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'उजाले' में उजागर हुई अफसरों की 'काली' करतूत, 8 हजार की लाइट खरीद रहे थे 28 हजार में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 26 Oct 2018 10:08 AM IST
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आगरा विकास प्राधिकरण में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर करीब 1.19 करोड़ रुपये की ठिकाने लगाने की तैयारी थी। जिस लाइट की कीमत आठ हजार रुपये है, उसे 28 हजार में खरीदा जा रहा था। इसका खुलासा होने पर टेंडर निरस्त कर दिया गया है।
छह महीने पहले टेंडर कराने के बाद अधिकारी अब फाइल को उपाध्यक्ष की स्वीकृति के लिए लाए थे। तमाम खामियां पाए जाने पर एडीए उपाध्यक्ष शुभ्रा सक्सेना ने इस योजना को खारिज करते हुए दोबारा टेंडर कराने के निर्देश दिए हैं।
विकास प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक प्राधिकरण के विद्युत विभाग ने ताजमहल के पश्चिमी गेट, पूर्वी गेट, दशहरा घाट के आसपास के एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया था। इस पर करीब 1.19 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयारी की गई थी। विद्युत विभाग ने मई 2018 में टेंडर जारी कर दिए और विप्रो के साथ करार कर लिया। तब से यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
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छह महीने पहले टेंडर कराने के बाद अधिकारी अब फाइल को उपाध्यक्ष की स्वीकृति के लिए लाए थे। तमाम खामियां पाए जाने पर एडीए उपाध्यक्ष शुभ्रा सक्सेना ने इस योजना को खारिज करते हुए दोबारा टेंडर कराने के निर्देश दिए हैं।
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विकास प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक प्राधिकरण के विद्युत विभाग ने ताजमहल के पश्चिमी गेट, पूर्वी गेट, दशहरा घाट के आसपास के एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया था। इस पर करीब 1.19 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयारी की गई थी। विद्युत विभाग ने मई 2018 में टेंडर जारी कर दिए और विप्रो के साथ करार कर लिया। तब से यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
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एडीए उपाध्यक्ष ने निरस्त किया टेंडर
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने अब अक्तूबर में फाइल को स्वीकृति के लिए एडीए उपाध्यक्ष शुभ्रा सक्सेना के पास भेजा। एक तो छह माह बाद फाइल स्वीकृति के लिए आई। जब फाइल का अध्ययन किया तो उसमें तमाम तकनीकी खामियां पाई गई।
लोक निर्माण विभाग ने लाइटों के संबंध में जो शिड्यूल रेट जारी किए हैं उससे कई गुनी कीमत पर लाइट की खरीद की जा रही थी। पीडब्लूडी के शिड्यूल रेट पर जो लाइट मय फिटिंग 8.50 हजार की आ रही है वो प्राधिकरण के अधिकारी करीब 28 हजार रुपये में खरीद रहे थे।
जब एडीए उपाध्यक्ष ने सवाल जवाब किए तो प्राधिकरण के विद्युत विभाग के अधिकारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इस पर एडीए ने प्रस्ताव को निरस्त करते हुए नए सिरे से टेंडर जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही हिदायत दी है कि लोक निर्माण विभाग के शिड्यूल रेट से अधिक कीमत पर लाइटों की खरीद नहीं होगी।
लोक निर्माण विभाग ने लाइटों के संबंध में जो शिड्यूल रेट जारी किए हैं उससे कई गुनी कीमत पर लाइट की खरीद की जा रही थी। पीडब्लूडी के शिड्यूल रेट पर जो लाइट मय फिटिंग 8.50 हजार की आ रही है वो प्राधिकरण के अधिकारी करीब 28 हजार रुपये में खरीद रहे थे।
जब एडीए उपाध्यक्ष ने सवाल जवाब किए तो प्राधिकरण के विद्युत विभाग के अधिकारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इस पर एडीए ने प्रस्ताव को निरस्त करते हुए नए सिरे से टेंडर जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही हिदायत दी है कि लोक निर्माण विभाग के शिड्यूल रेट से अधिक कीमत पर लाइटों की खरीद नहीं होगी।
46 लाख रुपये तो फिटिंग पर खर्च होने थे
प्राधिकरण के अधिकारियों ने जो डील तैयारी की थी उसके मुताबिक करीब 28400 रुपये प्रति लाइट के हिसाब से करीब 29 लाख रुपये की 102 लाइट खरीदी जानी थी। इसके अतिरिक्त 8.60 लाख रुपये से करीब 25 हजार रुपये की कीमत की लाइटों की खरीद करनी थी।
47.50 लाख रुपये की धनराशि से करीब 24250 रुपये प्रति लाइट के हिसाब से लाइटों की खरीद करनी थी। करीब 46 लाख रुपये तो केवल फिटिंग पर ही खर्च करना होना था।
47.50 लाख रुपये की धनराशि से करीब 24250 रुपये प्रति लाइट के हिसाब से लाइटों की खरीद करनी थी। करीब 46 लाख रुपये तो केवल फिटिंग पर ही खर्च करना होना था।