{"_id":"57339a184f1c1bf12091a115","slug":"still-danger-on-jawahar-bridge","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी खतरा टला नहीं, गढ्ढों से लिंटर पर सीधा दबाव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी खतरा टला नहीं, गढ्ढों से लिंटर पर सीधा दबाव
अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 12 May 2016 02:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शहर को यमुनापार से जोड़ने वाले जवाहर पुल पर अभी खतरा टला नहीं है। डेढ़ माह पहले इसके निचले हिस्से की मरम्मत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने करवाई थी। गढ्ढों की वजह से लिंटर पर सीधा दबाव पड़ रहा है। सरिया तक नजर आने लगी हैं। इस पुल पर रोजाना लगभग पांच हजार वाहन गुजरते हैं। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है।
बता दें, मार्च में एनएचएआई ने जवाहर पुल को यातायात के लिए खतरनाक बताते हुए इस पर एक पखवाड़े तक भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया था। पुल के मध्य भाग की रोलर बियरिंग को टूटा बताया था। इससे कारण पुल छह इंच तक धंस गया था। गुजरात से आई टीम ने दो चरणों में पुल की मजबूती के लिए नौ बियरिंग लगाए थे।
इस सबके बाद भी पुल के ऊपरी हिस्से पर ध्यान नहीं दिया गया। सड़क जर्जर हो गई है। कई जगह से लिंटर नजर आने लगा है। पुल की रेलिंग भी पूरी तरह टूट चुकी है। पुल के शुरू होते ही कई जगह गड्ढे भी हो गए हैं। एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक एसबी सिंह का कहना है कि ऊपरी हिस्से की मरम्मत करवाई जाएगी।
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ज्यादा दबाव नहीं झेल सकता पुल
पुल के निचले हिस्से की मरम्मत के दौरान एनएचएआई अधिकारियों ने बताया था कि पुल अब बहुत ज्यादा दबाव झेलने की स्थिति में नहीं है। इस पुल पर फीरोजाबाद और हाथरस रोड से आने वाले हल्के और भारी वाहनों का बहुत दबाव है। ऐसे में एनएचएआई ने इसी पुल के बराबर से नया पुल बनवाने का प्रस्ताव भी भेजा था। इसके लिए मिट्टी की टेस्टिंग भी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना था कि नए पुल के निर्माण के बाद जवाहर पुल से केवल हल्के वाहनों को ही गुजारा जाएगा।
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बता दें, मार्च में एनएचएआई ने जवाहर पुल को यातायात के लिए खतरनाक बताते हुए इस पर एक पखवाड़े तक भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया था। पुल के मध्य भाग की रोलर बियरिंग को टूटा बताया था। इससे कारण पुल छह इंच तक धंस गया था। गुजरात से आई टीम ने दो चरणों में पुल की मजबूती के लिए नौ बियरिंग लगाए थे।
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इस सबके बाद भी पुल के ऊपरी हिस्से पर ध्यान नहीं दिया गया। सड़क जर्जर हो गई है। कई जगह से लिंटर नजर आने लगा है। पुल की रेलिंग भी पूरी तरह टूट चुकी है। पुल के शुरू होते ही कई जगह गड्ढे भी हो गए हैं। एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक एसबी सिंह का कहना है कि ऊपरी हिस्से की मरम्मत करवाई जाएगी।
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ज्यादा दबाव नहीं झेल सकता पुल
पुल के निचले हिस्से की मरम्मत के दौरान एनएचएआई अधिकारियों ने बताया था कि पुल अब बहुत ज्यादा दबाव झेलने की स्थिति में नहीं है। इस पुल पर फीरोजाबाद और हाथरस रोड से आने वाले हल्के और भारी वाहनों का बहुत दबाव है। ऐसे में एनएचएआई ने इसी पुल के बराबर से नया पुल बनवाने का प्रस्ताव भी भेजा था। इसके लिए मिट्टी की टेस्टिंग भी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना था कि नए पुल के निर्माण के बाद जवाहर पुल से केवल हल्के वाहनों को ही गुजारा जाएगा।