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UP: जो काम दशकों में न हो सका, वो अब चार माह में होगा...सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश, ऐसे बदलेगी यमुना की तस्वीर

Fri, 02 May 2025 12:46 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 02 May 2025 12:46 PM IST
सार

यमुना को स्वच्छ बनाने की पहल तो दशकों से हो रही है, लेकिन हो कुछ नहीं सका। नदी में नालों का पानी भी नहीं रोका जा सका। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब 38 नाले रोक दिए जाएंगे, जिनका पानी यमुना में गिरता है। 
 

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Supreme Court Has Given Orders To Tap 38 Drains That Have Polluted Yamuna River And Made It Poisonous
यमुना

विस्तार

आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन की ओर से यमुना डिसिल्टिंग की याचिका की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति अभय एस ओका एवं न्यायमूर्ति उज्जल भुआन की पीठ ने की। इसमें मुख्य रूप से यमुना में प्रवाहित होने वाले नालों की अंतरिम और अंतिम व्यवस्थाओं के संबंध में विचार किया गया।
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न्यायालय ने कहा कि नगर निगम ने अपने शपथपत्र में 23 अनटैप्ड नालों के टैपिंग के कार्य को अप्रैल 2025 तक पूरा करने की बात कही थी, लेकिन अनुपालन का कोई ब्योरा नहीं है। न्यायालय ने आदेश दिया कि इन 23 अनटैप्ड नालों का टैपिंग का कार्य 15 मई तक पूरा कर दिया जाए। अनुपालन आख्या अगले एक सप्ताह के अंदर दाखिल करें।
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38 अनटैप्ड नालों के संबंध में परियोजना राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजी गई है। इसके संबंध में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी की ओर से न्यायालय के समक्ष नोट प्रस्तुत किया गया। यूपी जल निगम (अर्बन) की ओर से संशोधित डीपीआर प्रस्तुत की गई है। न्यायालय ने आदेश दिया कि मिशन की ओर से अगली एक्जीक्यूटिव बैठक में डीपीआर को स्वीकृत कर दिया जाए, जिसके बाद कार्य को तुरंत शुरू करें।

 
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इसके संबंध में जल निगम अर्बन की ओर से कार्य समाप्त करने की समय सीमा एक माह के अंदर का शपथपत्र दाखिल कर बताई जाएगी। मगर, उसकी आखिरी तिथि किसी भी स्थिति में मिशन की ओर से स्वीकृति की तारीख से 3 माह से अधिक नहीं होगी। शपथपत्र में 6 अनटैप्ड नालों के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिसके लिए राज्य सरकार की ओर से शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा।

 

इन 6 अनटैप्ड नालों की टैपिंग का कार्य 4 माह के अंदर पूरा करना होगा। यह याचिका सभी अनुपालन आख्याओं तक लंबित रहेगी। जब न्यायमित्र एडीएन राव ने न्यायालय को यह इंगित किया कि इस कार्य को समाप्त करने के लिए डीपीआर में क्या समय सीमा है तो न्यायालय ने स्पष्ट किया कि 4 माह के अंदर कार्य को समाप्त करना होगा।

अधिवक्ता केसी जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्वागत योग्य है, जिसमें यमुना में गिरने वाले सभी नालों की टैपिंग 4 माह में पूरी करने को कहा है। अब समय है कि नगर निगम और जल निगम बिना देरी के इस पर अमल करें।
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