विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार: एसटीएफ ने अफसरों से की पूछताछ, कॉलेज-शिक्षकों का रिकॉर्ड किया जब्त
कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार मामले की जांच में जुटी एसटीएफ ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के अफसरों से पूछताछ की। इनसे प्रभारी कुलपति के कार्यकाल में दी गई संबद्धता, शिक्षक भर्ती समेत अन्य के बारे में भी पूछताछ की गई।
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कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की जांच कर रही एसटीएफ ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के अफसरों से पूछताछ की। कॉलेज के संबद्धता और शिक्षकों की नियुक्ति के रिकॉर्ड जब्त किए हैं। 150 से अधिक कागजों को एसटीएफ अपने साथ ले गई है।
एसटीएफ की टीम शुक्रवार को करीब एक बजे विश्वविद्यालय पहुंची। इसमें चार अफसर थे। संबद्धता, परीक्षा और गोपनीय विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की। इनसे प्रभारी कुलपति के कार्यकाल में दी गई संबद्धता, शिक्षक भर्ती समेत अन्य के बारे में पूछताछ की। इसमें कॉलेजों के नाम, पता और संबद्धता की जानकारी की।
शिक्षक भर्ती के बारे में भी पूछा
विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती के बारे में भी पूछा। इसमें कितने शिक्षक भर्ती किए, विज्ञापन किन समाचार पत्रों में निकाला। नियुक्ति कैसे हुई। इनके बारे में जानकारी की। तीनों ही विभागों से 150 से अधिक दस्तावेजों के रिकॉर्डों की फोटोकापी करवाई, मोबाइल से फोटो भी खींचे।
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एसटीएफ ने कुलपति सचिवालय, कुलसचिव कार्यालय, परीक्षा नियंत्रक कार्यालय, सहायक कुलसचिव समेत अन्य विभागों के आधिकारिक मेल आईडी मांगी है। इससे अन्य जानकारी और सूचनाएं लेने में मेल-आईडी के जरिये भी मांगी जाएंगी। सभी दस्तावेजों की फाइल बनाकर एसटीएफ की टीम करीब शाम चार बजे यहां से रवाना हुई।
कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय में एसटीएफ कई मामलों की जांच कर रही है। आवश्यक रिकॉर्ड एसटीएफ को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अभी तक की जांच के बारे में राज्यपाल को अवगत करा दिया गया है।
राज्यपाल को दी कमीशनखोरी की जांच रिपोर्ट
कुलपति प्रो. आशू रानी ने बताया कि प्रो. विनय पाठक प्रकरण में एसटीएफ विश्वविद्यालय में जांच कर रही है। इस बाबत राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल को पूरे मामले की जानकारी देना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है। इसके चलते राजभवन में कुलाधिपति से मिलकर रिपोर्ट की है।