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Agra News: राम भक्ति में 15 साल की उम्र में 45 दिन बिताए जेल में
Sat, 20 Jan 2024 12:55 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 20 Jan 2024 12:55 AM IST
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कासगंज। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आज चारों ओर उल्लास है। इस खुशी को पाने के लिए जिले के रामभक्तों का योगदान रहा है। ऐसे ही अमांपुर के निवासी एक भक्त विष्णु गोयल हैं। जिन्होंने 15 साल की उम्र में 45 दिन मैनपुधी की जेल में बिताए।
पत्रकार विष्णु गाेयल बताते हैं कि उनके पिता हरिओम गोयल पत्रकारिता से जुड़े थे। 5 जनवरी 1989 को पिता मृत्यु होने पर उन्होंने समाचार पत्र की एजेंसी का कार्य संभाल लिया। 1990 में सितंबर लालकृष्ण आडवाणी की तरफ से निकाली गई रथ यात्रा के समय उनकी उम्र 15 साल थी। 13 अक्टूबर 1990 की सुबह 4:00 बजे जब वो समाचार पत्रों का वितरण करने के लिए बस स्टैंड पहुंचे। तभी थानाध्यक्ष गीतम सिंह यादव और कस्बा प्रभारी बीएल यादव ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने अन्य लोगों की गिरफ्तारी शुरू कर दी। पूर्व विधायक ओमकार सिंह, .फैंसी बाबू साहू गिरफ्तार हुए थे। पुलिस टीम ने कस्बे के लोगो के साथ बदतमीजी की विरोध करने पर चाचा नारायण दास गोयल व माधव मित्तल के साथ पुलिस ने मारपीट की, जिससे वे घायल हो गए। उन पर पुलिस मुजामत का मुकदमा लगा कर जेल भेज दिया। पुलिस ने सभी लोगों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई किए। अलीगंज के पूर्व विधायक गेंदालाल गुप्ता जलेसर के पूर्व विधायक प्रीतम सिंह वर्मा, माधव नट कासगंज के पूर्व विधायक नेतराम सिंह वर्मा, वेध रामाधार जाजू सहित एटा व कासगंज के 700 से अधिक लोग जेल में बंद थे। 24 अक्टूबर 1990 को राम जन्मभूमि के लिए जेल भरो आंदोलन चलाया गया जिसमें कस्बे की डॉक्टर महावीर प्रसाद पालीवाल सहित अन्य लोगों ने अपनी गिरफ्तारी दी।इनको पांच 17 नवंबर को पूर्व विधायक ओमकार सिंह वर्मा व अन्य सभी विधायकों को भी रिहा कर दिया गया। इसके बाद शासन ने गैंगस्टर एक्ट वापस ली तब 26 नवंबर 1990 को 45 दिन बाद मैनपुरी जेल से रिहाई हुई। वे बताते हैं 1 साल बाद वह कारसेवा के लिए अयोध्या पहुंचे। राम शिला भी अयोध्या पहुंचाई। राम मंदिर का सपना साकार होने से काफी खुशी मिल रही है। 22 जनवरी को वह दिवाली मनाएंगे।
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पत्रकार विष्णु गाेयल बताते हैं कि उनके पिता हरिओम गोयल पत्रकारिता से जुड़े थे। 5 जनवरी 1989 को पिता मृत्यु होने पर उन्होंने समाचार पत्र की एजेंसी का कार्य संभाल लिया। 1990 में सितंबर लालकृष्ण आडवाणी की तरफ से निकाली गई रथ यात्रा के समय उनकी उम्र 15 साल थी। 13 अक्टूबर 1990 की सुबह 4:00 बजे जब वो समाचार पत्रों का वितरण करने के लिए बस स्टैंड पहुंचे। तभी थानाध्यक्ष गीतम सिंह यादव और कस्बा प्रभारी बीएल यादव ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने अन्य लोगों की गिरफ्तारी शुरू कर दी। पूर्व विधायक ओमकार सिंह, .फैंसी बाबू साहू गिरफ्तार हुए थे। पुलिस टीम ने कस्बे के लोगो के साथ बदतमीजी की विरोध करने पर चाचा नारायण दास गोयल व माधव मित्तल के साथ पुलिस ने मारपीट की, जिससे वे घायल हो गए। उन पर पुलिस मुजामत का मुकदमा लगा कर जेल भेज दिया। पुलिस ने सभी लोगों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई किए। अलीगंज के पूर्व विधायक गेंदालाल गुप्ता जलेसर के पूर्व विधायक प्रीतम सिंह वर्मा, माधव नट कासगंज के पूर्व विधायक नेतराम सिंह वर्मा, वेध रामाधार जाजू सहित एटा व कासगंज के 700 से अधिक लोग जेल में बंद थे। 24 अक्टूबर 1990 को राम जन्मभूमि के लिए जेल भरो आंदोलन चलाया गया जिसमें कस्बे की डॉक्टर महावीर प्रसाद पालीवाल सहित अन्य लोगों ने अपनी गिरफ्तारी दी।इनको पांच 17 नवंबर को पूर्व विधायक ओमकार सिंह वर्मा व अन्य सभी विधायकों को भी रिहा कर दिया गया। इसके बाद शासन ने गैंगस्टर एक्ट वापस ली तब 26 नवंबर 1990 को 45 दिन बाद मैनपुरी जेल से रिहाई हुई। वे बताते हैं 1 साल बाद वह कारसेवा के लिए अयोध्या पहुंचे। राम शिला भी अयोध्या पहुंचाई। राम मंदिर का सपना साकार होने से काफी खुशी मिल रही है। 22 जनवरी को वह दिवाली मनाएंगे।
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