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जन्मभूमि: 'भगवान श्रीकृष्ण विराजमान' की अपील पर अब 16 अक्तूबर को होगी सुनवाई
Tue, 13 Oct 2020 01:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 13 Oct 2020 01:10 AM IST
सार
- श्रीकृष्ण विराजमान की अपील पर 16 अक्टूबर को होगा फैसला। जिला जज साधना ठाकुर ने दी अगली तारीख।
- सोमवार को दो घंटे की हुई सुनवाई, दावा अस्वीकार करने वाली फाइल कोर्ट से मंगाई गई।
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श्री कृष्ण जन्मस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर 13.37 एकड़ जमीन के मालिकाना हक के लिए सोमवार को जिला जज मथुरा की अदालत में अपील की गई। जिला जज ने दावे को दाखिल करने संबंधी मामले में निर्णय को सुरक्षित कर लिया है। न्यायालय अब 16 अक्तूबर को इस संबंध में निर्णय देगा। भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की वादी रंजना अग्निहोत्री आदि के अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा। करीब दो घंटे तक सुनवाई के बाद न्यायालय ने अगली तारीख दी।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट की लगभग 13.37 एकड़ जमीन पर भगवान श्रीकृष्ण विराजमान द्वारा अपने भक्तगणों के माध्यम से दावा किया गया था। यह दावा विगत दिनों सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में किया गया था। उनकी अनुपस्थिति में इसकी सुनवाई लिंक कोर्ट एडीजे-पॉक्सो कोर्ट में हुई। जहां अदालत ने यह दावा खारिज कर दिया।
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इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण विराजमान द्वारा दावे की अपील सोमवार को जिला जज साधना रानी ठाकुर की अदालत में की गई। सोमवार दोपहर करीब 2.45 मिनट पर शुरू हुई। सुनवाई 4.45 बजे तक पूरी हो गई। भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और पंकज कुमार वर्मा ने दावा दाखिल करने के लिए अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा।
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16 अक्तूबर को होगा निर्णय
अधिवक्ताओं ने सबसे पहले उक्त जमीन के इतिहास की जानकारी दी। फिर उन्होंने 02 अक्तूबर 1968 को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा 13.37 एकड़ जमीन पर कमेटी ऑफ मैनेजमेट ट्रस्ट शाही ईदगाह मस्जिद के साथ हुए समझौते को गैर कानूनी बताया। कहा कि इसके बाद 1973 में डिक्री (न्यायिक निर्णय) किया गया था। अधिवक्ताओं ने बताया कि वह उस न्यायिक निर्णय को रद्द कराना चाहते हैं।
उनकी ओर से इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को भी कोर्ट के समक्ष रखा गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने इससे पूर्व दावा अस्वीकार करने वाली फाइल को पूर्व न्यायालय एडीजे-2 से मंगा लिया। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि जिला न्यायालय ने दावा दाखिल करने के संबंध में 16 अक्तूबर तिथि तय की है। वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम तरकर ने बताया कि अदालत 16 अक्तूबर को अपना निर्णय सुनाएगी।
कई अन्य लोग भी जुड़ने लगे
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुद्दे को लेकर अब भगवान श्रीकृष्ण विराजमान के मामले में अन्य लोग भी जुड़ने लगे हैं। सोमवार को जैसे ही वादी और अधिवक्ता जिला जज की अदालत के समक्ष पहुंचे। इस मामले से जुड़ने के इच्छुक वृंदावन के आचार्य देव मुरारी बापू और अन्य लोग भी आ गए। आचार्य देवमुरारी बापू ने बताया कि वह भी बहुत दिन से इसी मुद्दे पर काम कर रहे हैं।
केवल पांच लोग आए
केस की अपील करने के वादी रंजना अग्निहोत्री, करुणेश शुक्ला के साथ अधिवक्ता पंकज कुमार वर्मा, विष्णु शंकर जैन तथा हरिशंकर जैन आए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर भी उन्होंने किसी अन्य अधिवक्ता या स्थानीय व्यक्ति को शामिल नहीं किया है।
उनकी ओर से इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को भी कोर्ट के समक्ष रखा गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने इससे पूर्व दावा अस्वीकार करने वाली फाइल को पूर्व न्यायालय एडीजे-2 से मंगा लिया। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि जिला न्यायालय ने दावा दाखिल करने के संबंध में 16 अक्तूबर तिथि तय की है। वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम तरकर ने बताया कि अदालत 16 अक्तूबर को अपना निर्णय सुनाएगी।
कई अन्य लोग भी जुड़ने लगे
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुद्दे को लेकर अब भगवान श्रीकृष्ण विराजमान के मामले में अन्य लोग भी जुड़ने लगे हैं। सोमवार को जैसे ही वादी और अधिवक्ता जिला जज की अदालत के समक्ष पहुंचे। इस मामले से जुड़ने के इच्छुक वृंदावन के आचार्य देव मुरारी बापू और अन्य लोग भी आ गए। आचार्य देवमुरारी बापू ने बताया कि वह भी बहुत दिन से इसी मुद्दे पर काम कर रहे हैं।
केवल पांच लोग आए
केस की अपील करने के वादी रंजना अग्निहोत्री, करुणेश शुक्ला के साथ अधिवक्ता पंकज कुमार वर्मा, विष्णु शंकर जैन तथा हरिशंकर जैन आए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर भी उन्होंने किसी अन्य अधिवक्ता या स्थानीय व्यक्ति को शामिल नहीं किया है।