जन्माष्टमी 2018: दो बार जन्मेंगे कन्हैया, तैयारियां शुरू, मथुरा-वृंदावन में बढ़ाई गई सुरक्षा
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भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में इस बार भी कान्हा का जन्म दो बार होगा। शहर के मल्लपुरा क्षेत्र में दो सितंबर को ही कान्हा जन्म लेंगे। केशवदेव मंदिर में भी इसी दिन जन्माष्टमी मनाई जाएगी, जबकि श्रीकृष्ण जन्मस्थान में तीन सितंबर को कान्हा का जन्म होगा। मंदिर प्रबंधन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
केशवदेव मंदिर के श्यामचरण गोस्वामी बताते हैं कि पास ही में कारागार होने के कारण श्रीकृष्ण जन्म की सूचना सबसे पहले यहीं के लोगों को मिली। सूचना मिलते ही लोगों ने खुशी मनाई। यही परंपरा वर्षों से चली आ रही है। विमला ने बताया कि प्रतिवर्ष मल्लपुरा में रोहिणी नक्षत्र के प्रारंभ में ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होता है। इसी कारण एक दिन पूर्व ही यह त्योहार मना लिया जाता है।
मामा कंस के मल्लों का स्थान था मल्लपुरा मल्लपुरा मामा कंस के मल्लों के स्थान के रूप में जाना जाता है। इसी कारण इसका नाम मल्लपुरा पड़ा। इस क्षेत्र में भी भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर स्थापित है। स्थानीय वाशिंदों की मानें तो वहीं द्वापरकालीन जेल भी है।
ठा. श्रीकेशवदेव जी महाराज समिति द्वारा प्राचीन केशवदेव मंदिर में दो सितंबर को श्रीकृष्ण सामूहिक संकीर्तन मंडल द्वारा शाम सात बजे से रात्रि 12 बजे तक भजन संध्या, रात्रि 10 बजे से 11 बजे तक अभिषेक व रात्रि 12 बजे से एक बजे तक जन्म के दर्शन होंगे।
वृंदावन में भी तैयारियां शुरू
वहीं, कान्हा की क्रीड़ा भूमि श्रीधाम वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर कोई अपने आराध्य श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को पहले से भी भव्य रूप देने को आतुर है। बाजारों में भी श्रीकृष्ण के पूजन शृंगार से लेकर उनके खान-पान तक की सामग्री से भर गए हैं। मंदिरों में भी तैयारियां शुरू हो गईं हैं।
सप्तदेवालयों में एक राधा दामोदर मंदिर में भी कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। मंदिर सेवायत कृष्ण गोस्वामी के अनुसार तीन सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी पर राधादोमादर मंदिर में भगवान राधादामोदर सहित श्रीगिरिराज शिला का दूध, दही, शर्करा, शहद, पंचमेवा, यमुनाजल आदि से निर्मित पंचामृत से दुग्धाभिषेक होगा।
यह आयोजन प्रात: 9:30 बजे से प्रारंभ होकर मध्याह्न 12 बजे तक जारी रहेगा। वहीं बालक कन्हैया को रिझाने के लिए मंदिर परिसर में विभिन्न कार्यक्रम भी होंगे। अगले दिन चार सितंबर को सुबह 9:30 बजे से दधिकांधा (नंदोत्सव) का आयोजन होगा।
जन्माष्टमी को लेकर अलर्ट
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा में चौकसी बढ़ा दी गई है। मथुरा और वृंदावन को 16 सेक्टर में बांटा गया है। जन्मस्थान को ही सुरक्षा के लिहाज से सात सेक्टर में बांटकर ड्यूटियां लगाई गई हैं। सभी मंदिरों पर एक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी की तैनाती की जा रही है।
मथुरा में जन्माष्टमी तीन सितंबर को मनाई जाएगी। भगवान के जन्म की लीला देखने के लिए लोगों का आना एक सितंबर से शुरू हो जाता है। देश भर से लोग पहुंचते हैं। प्रशासन ने भी उसी तरह से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
प्रमुख मंदिरों पर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी
मथुरा के साथ गोवर्धन, नंदगांव, बरसाना, गोकुल और महावन में प्रमुख मंदिरों पर मजिस्ट्रेट लगाए जा रहे हैं। जन्मस्थान के रेड जोन को सात सेक्टर में बांटा गया है। हर सेक्टर पर पुलिस रहेगी। मंदिरों के आसपास भारी पुलिस लगाई जा रही है। खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। संदिग्ध आवाजाही वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। दो सितंबर से चार सितंबर तक ड्यूटियां लगाई जा रही हैं। भीड़ बढ़ने पर कई मार्गों पर भारी वाहनों को भी रोका जा सकता है। वृंदावन में भी ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा।