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एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह ने 24 घंटे में वापस लिया इस्तीफा-बोलीं, भावावेश में उठाया था यह कदम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 03 Aug 2018 10:31 AM IST
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एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह
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एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह ने गुरुवार देर शाम इस्तीफा वापस ले लिया। उन्होंने बुधवार शाम को आईजी रेंज राजा श्रीवास्तव को त्याग पत्र दिया था। चौबीस घंटे में ही कदम वापस खींच लिए।
एडीजी जोन अजय आनंद से उन्होंने कहा है कि भावावेश में त्याग पत्र दिया था, इसे वापस ले रही हैं। वह देर शाम ही ड्यूटी पर लौट आईं और ऑफिस पहुंच गई।
एक अगस्त को उन्होंने आईजी रेंज को त्याग पत्र खत के माध्यम से भेजा था। इसमें लिखा था कि वह दबाव में हैं, क्योंकि वह आईपीएस अधिकारी नहीं है।
आईजी रेंज ने इसे एडीजी जोन अजय आनंद को भेज दिया। उन्होंने प्रक्रिया के तहत शासन भेज दिया। इस पर कोई निर्णय होने से पहले ही एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह ने इस्तीफा वापस ले लिया।
इसके लिए एडीजी को दिए पत्र में लिखा है, मैंने भावावेश में त्याग पत्र दे दिया था, मैं पूरी निष्ठा के साथ ड्यूटी करना चाहती हूं। इसके बाद वह आफिस पहुंच गई। इससे पहले दिन भर मेडिकल लीव पर रहीं। फोन भी रिसीव नहीं कर रही थीं। अभी भी वह मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।
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एडीजी जोन अजय आनंद से उन्होंने कहा है कि भावावेश में त्याग पत्र दिया था, इसे वापस ले रही हैं। वह देर शाम ही ड्यूटी पर लौट आईं और ऑफिस पहुंच गई।
एक अगस्त को उन्होंने आईजी रेंज को त्याग पत्र खत के माध्यम से भेजा था। इसमें लिखा था कि वह दबाव में हैं, क्योंकि वह आईपीएस अधिकारी नहीं है।
आईजी रेंज ने इसे एडीजी जोन अजय आनंद को भेज दिया। उन्होंने प्रक्रिया के तहत शासन भेज दिया। इस पर कोई निर्णय होने से पहले ही एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह ने इस्तीफा वापस ले लिया।
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इसके लिए एडीजी को दिए पत्र में लिखा है, मैंने भावावेश में त्याग पत्र दे दिया था, मैं पूरी निष्ठा के साथ ड्यूटी करना चाहती हूं। इसके बाद वह आफिस पहुंच गई। इससे पहले दिन भर मेडिकल लीव पर रहीं। फोन भी रिसीव नहीं कर रही थीं। अभी भी वह मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।
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'मैं आईपीएस अधिकारी नहीं हूं'... पर दिनभर चली चर्चा
इस बीच उनके त्याग पत्र के साथ गुरुवार सुबह से शाम पुलिस महकमे में चर्चा इसी पर चलती रही कि उन्होंने त्याग पत्र में ऐसा क्यों लिखा कि वह आईपीएस नहीं है और दबाव में है।
उन पर किस चीज का दबाव था और किसने यह दबाव बनाया था? पुलिस सूत्रों की मानें तो उनसे किसी अधिकारी ने ऐसा बोला था कि वह खुद को आईपीएस अफसर न समझें।
इसी से वह आहत हुईं। आगरा में ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह से बिगड़ी हुई है। इसमें सुधार के लिए भी एसपी ट्रैफिक पर आला अफसर लगातार दबाव बना रहे थे। सुनीता सिंह 1991 बैच की पीपीएस अधिकारी हैं।
दो महीने पहले ही आगरा में एसटी ट्रैफिक के पद पर तैनात की गई थी। इससे पहले नोएडा में एसपी क्राइम रह चुकी हैं। वह गोरखपुर की रहने वाली है।
उन पर किस चीज का दबाव था और किसने यह दबाव बनाया था? पुलिस सूत्रों की मानें तो उनसे किसी अधिकारी ने ऐसा बोला था कि वह खुद को आईपीएस अफसर न समझें।
इसी से वह आहत हुईं। आगरा में ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह से बिगड़ी हुई है। इसमें सुधार के लिए भी एसपी ट्रैफिक पर आला अफसर लगातार दबाव बना रहे थे। सुनीता सिंह 1991 बैच की पीपीएस अधिकारी हैं।
दो महीने पहले ही आगरा में एसटी ट्रैफिक के पद पर तैनात की गई थी। इससे पहले नोएडा में एसपी क्राइम रह चुकी हैं। वह गोरखपुर की रहने वाली है।
जल्द आ सकता है तबादले का आदेश
एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह के पहले त्याग पत्र देने और फिर वापस ले लिए जाने को शासन ने गंभीरता से लिया है। इस पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच कराई जा रही है। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि आला अफसर फिलहाल यही मान रहे हैं कि सुनीता सिंह ने जल्दबाजी में यह कदम उठाया।
उनके इस रवैये से शासन नाराज है। एक तो उन्होंने किसी अधिकारी से इस बारे में बात नहीं की । दूसरा, अगर उन्हें कोई पीड़ा थी तो इसे साझा क्यों नहीं किया ? शासन उनके रवैये से नाराज बताया जा रहा है। जल्द ही उनका आगरा से तबादले का आदेश आ सकता है।
- आगरा की एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह ने त्याग पत्र वापस ले लिया है। उन्होंने कहा है कि यह कदम भावावेश में उठाया था। इसी के साथ इस प्रकरण का पटाक्षेप हो गया है
- अजय आनंद, एडीजी जोन आगरा
उनके इस रवैये से शासन नाराज है। एक तो उन्होंने किसी अधिकारी से इस बारे में बात नहीं की । दूसरा, अगर उन्हें कोई पीड़ा थी तो इसे साझा क्यों नहीं किया ? शासन उनके रवैये से नाराज बताया जा रहा है। जल्द ही उनका आगरा से तबादले का आदेश आ सकता है।
- आगरा की एसपी ट्रैफिक सुनीता सिंह ने त्याग पत्र वापस ले लिया है। उन्होंने कहा है कि यह कदम भावावेश में उठाया था। इसी के साथ इस प्रकरण का पटाक्षेप हो गया है
- अजय आनंद, एडीजी जोन आगरा