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Mainpuri: बिजली के खंभे में करंट आने से छात्र की मौत, परिजनों ने स्कूल में शव रखकर किया विरोध प्रदर्शन

Thu, 21 Jul 2022 07:43 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 21 Jul 2022 07:43 PM IST
सार

मैनपुरी के करहल क्षेत्र में गुरुवार को बिजली का करंट लगने से एक छात्र की मौत हो गई। स्कूल के गेट पर लगे खंभे में करंट प्रवाहित होने के कारण हादसा हुआ। 

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Student dies due to electrocution in electric pole in mainpuri
घटना के बाद स्कूल में पहुंची पुलिस, जुटी ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र के गांव नाकऊ में गुरुवार की सुबह परिषदीय स्कूल के गेट पर लगे बिजली के खंभे में प्रवाहित करंट की चपेट में आकर पांच साल के छात्र की मौत हो गई। परिजन और ग्रामीणों ने शव को स्कूल परिसर में रखकर विद्युत निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। तहसीलदार के आश्वासन के बाद परिजन ने करीब छह घंटे बाद पुलिस को शव उठाने दिया।

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गांव नाकऊ निवासी रमन कुमार का पांच वर्षीय पुत्र सागर कंपोजिट विद्यालय स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ता था। गुरुवार की सुबह वह स्कूल गया। करीब 8:30 बजे लघुशंका करने के लिए विद्यालय के गेट के पास पहुंचा तभी वहां लगे बिजली के खंभे में प्रवाहित करंट की चपेट में आकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी पर बच्चे के परिजन व ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। तहसीलदार व पुलिस बल भी पहुंच गया। 

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दोषियों पर कार्रवाई की मांग 

परिजन और ग्रामीणों ने विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को विद्यालय परिसर में रख दिया। पुलिस को बालक का शव नहीं उठाने दिया। उनकी मांग थी कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। तहसीलदार राकेश कुमार द्वारा कार्रवाई और मुआवजे के आश्वासन पर परिजन व ग्रामीण माने। तब जाकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

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स्कूल में छह घंटे तक रखा रहा शव

पांच साल के मासूम सागर की करंट लगने से मौत की खबर सुनते ही माता-पिता बदहवास हो गए। शव को परिसर में रखने के बाद दोनों आंसू बहाते रहे। पुलिस को छह घंटे तक शव को हाथ तक नहीं लगाने दिया। सागर दो बहनों के बीच इकलौता भाई था।

रमन कुमार की दो पुत्रियां और हैं। बहनों के बीच इकलौता भाई होने की वजह से वह सबका प्यारा था। रमन को जब सूचना मिली कि बेटे को करंट लग गया है तो वह पत्नी के साथ बदहवास हालत में विद्यालय पहुंचा। वहां इकलौते बेटे का शव देख उसकी मानो जान ही निकल गई। बच्चे के शव को गोद में लिए माता-पिता परिसर में छह घंटे तक बैठे रहे। 

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