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Agra: कलर प्रिंटर से तैयार करते नोट, दिल्ली समेत कई जिलों में करते सप्लाई; पांच धरे गए

Wed, 03 Jan 2024 09:11 AM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 03 Jan 2024 09:11 AM IST
सार

सातिर गैंग कलर प्रिंटर से नोट तैयार कर रहा था। इसके बाद दिल्ली समेत कई जिलों में सप्लाई करता था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

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Special Cell of Delhi Police has arrested three accused with consignment of fake notes
पुलिस ने हिरासत में लिया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की खेप के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वह उत्तर प्रदेश के आगरा में में भी नकली नोटों की सप्लाई करते थे। मगर, पूर्व में आगरा में नकली नोटों तैयार करने वाले से लेकर सप्लायर तक पकड़े जा चुके हैं।

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अक्तूबर 2022 में सदर क्षेत्र के राजपुर चुंगी स्थित एक जिम के पास नकली नोट बनाते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में गैंग का सरगना अवधेश सविता भी था। वह शमसाबाद का रहने वाला था। आरोपी कागज और फोटोस्टेट की मदद से नोट तैयार करते थे। सरगना दूसरी बार पकड़ा गया था।
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आरोपी 500 के नोट का प्रिंट कलर प्रिंटर से निकालते थे। उसके बाद वाटरमार्क लगाते थे। इससे नोट असली जैसा दिखता था। सप्लायर नोटों को बाजार में आधी कीमत पर बेच देते थे। इससे पहले एत्माद्दौला क्षेत्र में बांग्लादेशी महिला फातिमा पकड़ी जा चुकी है। उसे नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी और एटीएस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

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यूनानी डॉक्टर के साथ काम करता था आसिफ अली

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किए आसिफ अली (27) ने 12वीं की पढ़ाई बदायूं के स्कूल में की थी। वर्ष 2013 में पास होने के बाद उझानी में यूनानी डॉक्टर के साथ काम करना शुरू किया और दवाओं के बारे में जानकारी ली। वर्ष 2016 में पैतृक गांव में लोगों को दवा देनी शुरू की, लेकिन ज्यादा कमाई के लिए नोट छापकर सप्लाई करने लगा।


बाद में सरताज को भी शामिल कर लिया। सरताज को अच्छी गुणवत्ता वाले जाली नोट छापने के लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और अन्य कार्यों की अच्छी जानकारी थी। उसने जाली नोटों को स्कैन करने और छापने के लिए उच्च गुणवत्ता वाला सॉफ्टवेयर खरीदा। दानिश अली ने प्रिंटिंग सेटअप स्थापित करने के लिए सहसवान में व्यवस्था की।

दानिश कर रहा बीयूएमएस

दानिश (24) बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसन एंड सर्जरी (बीयूएमएस) की पढ़ाई कर रहा है। पड़ोसी गांव में रहने के कारण उसकी आसिफ से गहरी दोस्ती हो गई। वह छपाई के लिए कागज, स्याही और डाई सहित कच्चा माल खरीदता था। वहीं, सरताज (25) ने 2014 में स्कूली पढ़ाई बंद कर दी और गांव में कंप्यूटर की दुकान खोल ली। चार साल पहले गांव में सीएससी सेंटर खोल लिया। बाद में आसिफ व दानिश के साथ अपनी सीएससी दुकान पर नोटों की स्कैनिंग आदि करने लगा। आरोपी ने सहसवान में एक परिसर किराए पर ले लिया।

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