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मथुरा: पराली जलाने वालों पर प्रशासन की नजर, पांच किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Sat, 10 Oct 2020 12:04 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:04 AM IST
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पराली जलाता किसान (फाइल)
- फोटो : Amar Ujala
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मथुरा जिले के मांट क्षेत्र में पराली जलाने के आरोप में पांच किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जिला प्रशासन ने क्षेत्रीय लेखपाल और कृषि विभाग के कर्मचारियों को किसानों को जागरूक करने के साथ पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद कुछ किसान खेतों पराली जला रहे हैं। इसके चलते प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है।
एसडीएम डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि मांट क्षेत्र के गांव हरनौल में मुकेश कुमार, गांव लक्ष्मण पुरा में रामबाबू और सिर्रेला में धारा सिंह, भूरा और सुरेशचंद्र के खिलाफ खेत में पराली जलाने का आरोप है। इन किसानों के खिलाफ दो थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सुरीर इंस्पेक्टर महाराज सिंह भाटी ने बताया कि कृषि विभाग के कर्मचारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
वायु प्रदूषण रोकने के लिए खेतों में पराली जलाने पर प्रशासन सख्त है। जिले में कृषि विभाग 51 गांव को चिह्नित करके निगरानी कर रहा है। साथ ही जनपद में अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं। पिछले साल पराली जलाने के मामले जनपद में प्रकाश में आए थे। अधिकतर मामले छाता तहसील के गांव में थे। अबकी बार कृषि विभाग ने 51 गांव को चिह्नित किया है।
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यह भी पढ़ें- दिल्ली-एनसीआर में पराली के धुएं से बढ़ गया प्रदूषण, 201 रहा एक्यूआई
कृषि विभाग ने जुर्माना भी तय कर दिया। ऐसे किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की रणनीति भी तय कर ली है। उप कृषि निदेशक धुरेंद्र सिंह के अनुसार दो एकड़ से कम पर 2500 रुपये, पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये, पांच एकड़ से अधिक पर 15 हजार का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा पराली जलाता हुआ कोई किसान मिला तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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वायु प्रदूषण रोकने के लिए खेतों में पराली जलाने पर प्रशासन सख्त है। जिले में कृषि विभाग 51 गांव को चिह्नित करके निगरानी कर रहा है। साथ ही जनपद में अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं। पिछले साल पराली जलाने के मामले जनपद में प्रकाश में आए थे। अधिकतर मामले छाता तहसील के गांव में थे। अबकी बार कृषि विभाग ने 51 गांव को चिह्नित किया है।
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कृषि विभाग ने जुर्माना भी तय कर दिया। ऐसे किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की रणनीति भी तय कर ली है। उप कृषि निदेशक धुरेंद्र सिंह के अनुसार दो एकड़ से कम पर 2500 रुपये, पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये, पांच एकड़ से अधिक पर 15 हजार का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा पराली जलाता हुआ कोई किसान मिला तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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