{"_id":"60744d6e139cfd629b49994b","slug":"sri-krishna-janmabhoomi-case-thakur-keshav-dev-hearing-at-28-april","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला: दो न्यायिक अधिकारी कोरोना पॉजिटिव मिलने से टली सुनवाई, नई तारीख मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला: दो न्यायिक अधिकारी कोरोना पॉजिटिव मिलने से टली सुनवाई, नई तारीख मिली
Tue, 13 Apr 2021 12:16 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 13 Apr 2021 12:16 AM IST
सार
ठाकुर केशवदेव महाराज के सेवायत पवन कुमार शास्त्री ने अदालत से मांग की थी कि 13.37 एकड़ जमीन को शाही ईदगाह मस्जिद से मुक्त की जाए।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्मस्थान
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित ठाकुर केशवदेव प्रकरण में अब अगली सुनवाई की तारीख 28 अप्रैल तय की है। दावे में वादी द्वारा शाही ईदगाह मस्जिद पर स्टे की मांग की है। स्टे के बिंदु पर अभी सुनवाई नहीं हो सकी और विपक्षीगणों को नोटिस जाना भी बाकी है।
दरअसल, ठाकुर केशवदेव महाराज के सेवायत पवन कुमार शास्त्री ने अदालत से मांग की थी कि 13.37 एकड़ जमीन को शाही ईदगाह मस्जिद से मुक्त की जाए। इसे लेकर उन्होंने अपने दावे में साक्ष्य मिटाने की आशंका से शाही ईदगाह मस्जिद पर स्टे की मांग भी की थी। दावे की सुनवाई 8 अप्रैल को होनी थी लेकिन उस दिन दो न्यायिक अधिकारियों के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ता दीपक शर्मा ने बताया कि अब इस मामले की सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।
गौरतलब है कि दो फरवरी को ठाकुर केशव मंदिर के सेवायत पवन कुमार शास्त्री ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में केस दाखिल किया था। 4 फरवरी को केस दर्जकर 8 मार्च को अदालत में सुनवाई की गई। अदालत ने केस के अन्य पहलुओं पर सुनवाई के लिए 8 अप्रैल की तारीख तय कर दी है। जिसके बाद केस की सुनवाई के लिए अदालत ने 28 अप्रैल की तारीख दी है।
विज्ञापन
अदालत में है ये मामला
सबसे पहले अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री की ओर से दावा दाखिल किया गया था। इसमें कहा गया है कि शाही मस्जिद ईदगाह श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की जमीन पर बनी है। वर्ष 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के बीच समझौता हुआ था। जबकि जिस जमीन का समझौता हुआ, वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की है। ऐसे में समझौता अवैध है और उसे रद्द कर पूरी 13.37 एकड़ जमीन ट्रस्ट को दी जाए। इस मामले पर अदालत में सुनवाई चल रही है।
ये भी पढ़ें: नशे का कारोबार: आगरा के दवा माफिया पंकज गुप्ता सहित आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
ये भी पढ़ें: सुहागनगरी में कोरोना: 56 कोरोना नए मरीज मिले, सक्रिय केस 400 पार, पॉश कॉलोनियों में फैल रहा संक्रमण
विज्ञापन
दरअसल, ठाकुर केशवदेव महाराज के सेवायत पवन कुमार शास्त्री ने अदालत से मांग की थी कि 13.37 एकड़ जमीन को शाही ईदगाह मस्जिद से मुक्त की जाए। इसे लेकर उन्होंने अपने दावे में साक्ष्य मिटाने की आशंका से शाही ईदगाह मस्जिद पर स्टे की मांग भी की थी। दावे की सुनवाई 8 अप्रैल को होनी थी लेकिन उस दिन दो न्यायिक अधिकारियों के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ता दीपक शर्मा ने बताया कि अब इस मामले की सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि दो फरवरी को ठाकुर केशव मंदिर के सेवायत पवन कुमार शास्त्री ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में केस दाखिल किया था। 4 फरवरी को केस दर्जकर 8 मार्च को अदालत में सुनवाई की गई। अदालत ने केस के अन्य पहलुओं पर सुनवाई के लिए 8 अप्रैल की तारीख तय कर दी है। जिसके बाद केस की सुनवाई के लिए अदालत ने 28 अप्रैल की तारीख दी है।
विज्ञापन
अदालत में है ये मामला
सबसे पहले अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री की ओर से दावा दाखिल किया गया था। इसमें कहा गया है कि शाही मस्जिद ईदगाह श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की जमीन पर बनी है। वर्ष 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के बीच समझौता हुआ था। जबकि जिस जमीन का समझौता हुआ, वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की है। ऐसे में समझौता अवैध है और उसे रद्द कर पूरी 13.37 एकड़ जमीन ट्रस्ट को दी जाए। इस मामले पर अदालत में सुनवाई चल रही है।
ये भी पढ़ें: नशे का कारोबार: आगरा के दवा माफिया पंकज गुप्ता सहित आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
ये भी पढ़ें: सुहागनगरी में कोरोना: 56 कोरोना नए मरीज मिले, सक्रिय केस 400 पार, पॉश कॉलोनियों में फैल रहा संक्रमण