फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Straw smoke increases pollution in Delhi-NCR  

दिल्ली-एनसीआर में पराली के धुएं से बढ़ गया प्रदूषण, 201 रहा एक्यूआई

Fri, 09 Oct 2020 04:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 09 Oct 2020 04:27 AM IST
सार

  • एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा 201, खराब श्रेणी में रही हवा 
  • आगामी दो दिनों के भीतर और भी खराब होगा हवा का स्तर

विज्ञापन
Straw smoke increases pollution in Delhi-NCR  
खेतों में जलती पराली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में पराली जलने की वजह से राजधानी की आबोहवा प्रभावित हुई है। इस वजह से बृहस्पतिवार की सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 201 दर्ज किया गया है, जो खराब श्रेणी में आता है। आगामी दिनों में भी प्रदूषित तत्वों की वजह से राजधानी की आबोहवा खराब रहने के आसार बने हुए हैं।

विज्ञापन


दरअसल,केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार से ही राजधानी की आबोहवा खराब हो गई थी। इस कड़ी में बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 215 दर्ज किया गया था। जबकि मंगलवार को यह आंकड़ा 178 था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बुधवार को दिल्ली में पार्टिकुलेट मैटर पीएम10 का स्तर 234 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। 
विज्ञापन


जबकि भारत में 100 ग्राम पर क्यूबिक मीटर से कम का स्तर  सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा पार्टिकुलेट मैटर पीएम 2.5 की बात करें तो इसका आंकड़ा 93 ग्राम पर क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। जबकि 60 ग्राम पर क्यू बिक मीटर को सुरक्षित श्रेणी में माना जाता है। पीएम 2.5 आसानी से रक्त वाहिकाओं में प्रवेश कर जाते हैं जिससे कई प्रकार के विकार सामने आते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु मानक सफर के अनुसार, राजधानी में पीएम 2.5 तत्व पीएम10 के बजाय प्रदूषण के लिए अधिक जिम्मेदार कारक बन रहा है। राजधानी में इन दिनों रात के समय हवाओं की
गति धीमी बनी हुई है। यही वजह है कि आगामी दो दिनों में भी एयर क्वालिटी इंडेक्स पर इसका खासा असर देखने को मिलेगा। 

वायु मानक सफर के अनुसार, वायु की धीमी गति के कारण और स्थानीय अनुकूल परिस्थितियों की वजह से राजधानी में इन दिनों प्रदूषक तत्व बढ़ रहे हैं। वहीं, पंजाब सरकार के आंकड़ों के अनुसार बुधवार तक राज्य में 169 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके अलावा अब तक 1692 कुल घटनाएं दर्ज की गई हैं। वहीं, दूसरी ओर हरियाणा राज्य में भी अभी तक 526 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। 


दिल्ली  आधारित एक थिंक टैंक संस्था के आकलन के अनुसार, राजधानी में परिवहन की वजह से 18 से 39 फ़ीसदी प्रदूषण होता है। इसके अलावा सड़क पर उड़ने वाली धूल भी दूसरा सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा उद्योग क्षेत्र में दो से 29 फ़ीसदी, थर्मल पावर प्लांट तीन से 11 फ़ीसदी और निर्माण कार्य आठ फ़ीसदी प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदूषण को लेकर वह स्वयं दिल्ली की स्थिति पर नजर रखेंगे। इसके अलावा प्रदूषण पर नजर रखने के लिए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय द्वारा दिल्ली सचिवालय में वार रूम का भी उद्घाटन किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed