श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मामला: पक्षकार बनने के लिए मथुरा की अदालत में पांच नए प्रार्थनापत्र दाखिल
- 13.37 एकड़ जमीन पर मालिकाना हक का मामला
- श्रीकृष्ण विराजमान की ओर मांगा गया जमीन का स्वामित्व
- इस मामले में पक्षकार बनने को पांच नए प्रार्थनापत्र दाखिल
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मथुरा में 'श्रीकृष्ण विराजमान' की ओर से जन्मभूमि पर मालिकाना हक के लिए दाखिल वाद का पक्षकार बनने के लिए गुरुवार को पांच और प्रार्थनापत्र जिला जज की अदालत में दाखिल किए गए। पिछली तारीख पर अनुपस्थित रहे चौथे प्रतिवादी के अधिवक्ता ने भी वकालतनामा दाखिल कर दिया।
उधर, इस मामले की वादी रंजना अग्निहोत्री ने तीन संगठनों को पक्षकार बनाए जाने का विरोध किया है। जिला जज के अवकाश पर रहने के कारण एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडेय ने सुनवाई की और अगली तारीख सात जनवरी तय कर दी।
श्रीकृष्ण विराजमान द्वारा अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और अन्य भक्तगणों के माध्यम से अदालत से वर्ष 1967 के सिविल दावे के माध्यम से किए गए उस डिक्री (न्यायिक निर्णय) को खारिज करने की अपील की गई है, जिसमें 13.37 एकड़ जमीन पर निर्णय लिया गया है।
ये हैं प्रतिवादी
इस मामले में वादी पक्ष ने उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड चेयरमैन, कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ट्रस्ट शाही ईदगाह मस्जिद सचिव, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट मैनेजिंग ट्रस्टी तथा श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान सचिव को प्रतिवादी बनाया था। जिला जज की अदालत ने इन सभी को समन जारी किए थे। 17 नवंबर को सुनवाई में श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट मैनेजिंग ट्रस्टी अनुराग डालमिया की तरफ से न्यायालय में कोई पेश नहीं हुआ था।
गुरुवार को इस मामले की श्रीकृष्ण जन्मभूमि मैनेजिंग ट्रस्टी अनुराग डालमिया की ओर से अधिवक्ता राधा किशन खंडेलवाल ने वकालतनामा दाखिल किया है। उधर, व्यापारी नेता अजय गोयल निवासी मथुरा, विजेंद्र पोइया निवासी मथुरा, पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र अग्रवाल निवासी मथुरा, डॉ. केशवाचार्य निवासी वृंदावन, योगेश उपाध्याय ने पक्षकार बनाने को प्रार्थनापत्र दिया है।
इस मामले में माथुर चतुर्वेदी परिषद, तीर्थ पुरोहित महासभा और हिंदू महासभा को पक्षकार बनाया गया था, जिस पर वादी रंजना अग्निहोत्री ने आपत्ति दाखिल की है। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि जिला जज साधना रानी ठाकुर के अवकाश पर रहने के कारण एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडेय ने सुनवाई की अगली तारीख सात जनवरी तय की है।