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इन शिक्षकों की नौकरी खतरे में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Tue, 23 Oct 2018 08:57 AM IST
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मैनपुरी जिले में तैनात 200 शिक्षकों की नौकरी खतरे में है। टीईटी की अर्हता को लेकर मामले की 23 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। हाईकोर्ट पहले ही इन शिक्षकों की टीईटी अवैध बता चुका है। सरकार ने भी हाईकोर्ट के निर्णय पर सहमति जताई थी। सुनवाई को लेकर शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है।
जिले में तैनात 200 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने बीटीसी का परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले टीईटी की परीक्षा के लिए आवेदन किया और परीक्षा पास कर ली। पूर्व में हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए कहा था कि टीईटी परीक्षा में वही आवेदक बैठ सकता है, जिसके पास बीटीसी के सभी वर्षों का अंक पत्र हो।
जिन लोगों ने बीटीसी का परीक्षाफल आने से पहले टीईटी में आवेदन किया और पास कर शिक्षक बन गए, उनकी टीईटी अवैध है। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद प्रदेश भर में जहां 50 हजार से अधिक शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई थी। वहीं जिले में तैनात 200 से अधिक शिक्षकों की टीईटी भी अवैध हो गई।
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जिले में तैनात 200 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने बीटीसी का परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले टीईटी की परीक्षा के लिए आवेदन किया और परीक्षा पास कर ली। पूर्व में हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए कहा था कि टीईटी परीक्षा में वही आवेदक बैठ सकता है, जिसके पास बीटीसी के सभी वर्षों का अंक पत्र हो।
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जिन लोगों ने बीटीसी का परीक्षाफल आने से पहले टीईटी में आवेदन किया और पास कर शिक्षक बन गए, उनकी टीईटी अवैध है। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद प्रदेश भर में जहां 50 हजार से अधिक शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई थी। वहीं जिले में तैनात 200 से अधिक शिक्षकों की टीईटी भी अवैध हो गई।
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..तो खतरे में पड़ जाएगी नौकरी
हाईकोर्ट के निर्णय को अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसकी 23 अक्तूबर को सुनवाई है। माना जा रहा है कि शिक्षामित्रों की तरह से सुप्रीम कोर्ट इस मामले में भी हाईकोर्ट के निर्णय पर ही सहमति दे सकता है।
यदि सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के निर्णय को सहमति मिलती है तो जिले के 200 शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लेकर शिक्षा विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक विजयपाल सिंह का कहना है कि यह मामला कोर्ट में है। कोर्ट से जो भी निर्णय आएगा, उसका पालन किया जाएगा। फिलहाल कुछ भी कहना उचित नहीं है।
यदि सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के निर्णय को सहमति मिलती है तो जिले के 200 शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लेकर शिक्षा विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक विजयपाल सिंह का कहना है कि यह मामला कोर्ट में है। कोर्ट से जो भी निर्णय आएगा, उसका पालन किया जाएगा। फिलहाल कुछ भी कहना उचित नहीं है।