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मुकदमा दर्ज होने के बाद गांधीगीरी पर उतरे छात्र, विश्वविद्यालय में शुरू की भूख हड़ताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 03 Dec 2018 03:51 PM IST
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विश्वविद्यालय परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद अब छात्रों ने गांधीगीरी का सहारा लिया है। धरना स्थल पर गांधी जी की तस्वीर लगाकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं छात्रों ने कुलपति पर दल विशेष क लिए कार्य करते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्र संघ चुनाव और छात्रों के प्रवेश बहाली के लिए 27 नवंबर से विश्वविद्यालय परिसर में धरना शुरू किया था। इसमें छात्रों ने अर्द्धनग्न प्रदर्शन समेत अन्य गतिविधियां की। इसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कुलसचिव कार्यालय के सामने नियम विरुद्ध धरना दिया, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाते हुए 28 छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
इस पर छात्रों ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन से गांधीगीरी से लड़ाई का निर्णय लिया। सोमवार को छात्रों का धरना जारी रखते हुए कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने कुलपति पर एक राजनैतिक पार्टी के कार्यकर्ता की तरह कार्य करने का आरोप लगाया। इसके खिलाफ अंकुश गौतम और अमित प्रताप यादव ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
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छात्र संघ चुनाव और छात्रों के प्रवेश बहाली के लिए 27 नवंबर से विश्वविद्यालय परिसर में धरना शुरू किया था। इसमें छात्रों ने अर्द्धनग्न प्रदर्शन समेत अन्य गतिविधियां की। इसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कुलसचिव कार्यालय के सामने नियम विरुद्ध धरना दिया, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाते हुए 28 छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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इस पर छात्रों ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन से गांधीगीरी से लड़ाई का निर्णय लिया। सोमवार को छात्रों का धरना जारी रखते हुए कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने कुलपति पर एक राजनैतिक पार्टी के कार्यकर्ता की तरह कार्य करने का आरोप लगाया। इसके खिलाफ अंकुश गौतम और अमित प्रताप यादव ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
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इनका कहना है कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर छात्र संघ चुनाव की मांग कर रहे थे, लेकिन कुलपति ने मुकदमा लगाया गया है। प्रदर्शन में राजन ठाकुर, अपूर्व शर्मा, सतीश सिकरवार, विलाल अहमद, कप्तान सिंह बघेल, ललित त्यागी, रवि यादव, विवेक गौतम, कृष्णकांत यादव, ऋषभ सिकरवार, सतीश यदुवंशी, अंकित यदुवंशी, मानवेंद्र सिंह, हिमांशु रहे।
छात्र संगठनों ने बनाई दूरी
छात्र संघ चुनाव, छात्रों के प्रवेश बहाली की मांग के लिए छात्र 27 नवंबर से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन समाजवादी छात्र सभा, एनएसयूआई के बड़े छात्र नेता नदारद हैं। यहां तक कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और छात्र संघ के पूर्व पदाधिकारियों ने छात्रों के प्रदर्शन से पूरी तरह से दूरी बनाए हुए हैं। ऐसे में संपूर्ण संगठनों का सहयोग न होने से छात्रों की आवाज दबाई जा रही है।
समाजवादी छात्र सभा के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष निर्वेश शर्मा ने कहा कि कुलपति दल विशेष के इशारों पर छात्रों पर मुकदमा दर्ज करा रहे हैं। हम पर भी संगीन धाराओं में मुकदमा लगाए गए। प्रदेश पदाधिकारियों से बात की है, अब खुलकर मैदान में आएंगे।
विश्वविद्यालय छात्र संघ निवर्तमान महामंत्री के चंद्रजीत यादव ने कहा कि छात्र संघ चुनाव होने चाहिए, इसका समर्थन हम करते हैं, लेकिन छात्रों का तरीका गलत है। धरने और प्रदर्शन का समर्थन नहीं है। इनके कुछ छात्रों पर पहले से भी मुकदमा दर्ज हैं।
छात्र संगठनों ने बनाई दूरी
छात्र संघ चुनाव, छात्रों के प्रवेश बहाली की मांग के लिए छात्र 27 नवंबर से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन समाजवादी छात्र सभा, एनएसयूआई के बड़े छात्र नेता नदारद हैं। यहां तक कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और छात्र संघ के पूर्व पदाधिकारियों ने छात्रों के प्रदर्शन से पूरी तरह से दूरी बनाए हुए हैं। ऐसे में संपूर्ण संगठनों का सहयोग न होने से छात्रों की आवाज दबाई जा रही है।
समाजवादी छात्र सभा के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष निर्वेश शर्मा ने कहा कि कुलपति दल विशेष के इशारों पर छात्रों पर मुकदमा दर्ज करा रहे हैं। हम पर भी संगीन धाराओं में मुकदमा लगाए गए। प्रदेश पदाधिकारियों से बात की है, अब खुलकर मैदान में आएंगे।
विश्वविद्यालय छात्र संघ निवर्तमान महामंत्री के चंद्रजीत यादव ने कहा कि छात्र संघ चुनाव होने चाहिए, इसका समर्थन हम करते हैं, लेकिन छात्रों का तरीका गलत है। धरने और प्रदर्शन का समर्थन नहीं है। इनके कुछ छात्रों पर पहले से भी मुकदमा दर्ज हैं।