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खुशखबरः एसएन मेडिकल कॉलेज में तीन साल से रुके थे काम, अब होंगे ऐसे शुरू
Tue, 12 Nov 2019 10:59 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 12 Nov 2019 10:59 AM IST
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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एसएन मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से अटके तीन कार्यों के लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। इससे रुके हुए कार्य शुरू हो सकेंगे। इसमें फायर फाइटिंग सिस्टम, सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन सिस्टम और फार्मेसी विभाग का जीर्णोद्धार होना है।
ये प्रोजेक्ट बजट के अभाव में दो-तीन साल से रुके हुए हैं। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का बजट मिला है, जिनसे लंबित योजनाओं को पूरा कराया जाएगा।
फायर फाइटिंग सिस्टम: सभी विभाग और पुरानी इमारतों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके लिए पाइप लाइन बिछ चुकी है। दूसरी किस्त न मिलने के चलते यह योजना दो साल से बंद पड़ी थी। इसके शुरू होने से किसी भी आग की घटना पर काबू पाने के लिए अत्याधुनिक उपकरण होंगे।
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ये प्रोजेक्ट बजट के अभाव में दो-तीन साल से रुके हुए हैं। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का बजट मिला है, जिनसे लंबित योजनाओं को पूरा कराया जाएगा।
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फायर फाइटिंग सिस्टम: सभी विभाग और पुरानी इमारतों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके लिए पाइप लाइन बिछ चुकी है। दूसरी किस्त न मिलने के चलते यह योजना दो साल से बंद पड़ी थी। इसके शुरू होने से किसी भी आग की घटना पर काबू पाने के लिए अत्याधुनिक उपकरण होंगे।
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सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन: घड़ी वाली इमारत इमरजेंसी, वक्ष एवं क्षय रोग, बाल रोग विभाग में भी सेंट्रल ऑक्सीजन सेवा के लिए पाइप फिटिंग हो सकेगी।
अभी नई बनी इमारतों में ही यह सुविधा है। ऑक्सीजन सप्लाई को 15 हजार और 12 हजार किलोलीटर की क्षमता के टैंक रहे हैं। इससे सिलिंडर का झंझट खत्म होगा।
फार्मेसी विभाग का जीर्णोद्धार: बजट से इमारत की मरम्मत होगी। प्रयोगशाला के लिए उपकरण भी आएंगे। बजट के अभाव में दो साल से जीर्णोद्धार कार्य रुका हुआ है। इससे फार्मेसी के छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
अभी नई बनी इमारतों में ही यह सुविधा है। ऑक्सीजन सप्लाई को 15 हजार और 12 हजार किलोलीटर की क्षमता के टैंक रहे हैं। इससे सिलिंडर का झंझट खत्म होगा।
फार्मेसी विभाग का जीर्णोद्धार: बजट से इमारत की मरम्मत होगी। प्रयोगशाला के लिए उपकरण भी आएंगे। बजट के अभाव में दो साल से जीर्णोद्धार कार्य रुका हुआ है। इससे फार्मेसी के छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।