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Cyber Crime: क्रेडिट कार्ड एजेंट की बातों में फंसा छात्र, 44 हजार का बिल आया तो उड़े होश
Mon, 15 May 2023 07:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 15 May 2023 07:57 AM IST
सार
पॉलीटेक्निक छात्र धोखाधड़ी का शिकार हुआ। पीड़ित ने थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस विवेचना कर रही है।
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साइबर क्राइम
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
आगरा के भाग्य नगर (सिकंदरा) निवासी पालीटेक्निक छात्र विशाल सिंह के क्रेडिट कार्ड पर 44 हजार रुपये की शापिंग कर ली गई। उनका आरोप है कि क्रेडिट कार्ड बनाने वाले एजेंट ने उनको कार्ड अपडेट करने का झांसा देकर सीवीवी और मोबाइल पर आया ओटीपी पूछ लिया था। बैंक में शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई। मामले में थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस विवेचना कर रही है।
विशाल सिंह बिचपुरी स्थित आरबीएस कालेज से पॉलीटेक्निक कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पास आरबीएल बैंक का क्रेडिट कार्ड है। डेढ़ महीने पहले बैंक का एजेंट घर आया। उसने दूसरा क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए कहा। विशाल ने मना कर दिया। कहा कि वो पहले से ही क्रेडिट कार्ड रखते हैं। नया कार्ड क्यों बनवाएं? मगर, एजेंट ने कहा कि वो एक और नया कार्ड लेंगे तो कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसकी लिमिट भी 70 हजार रुपये होगी। 50 दिन तक कोई ब्याज नहीं लगेगा। इस पर वो तैयार हो गए।
एजेंट कागजात लेकर चला गया। कुछ दिन बाद क्रेडिट कार्ड घर आ गया। आरोप है कि 8 अप्रैल को एजेंट ने फोन किया। क्रेडिट कार्ड अपडेट करने की बात कही। इसके बाद कार्ड का नंबर और सीवीवी (कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू) पूछ लिया। उनके मोबाइल पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आया। यह भी एजेंट ने पूछ लिया। इसके बाद उनके खाते से 44,571 रुपये की शापिंग कर ली गई। मोबाइल पर मैसेज आने पर उन्हें जानकारी हुई।
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विशाल ने बैंक में शिकायत की। कार्ड ब्लाक करा दिया और थाना सिकंदरा में तहरीर दी। आरोप लगाया कि बैंक कर्मी और एजेंट मिले हुए हैं। उन्होंने ही धोखाधड़ी की है। मामले में साइबर सेल ने जांच की। 10 मई को मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही का कहना है कि कार्रवाई की जाएगी।
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विशाल सिंह बिचपुरी स्थित आरबीएस कालेज से पॉलीटेक्निक कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पास आरबीएल बैंक का क्रेडिट कार्ड है। डेढ़ महीने पहले बैंक का एजेंट घर आया। उसने दूसरा क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए कहा। विशाल ने मना कर दिया। कहा कि वो पहले से ही क्रेडिट कार्ड रखते हैं। नया कार्ड क्यों बनवाएं? मगर, एजेंट ने कहा कि वो एक और नया कार्ड लेंगे तो कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसकी लिमिट भी 70 हजार रुपये होगी। 50 दिन तक कोई ब्याज नहीं लगेगा। इस पर वो तैयार हो गए।
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एजेंट कागजात लेकर चला गया। कुछ दिन बाद क्रेडिट कार्ड घर आ गया। आरोप है कि 8 अप्रैल को एजेंट ने फोन किया। क्रेडिट कार्ड अपडेट करने की बात कही। इसके बाद कार्ड का नंबर और सीवीवी (कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू) पूछ लिया। उनके मोबाइल पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आया। यह भी एजेंट ने पूछ लिया। इसके बाद उनके खाते से 44,571 रुपये की शापिंग कर ली गई। मोबाइल पर मैसेज आने पर उन्हें जानकारी हुई।
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विशाल ने बैंक में शिकायत की। कार्ड ब्लाक करा दिया और थाना सिकंदरा में तहरीर दी। आरोप लगाया कि बैंक कर्मी और एजेंट मिले हुए हैं। उन्होंने ही धोखाधड़ी की है। मामले में साइबर सेल ने जांच की। 10 मई को मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही का कहना है कि कार्रवाई की जाएगी।