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Driver Strike: नए कानून के विरोध में हड़ताल, बेवर और छिबरामऊ डिपो की 81 बसों के पहिए थमे, भटके यात्री
Mon, 01 Jan 2024 05:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 01 Jan 2024 05:01 PM IST
सार
केंद्र सरकार के नए कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहा है। मैनपुरीक के बेवर और छिबरामऊ डिपो की 81 बसों के पहिए थमे तो यात्री परेशान हो गए।
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Driver Strike
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार के नए कानून के विरोध में मैनुपरी, बेवर और छिबरामऊ डिपो के चालकों ने सोमवार को सुबह से ही चक्का जाम कर दिया। मैनपुरी डिपो की बसों का संचालन तो 10 बजे के बाद शुरू करा दिया गया, लेकिन बेवर और छिबरामऊ डिपो की सभी 81 बसें शाम तक भी नहीं चलीं। इससे यात्री भटकते नजर आए। चालक बस स्टैंड पर ही प्रदर्शन करते रहे, लेकिन बस ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए।
सुबह बस स्टैंडों पर जब यात्री पहुंचे तो चालकों ने बस ले जाने से इन्कार कर दिया। इसी के चलते मैनपुरी बेवर और छिबरामऊ डिपो की एक की बस का संचालन सुबह 10 बजे तक नहीं हुआ। 10 बजे मैनपुरी डिपो के एआरएम संजीव कुमार ने चालकों को समझा-बुझाकर बसों को रवाना लिया। लेकिन बेवर डिपो के चालक और छिबरामऊ डिपो के चालक किसी भी सूरत में बस ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने डिपो में बसें खड़ी कर बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। बेवर में चालकों ने जाम लगाने की भी सुबह 11 बजे कोशिश की। लेकिन पुलिस की सतर्कता से जाम खुल गया।
चक्का जाम के चलते बेवर डिपो की 53 बसें और छिबरामऊ डिपो की 28 बसें नहीं चल सकीं। दिन भर लोग बसों के इंतजार में भटकते रहे, लेकिन चालकों ने उनकी एक नहीं सुनी। एआरएम बेवर एससी शंखवार ने भी बस स्टैंड जाकर चालकों को बस संचालन के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे मानने के लिए तैयार नहीं हुए। बसों का संचालन न होने से पूरे दिन यात्री परेशान रहे। किसी ने निजी वाहन बुलाकर सफर किया तो कोई पैदल ही अपने घर की ओर निकल पड़ा। चालकों ने एक सुर में कानून को वापस लिए जाने की मांग की।
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सुबह बस स्टैंडों पर जब यात्री पहुंचे तो चालकों ने बस ले जाने से इन्कार कर दिया। इसी के चलते मैनपुरी बेवर और छिबरामऊ डिपो की एक की बस का संचालन सुबह 10 बजे तक नहीं हुआ। 10 बजे मैनपुरी डिपो के एआरएम संजीव कुमार ने चालकों को समझा-बुझाकर बसों को रवाना लिया। लेकिन बेवर डिपो के चालक और छिबरामऊ डिपो के चालक किसी भी सूरत में बस ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने डिपो में बसें खड़ी कर बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। बेवर में चालकों ने जाम लगाने की भी सुबह 11 बजे कोशिश की। लेकिन पुलिस की सतर्कता से जाम खुल गया।
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चक्का जाम के चलते बेवर डिपो की 53 बसें और छिबरामऊ डिपो की 28 बसें नहीं चल सकीं। दिन भर लोग बसों के इंतजार में भटकते रहे, लेकिन चालकों ने उनकी एक नहीं सुनी। एआरएम बेवर एससी शंखवार ने भी बस स्टैंड जाकर चालकों को बस संचालन के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे मानने के लिए तैयार नहीं हुए। बसों का संचालन न होने से पूरे दिन यात्री परेशान रहे। किसी ने निजी वाहन बुलाकर सफर किया तो कोई पैदल ही अपने घर की ओर निकल पड़ा। चालकों ने एक सुर में कानून को वापस लिए जाने की मांग की।
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