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एक्सक्लूसिव: एटा में चाय-नमक बेचने वाली फर्म से खरीद लीं स्ट्रीट लाइटें, अब होगी वसूली
Mon, 25 Jan 2021 01:01 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 25 Jan 2021 01:01 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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एटा जिले की नौ ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधानों ने फर्जी कंपनी का बिल लगाकर स्ट्रीट लाइट में घोटाला कर दिया। साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि जिस कंपनी से स्ट्रीट लाइट खरीदी गई वह चाय, नमक, साबुन आदि की बिक्री करती है। अब डीएम ने वसूली के आदेश जारी किए हैं।
जिले की नौ ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगवाई गई थी। भुगतान के लिए ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलीभगत कर हिंदुस्तान बिजनेस एसोसिएट्स नामक फर्म द्वारा फर्जी बिल प्रस्तुत कर दिए गए। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और डिप्टी ऑडिट ऑफिसर अलीगढ़ मंडल ने बिल की जांच की तो बिल फर्जी मिले। ऑडिट विभाग द्वारा बताया गया हिंदुस्तान बिजनेस एसोसिएट्स फर्म का आगरा में कोई कार्यालय नहीं है। फर्म का रजिस्ट्रेशन मार्च 2011 में समाप्त हो गया है।
वहीं बिक्री कर विभाग द्वारा स्ट्रीट लाइट जैसे विद्युत उपकरण बेचने की अनुमति तक फर्म के पास नहीं थी। वाणिज्य कर विभाग से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर फर्म को चाय, नमक, साबुन, खाद्य तेल व घी तथा किराना का सामान बेचने की अनुमति प्राप्त है। इस संबंध में डीएम सुखलाल भारती ने तहसीलदार (सदर) दुर्गेश यादव और जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी को ग्राम प्रधान व सचिव से स्ट्रीट लाइट में खर्च की धनराशि वसूल करने के आदेश जारी किए हैं।
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जिले की नौ ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगवाई गई थी। भुगतान के लिए ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलीभगत कर हिंदुस्तान बिजनेस एसोसिएट्स नामक फर्म द्वारा फर्जी बिल प्रस्तुत कर दिए गए। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और डिप्टी ऑडिट ऑफिसर अलीगढ़ मंडल ने बिल की जांच की तो बिल फर्जी मिले। ऑडिट विभाग द्वारा बताया गया हिंदुस्तान बिजनेस एसोसिएट्स फर्म का आगरा में कोई कार्यालय नहीं है। फर्म का रजिस्ट्रेशन मार्च 2011 में समाप्त हो गया है।
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वहीं बिक्री कर विभाग द्वारा स्ट्रीट लाइट जैसे विद्युत उपकरण बेचने की अनुमति तक फर्म के पास नहीं थी। वाणिज्य कर विभाग से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर फर्म को चाय, नमक, साबुन, खाद्य तेल व घी तथा किराना का सामान बेचने की अनुमति प्राप्त है। इस संबंध में डीएम सुखलाल भारती ने तहसीलदार (सदर) दुर्गेश यादव और जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी को ग्राम प्रधान व सचिव से स्ट्रीट लाइट में खर्च की धनराशि वसूल करने के आदेश जारी किए हैं।
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कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद भी नहीं दिया जवाब
डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया सभी नौ ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान को स्ट्रीट लाइट में व्यय की गई धनराशि के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। हालांकि एक भी ग्राम प्रधान ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद डीएम ने वसूली के आदेश जारी किए हैं।
इन ग्राम पंचायतों से होगी इतनी वसूली
डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया सभी नौ ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान को स्ट्रीट लाइट में व्यय की गई धनराशि के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। हालांकि एक भी ग्राम प्रधान ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद डीएम ने वसूली के आदेश जारी किए हैं।
इन ग्राम पंचायतों से होगी इतनी वसूली
| ग्राम पंचायत | वसूली की धनराशि |
| असरौली | 47 हजार |
| बारथर | 75 हजार |
| कीलरमऊ | 38 हजार 500 |
| महुअट | 33 हजार |
| नेहचलपुर | 22 हजार |
| नगला फरीद | 90 हजार 850 |
| भटमई | 11 हजार 850 |
| मिलावली | 82 हजार 500 |
| जीसुखपुर | 5 हजार |