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स्टेडियम बनना था तीन साल में, लग गए पांच
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स्टेडियम बनना था तीन साल में, लग गए पांच
- 10 करोड़ रुपये हुए खर्च, अब कोच की तैनाती का है इंतजार
- डीएम की सक्रियता के बाद निर्माण कार्य में आई तेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। 10 करोड़ रुपये की लागत से तीन साल में बनने वाला स्टेडियम आखिरकार पांच साल में बन ही गया। वो भी तब जब डीएम ने सक्रियता दिखाई। स्टेडियम को क्रीड़ा विभाग को चार दिन पूर्व सौंप दिया गया। यही नहीं डीएम ने कोच की तैनाती के लिए शासन को पत्र भी लिख दिया है।
पांच वर्ष पूर्व स्टेडियम के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। कलक्ट्रेट परिसर के समीप भागीरथ की गुफा वाले रास्ते पर स्टेडियम का निर्माण 10 करोड़ रुपये की लागत से किया गया। 2017 में स्टेडियम के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। तीन वर्ष में स्टेडियम के स्ट्रक्चर के निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन इसके बाद बजट की कमी आड़े आ गई और फिनिशिंग के कार्य नहीं हो सके। मार्च 2021 में स्टेडियम के निर्माण की आखिरी किस्त जारी हो गई, लेकिन का कार्य धीमी गति से ही हो रहा था। यह जानकारी जब जिलाधिकारी को हुई तो उन्होंने कार्यदायी संस्था को शीघ्रता से कार्य पूरा कर स्टेडियम हैंडओवर करने के निर्देश दिए। इसके बाद चार दिन पूर्व स्टेडियम को हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी हुई। अब स्टेडियम क्रीड़ा विभाग को हैंडओवर होने के बाद खिलाड़ी स्टेडियम में खेल सकेंगे और उन्हें खेल से जुड़ी सुविधाएं भी मिलेंगी। खिलाड़ी अनुपम शर्मा, राजीव अग्रवाल, राजीव शर्मा, दीपक मेहरा ने कहा कि स्टेडियम में खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर प्रशासन ध्यान दे। जिससे खिलाड़ियों को स्टेडियम के निर्माण का लाभ मिल सके।
हो सकेंगे यह खेल
जिला क्रीड़ा अधिकारी मंजूर आलम ने बताया कि स्टेडियम में वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी, कुश्ती, एथलेटिक्स के खेल हो सकेंगे। स्टेडियम का मैदान सभी खेलों के लिए पर्याप्त है। खेल निदेशालय से कोचों की तैनाती के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। एथलेटिक्स के कोच के लिए चयन की प्रक्रिया चल रही है।
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- कार्यदायी संस्था ने स्टेडियम के अधूरे कार्यों को पूरा कराकर स्टेडियम हैंडओवर किया है। कोच की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे जिले के खिलाड़ियों बेहतर सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएं।
- हर्षिता माथुर, डीएम।
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- 10 करोड़ रुपये हुए खर्च, अब कोच की तैनाती का है इंतजार
- डीएम की सक्रियता के बाद निर्माण कार्य में आई तेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। 10 करोड़ रुपये की लागत से तीन साल में बनने वाला स्टेडियम आखिरकार पांच साल में बन ही गया। वो भी तब जब डीएम ने सक्रियता दिखाई। स्टेडियम को क्रीड़ा विभाग को चार दिन पूर्व सौंप दिया गया। यही नहीं डीएम ने कोच की तैनाती के लिए शासन को पत्र भी लिख दिया है।
पांच वर्ष पूर्व स्टेडियम के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। कलक्ट्रेट परिसर के समीप भागीरथ की गुफा वाले रास्ते पर स्टेडियम का निर्माण 10 करोड़ रुपये की लागत से किया गया। 2017 में स्टेडियम के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। तीन वर्ष में स्टेडियम के स्ट्रक्चर के निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन इसके बाद बजट की कमी आड़े आ गई और फिनिशिंग के कार्य नहीं हो सके। मार्च 2021 में स्टेडियम के निर्माण की आखिरी किस्त जारी हो गई, लेकिन का कार्य धीमी गति से ही हो रहा था। यह जानकारी जब जिलाधिकारी को हुई तो उन्होंने कार्यदायी संस्था को शीघ्रता से कार्य पूरा कर स्टेडियम हैंडओवर करने के निर्देश दिए। इसके बाद चार दिन पूर्व स्टेडियम को हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी हुई। अब स्टेडियम क्रीड़ा विभाग को हैंडओवर होने के बाद खिलाड़ी स्टेडियम में खेल सकेंगे और उन्हें खेल से जुड़ी सुविधाएं भी मिलेंगी। खिलाड़ी अनुपम शर्मा, राजीव अग्रवाल, राजीव शर्मा, दीपक मेहरा ने कहा कि स्टेडियम में खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर प्रशासन ध्यान दे। जिससे खिलाड़ियों को स्टेडियम के निर्माण का लाभ मिल सके।
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हो सकेंगे यह खेल
जिला क्रीड़ा अधिकारी मंजूर आलम ने बताया कि स्टेडियम में वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी, कुश्ती, एथलेटिक्स के खेल हो सकेंगे। स्टेडियम का मैदान सभी खेलों के लिए पर्याप्त है। खेल निदेशालय से कोचों की तैनाती के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। एथलेटिक्स के कोच के लिए चयन की प्रक्रिया चल रही है।
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- कार्यदायी संस्था ने स्टेडियम के अधूरे कार्यों को पूरा कराकर स्टेडियम हैंडओवर किया है। कोच की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे जिले के खिलाड़ियों बेहतर सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएं।
- हर्षिता माथुर, डीएम।