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दरवेश यादव हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की सीबीआई जांच कराने की याचिका
Wed, 26 Jun 2019 09:53 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 26 Jun 2019 09:53 AM IST
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दरवेश यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया है, जिसमें उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष दरवेश यादव हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई थी। यह याचिका अधिवक्ता इंदू कौल ने दायर की थी। इसमें महिला अधिवक्ता की सुरक्षा को लेकर मांग भी उठाई गई।
12 जून को दीवानी में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव के स्वागत समारोह के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। दरवेश यादव वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में बैठी थीं। तभी साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने उनको एक के बाद एक तीन गोलियां मारी।
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इसके बाद मनीष ने अपनी कनपटी पर भी गोली मार ली थी। गंभीर हालत में उसे मेदांता अस्पताल ले जाया गया था। जहां 22 जून को उसकी भी मौत हो गई। मामले में दरवेश यादव के भतीजे सनी ने मनीष शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसकी पत्नी वंदना और अधिवक्ता विनीत गुलेचा को भी नामजद किया था।
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Supreme Court refuses to entertain a PIL filed by a lawyer seeking CBI enquiry into the murder of Darvesh Yadav, who was elected the first woman chairperson of Bar Council of Uttar Pradesh and was shot dead by another lawyer, Manish Sharma, in Agra district court premises. pic.twitter.com/sbcXZYcpyF
— ANI (@ANI) June 25, 2019विज्ञापन
12 जून को दीवानी में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव के स्वागत समारोह के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। दरवेश यादव वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में बैठी थीं। तभी साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने उनको एक के बाद एक तीन गोलियां मारी।
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इसके बाद मनीष ने अपनी कनपटी पर भी गोली मार ली थी। गंभीर हालत में उसे मेदांता अस्पताल ले जाया गया था। जहां 22 जून को उसकी भी मौत हो गई। मामले में दरवेश यादव के भतीजे सनी ने मनीष शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसकी पत्नी वंदना और अधिवक्ता विनीत गुलेचा को भी नामजद किया था।
इस हत्याकांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में वकील इंदू कौल ने याचिका दायर की थी। इसमें मांग की गई थी कि इस मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए। इस जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
याचिका में यह भी दलील दी गई थी कि महिला वकीलों की सुरक्षा खतरे में है, लिहाजा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा है कि महिला वकीलों की सुरक्षा के लिए नई याचिका दायर करिए।
याचिका में यह भी दलील दी गई थी कि महिला वकीलों की सुरक्षा खतरे में है, लिहाजा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा है कि महिला वकीलों की सुरक्षा के लिए नई याचिका दायर करिए।