में पुरानी इकाइयों के पंजीकरण को खरीदने और स्वामित्व बदल कर संचालन करने की शिकायतें हुईं हैं। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1996 से अब तक कांच इकाइयों का पूरा ब्योरा तलब किया है।
30 जुलाई को पेश करनी है रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगी गई सूचनाएं उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गेल गैस लिमिटेड को 30 जुलाई को होने वाली सुनवाई से पहले दाखिल करनी है। कम समय होने से विभागीय अधिकारी दिन-रात रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं।
उद्योग विभाग में शुक्रवार को पूरी रात अधिकारी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। शनिवार को भी सहायक प्रबंधक, बाबू, कंप्यूटर आपरेटर रिपोर्ट तैयार करते रहे। उधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कारोबारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।